एक दुल्हन की दो बार विदाई: दूल्हे ने एक माह बाद पूरा किया वादा...दूसरी बार हेलीकॉप्टर से लेने पहुंचा दुल्हनिया
यह अनोखी विदाई सिर्फ परिवार के लिए ही नहीं बल्कि पूरे गांव के लिए एक ऐतिहासिक बन गई। गांव में मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई।
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शादी की विदाई तो हर लड़की के जीवन का सबसे भावुक पल होता है, लेकिन जब विदाई उड़नखटोले यानी हेलीकॉप्टर से हो तो यह पल और भी यादगार बन जाता है। ऐसा ही अनोखा नजारा मंगलवार को मसूरी थाना क्षेत्र के ग्राम अमीपुर बडायला में देखने को मिला, जब दूल्हा नवीन राघव अपनी दुल्हन सुरभि तोमर को हेलीकॉप्टर में विदा कराने गांव में पहुंचा।
दरअसल, नवीन की शादी 26 फरवरी 2025 को सुरभि से हुई थी और 27 फरवरी को हेलीकॉप्टर से विदाई होनी थी, लेकिन खराब मौसम के कारण हेलीकॉप्टर नहीं पहुंच पाया। तब दुल्हन को फॉर्च्यूनर कार से विदा किया गया था। तब नवीन ने वादा किया था कि वह अपनी दुल्हन को हेलीकॉप्टर से ही विदा कराएगा। अपने इस वादे को निभाने के लिए उसने फिर से हेलीकॉप्टर बुक किया और 25 मार्च 2025 को ग्राम अमीपुर बडायला के जंगल में पहले से बने हेलीपैड पर उतारा।
दुल्हन की विदाई बनी खास
मंगलवार सुबह 11:30 बजे जब हेलीकॉप्टर ग्राम अमीपुर बडायला पहुंचा तो पूरे गांव में जश्न का माहौल बन गया। ग्रामीणों की भारी भीड़ इस अनोखी विदाई को देखने के लिए उमड़ पड़ी। लोग अपने मोबाइल से वीडियो और फोटो लेने में मशगूल नजर आए। दूल्हा-दुल्हन हेलीकॉप्टर में बैठे और पूरे जोश के साथ विदाई की यह अनोखी रस्म पूरी हुई।
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नवीन का सपना हुआ पूरा
हेलीकॉप्टर में बैठने से पहले दूल्हा नवीन ने कहा कि यह हमारे परिवार की परम्परा रही है कि दुल्हन को खास तरीके से विदा किया जाए। बचपन से ही मेरा सपना था कि मेरी दुल्हन की विदाई हेलीकॉप्टर से हो। जब पहली बार मौसम के कारण यह सम्भव नहीं हो सका तो मैंने दोबारा अपनी नवविवाहिता को हेलीकॉप्टर से ही ले जाने की ठानी और आज मैं अपने सपने को पूरा कर रहा हूं। नवीन का परिवार मूल रूप से गुरुग्राम का रहने वाला है लेकिन पिछले 20 सालों से मेरठ के ईशापुरम मवाना रोड में रह रहे हैं।
सुरभि की खुशी का ठिकाना नहीं
नवविवाहित सुरभि भी इस भव्य विदाई से बेहद खुश नजर आईं। उन्होंने कहा कि मुझे यकीन नहीं हो रहा कि मेरी विदाई हेलीकॉप्टर से हो रही है। यह मेरे लिए किसी परीकथा जैसी विदाई है। मेरे पति ने जो वादा किया था वह आज पूरा हुआ और यह मेरी जिंदगी का सबसे यादगार पल बन गया है। पांच सीटर हेलीकॉप्टर में पायलट, को-पायलट व दूल्हा-दुल्हन के साथ दूल्हे के दोस्त ने उड़ान भरी।
गांव में खुशी की लहर
यह अनोखी विदाई सिर्फ परिवार के लिए ही नहीं बल्कि पूरे गांव के लिए एक ऐतिहासिक बन गई। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने पहली बार किसी शादी में हेलीकॉप्टर का उपयोग होते देखा। इस भव्य विदाई को देखने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंचे थे।
कौन हैं नवीन और सुरभि?
दूल्हा नवीन राघव मेरठ के ईशापुरम मवाना रोड निवासी है और गुड़गांव में एक बड़ा रियल एस्टेट कारोबारी है। दुल्हन सुरभि तोमर ग्राम अमीपुर बडायला मसूरी गाजियाबाद की रहने वाली है। सुरभि ने एमबीए की पढ़ाई करके मेरठ की प्राइवेट यूनिवर्सिटी में फाइनेंस डिपार्टमेंट में नौकरी करती है। इनके पिता अनिल कुमार तोमर एक किसान हैं और उनकी माता अर्चना तोमर गृहिणी हैं। यह अनोखी शादी और विदाई क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है। यह पहली बार नहीं है जब किसी शादी में हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल हुआ हो, लेकिन यह विदाई खास इसलिए थी क्योंकि यह दुल्हे का सपना था जो अब हकीकत में बदल गया। हेलीपैड जो गांव के बाहर बनाया गया था वहां भारी पुलिस बल के अलावा फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी भी मौजूद रही।
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