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बहनें बेबस ः किसी को बस नहीं मिली तो किसी को सीट
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बहनें बेबस : किसी को बस नहीं मिली तो किसी को सीट
साहिबाबाद/गाजियाबाद। रक्षाबंधन से एक दिन पहले यातायात की व्यवस्था दिखी। भाई को राखी बांधने के लिए सफर पर निकली बहनें बेबस नजर आईं। किसी को बस नहीं मिली तो किसी को सीट। सफर खड़े होकर ही तय करना पड़ा। बस पकड़ना भी आसान नहीं था। धक्कामुक्की से गुजरना पड़ा। बारिश में घंटों इंतजार ने परेशान कर दिया। बस अड्डों से लेकर स्टॉपेज तक यात्रियों की तो भरमार थी, लेकिन बस मिलना और उसमें सीट लेना मुश्किल हो गया।
शनिवार को कौशांबी और आनंद विहार अंतरराज्यीय बस अड्डे का नजारा आम दिनों से बिल्कुल अलग था। सुबह से शाम तक यात्रियों की भीड़ कम नहीं हुई। 200 अतिरिक्त बसों का संचालन होने के बाद भी यात्रियों को सफर के लिए परेशान होना पड़ा। भीड़ बढ़ने से बसों में पैर रखने तक की जगह नहीं थी। कई बसों में चढ़ने को लेकर यात्रियों के बीच धक्कामुक्की भी हुई।
बारिश से जाम में फंसी बसें
अधिकारियों को बरेली, मेरठ, मुरादाबाद, बदायूं, आगरा आदि रूटों पर ऑन डिमांड अतिरिक्त बस भी उतारनी पड़ी। यात्रियों की भीड़ को देखकर परेशान बहनें खाली बसों के इंतजार में खड़ी रहीं। अधिकारियों की माने तो बारिश के चलते लगे जाम में बसें फंस गई। इसके चलते देरी से बसें बस अड्डे पर आई। आरएम एके सिंह ने बताया कि इस बार गाजियाबाद रीजन की सभी 735 बसें ऑन रोड की गई हैं। इसके साथ ही 200 अतिरिक्त बसों का संचालन विभाग की तरफ से किया जा रहा है। यात्रियों की संख्या को देखते हुए तत्काल यात्रियों के लिए बस की व्यवस्था की जा रही है। जाम के चलते बसें देरी से बस अड्डे पर पहुंचने के चलते यात्रियों को इंतजार करना पड़ा।
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एसी के टिकट ऑनलाइन फुल
ट्रेनों में जगह नहीं मिलने से काफी संख्या में यात्रियों को बसों का सहारा लेना पड़ा। यात्रियों ने एसी बसों में सफर करने की सोची, लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला। बरेली, बदायूं, मुरादाबाद, लखनऊ आदि जाने वाली जनरथ और शताब्दी बसों में पहले से ही टिकट ऑनलाइन बुक हो चुके थे। इसकी वजह से यात्रियों को मजबूरन साधारण बसों में सफर करना पड़ा।
दो रूट पर चलीं बसें
पुराना बस अड्डा से केवल बुलंदशहर और मेरठ के लिए बसें संचालित होती हैं। दोनों रूट पर 50 बसें संचालित होती हैं। इसमें 28 बसें बुलंदशहर और 22 बसें मेरठ के लिए चलती हैं। रोडवेज बस अड्डे के अलावा लाल कुआं, जीटी रोड, मेरठ रोड, हापुड़ रोड पर सवारियां खड़े होकर बसों का इंतजार करती रहीं।
पुलिस बल रहा तैनात
महिलाओं की सुरक्षा के लिए रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड जैसे भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर दिनभर पुलिस तैनात रही। पुलिस ने आने-जाने वाले यात्रियों व उनके सामान की चेकिंग भी की। इसके अलावा संदिग्ध जगहों पर महिला पुलिस सहित अतिरिक्त पुलिस बल की भी तैनाती की गई।
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साहिबाबाद/गाजियाबाद। रक्षाबंधन से एक दिन पहले यातायात की व्यवस्था दिखी। भाई को राखी बांधने के लिए सफर पर निकली बहनें बेबस नजर आईं। किसी को बस नहीं मिली तो किसी को सीट। सफर खड़े होकर ही तय करना पड़ा। बस पकड़ना भी आसान नहीं था। धक्कामुक्की से गुजरना पड़ा। बारिश में घंटों इंतजार ने परेशान कर दिया। बस अड्डों से लेकर स्टॉपेज तक यात्रियों की तो भरमार थी, लेकिन बस मिलना और उसमें सीट लेना मुश्किल हो गया।
शनिवार को कौशांबी और आनंद विहार अंतरराज्यीय बस अड्डे का नजारा आम दिनों से बिल्कुल अलग था। सुबह से शाम तक यात्रियों की भीड़ कम नहीं हुई। 200 अतिरिक्त बसों का संचालन होने के बाद भी यात्रियों को सफर के लिए परेशान होना पड़ा। भीड़ बढ़ने से बसों में पैर रखने तक की जगह नहीं थी। कई बसों में चढ़ने को लेकर यात्रियों के बीच धक्कामुक्की भी हुई।
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बारिश से जाम में फंसी बसें
अधिकारियों को बरेली, मेरठ, मुरादाबाद, बदायूं, आगरा आदि रूटों पर ऑन डिमांड अतिरिक्त बस भी उतारनी पड़ी। यात्रियों की भीड़ को देखकर परेशान बहनें खाली बसों के इंतजार में खड़ी रहीं। अधिकारियों की माने तो बारिश के चलते लगे जाम में बसें फंस गई। इसके चलते देरी से बसें बस अड्डे पर आई। आरएम एके सिंह ने बताया कि इस बार गाजियाबाद रीजन की सभी 735 बसें ऑन रोड की गई हैं। इसके साथ ही 200 अतिरिक्त बसों का संचालन विभाग की तरफ से किया जा रहा है। यात्रियों की संख्या को देखते हुए तत्काल यात्रियों के लिए बस की व्यवस्था की जा रही है। जाम के चलते बसें देरी से बस अड्डे पर पहुंचने के चलते यात्रियों को इंतजार करना पड़ा।
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एसी के टिकट ऑनलाइन फुल
ट्रेनों में जगह नहीं मिलने से काफी संख्या में यात्रियों को बसों का सहारा लेना पड़ा। यात्रियों ने एसी बसों में सफर करने की सोची, लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला। बरेली, बदायूं, मुरादाबाद, लखनऊ आदि जाने वाली जनरथ और शताब्दी बसों में पहले से ही टिकट ऑनलाइन बुक हो चुके थे। इसकी वजह से यात्रियों को मजबूरन साधारण बसों में सफर करना पड़ा।
दो रूट पर चलीं बसें
पुराना बस अड्डा से केवल बुलंदशहर और मेरठ के लिए बसें संचालित होती हैं। दोनों रूट पर 50 बसें संचालित होती हैं। इसमें 28 बसें बुलंदशहर और 22 बसें मेरठ के लिए चलती हैं। रोडवेज बस अड्डे के अलावा लाल कुआं, जीटी रोड, मेरठ रोड, हापुड़ रोड पर सवारियां खड़े होकर बसों का इंतजार करती रहीं।
पुलिस बल रहा तैनात
महिलाओं की सुरक्षा के लिए रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड जैसे भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर दिनभर पुलिस तैनात रही। पुलिस ने आने-जाने वाले यात्रियों व उनके सामान की चेकिंग भी की। इसके अलावा संदिग्ध जगहों पर महिला पुलिस सहित अतिरिक्त पुलिस बल की भी तैनाती की गई।