{"_id":"5d90fd3c8ebc3e013662b48a","slug":"ghaziyabad-news-ghaziabad-news-gbd185439034","type":"story","status":"publish","title_hn":"कागजों में होते रहे ध्वस्तीकरण के आदेश, कार्रवाई में रहे पीछे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कागजों में होते रहे ध्वस्तीकरण के आदेश, कार्रवाई में रहे पीछे
विज्ञापन
जीडीए का हाल : कागजों में होते रहे ध्वस्तीकरण के आदेश, कार्रवाई में रहे पीछे
गाजियाबाद। शहर में अवैध निर्माण यूं ही खड़े नहीं हुए, जीडीए अधिकारियों की लापरवाही से इन्हें बढ़ावा मिला। इसकी पुष्टि खुद जीडीए की रिपोर्ट कर रही है। बीते करीब डेढ़ साल में जीडीए के इंजीनियरों को 1233 अवैध निर्माण ध्वस्तीकरण के आदेश दिए गए, लेकिन तोड़े गए सिर्फ 474 निर्माण। यानी ध्वस्तीकरण के महज 38 फीसदी आदेशों पर ही अमल हो सका है।
जीडीए की रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल 2018 से अगस्त 2019 सीलिंग और ध्वस्तीकरण के लिए जीडीए ने 2237 अवैध निर्माण चिह्नित किए। वर्ष 2018-19 में 1683 और वर्तमान वर्ष में अगस्त माह तक 554 अवैध निर्माण चिह्नित किए गए। इनमें से 1233 अवैध निर्माण को ध्वस्त करने के आदेश जारी किए गए थे। इनमें बीते साल 963 अवैध निर्माण तोड़ने थे, लेकिन 323 ही तोड़े गए। वर्तमान वित्तीय वर्ष में अगस्त तक 270 में से महज 151 निर्माण तोड़ने की कार्रवाई की गई। इस डेढ़ साल में 863 अवैध निर्माण सील कर 143 लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई। रिपोर्ट के मुताबिक 759 अवैध निर्माण के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई अभी भी लंबित हैं। ध्वस्तीकरण के यह आदेश सिर्फ फाइलों में बंद होकर रह गए हैं।
--
वित्तीय वर्ष-- अवैध निर्माण चिन्हित-- ध्वस्तीकरण आदेश-- ध्वस्त निर्माण-- सील निर्माण-एफआईआर
2018-19-- 1683 -- 963 -- 323 -- 692 -- 62
2019-20(अगस्त 19)--554 -- 270 -- 151 -- 171 -- 81
--
वर्जन
अवैध निर्माण को लेकर सभी अधिकारी गंभीर है। बीते दिनों कई बड़ी कार्रवाई की गई है। कई बार पुलिस बल न मिल पाने के कारण कार्रवाई नहीं हो पाती, लेकिन ऐसा नहीं है कि उन्हें छोड़ दिया गया। जिन निर्माण के ध्वस्तीकरण के आदेश दिए गए हैं, उन पर कार्रवाई जरूर होगी। - संतोष कुमार राय, सचिव, जीडीए
विज्ञापन
विज्ञापन
गाजियाबाद। शहर में अवैध निर्माण यूं ही खड़े नहीं हुए, जीडीए अधिकारियों की लापरवाही से इन्हें बढ़ावा मिला। इसकी पुष्टि खुद जीडीए की रिपोर्ट कर रही है। बीते करीब डेढ़ साल में जीडीए के इंजीनियरों को 1233 अवैध निर्माण ध्वस्तीकरण के आदेश दिए गए, लेकिन तोड़े गए सिर्फ 474 निर्माण। यानी ध्वस्तीकरण के महज 38 फीसदी आदेशों पर ही अमल हो सका है।
जीडीए की रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल 2018 से अगस्त 2019 सीलिंग और ध्वस्तीकरण के लिए जीडीए ने 2237 अवैध निर्माण चिह्नित किए। वर्ष 2018-19 में 1683 और वर्तमान वर्ष में अगस्त माह तक 554 अवैध निर्माण चिह्नित किए गए। इनमें से 1233 अवैध निर्माण को ध्वस्त करने के आदेश जारी किए गए थे। इनमें बीते साल 963 अवैध निर्माण तोड़ने थे, लेकिन 323 ही तोड़े गए। वर्तमान वित्तीय वर्ष में अगस्त तक 270 में से महज 151 निर्माण तोड़ने की कार्रवाई की गई। इस डेढ़ साल में 863 अवैध निर्माण सील कर 143 लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई। रिपोर्ट के मुताबिक 759 अवैध निर्माण के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई अभी भी लंबित हैं। ध्वस्तीकरण के यह आदेश सिर्फ फाइलों में बंद होकर रह गए हैं।
विज्ञापन
--
वित्तीय वर्ष-- अवैध निर्माण चिन्हित-- ध्वस्तीकरण आदेश-- ध्वस्त निर्माण-- सील निर्माण-एफआईआर
2018-19-- 1683 -- 963 -- 323 -- 692 -- 62
2019-20(अगस्त 19)--554 -- 270 -- 151 -- 171 -- 81
--
वर्जन
अवैध निर्माण को लेकर सभी अधिकारी गंभीर है। बीते दिनों कई बड़ी कार्रवाई की गई है। कई बार पुलिस बल न मिल पाने के कारण कार्रवाई नहीं हो पाती, लेकिन ऐसा नहीं है कि उन्हें छोड़ दिया गया। जिन निर्माण के ध्वस्तीकरण के आदेश दिए गए हैं, उन पर कार्रवाई जरूर होगी। - संतोष कुमार राय, सचिव, जीडीए
विज्ञापन