{"_id":"5d90fd3d8ebc3e93a45fcf9b","slug":"ghaziyabad-news-ghaziabad-news-gbd185426796","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिटी जोन के टैक्स कर्मचारियों पर फिर लगे भ्रष्टाचार के आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिटी जोन के टैक्स कर्मचारियों पर फिर लगे भ्रष्टाचार के आरोप
विज्ञापन
सिटी जोन के टैक्स कर्मचारियों पर फिर लगे भ्रष्टाचार के आरोप
गाजियाबाद। नगर निगम के सिटी जोन में टैक्स कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। मालीवाड़ा निवासी व्यक्ति ने हाउस टैक्स के बढ़े बिल को कम करने की एवज में दो कर्मचारियों पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाया है। पीड़ित का आरोप है कि रिश्वत की रकम न देने पर टैक्स कर्मचारियों ने गाली-गलौज और मारपीट भी की। उन्होंने नगर आयुक्त और प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर कर्मचारियों की शिकायत की है।
मालीवाड़ा निवासी शिकायतकर्ता अशोक कुमार सैनी का कहना है कि उनका 6366 रुपये का हाउस टैक्स बिल बकाया था। आर्थिक परेशानी के कारण व बिल जमा नहीं कर सके थे। इसके बाद निगम अधिकारियों ने लाखों का हाउस टैक्स बिल भेजना शुरू कर दिया। 2019-20 में निगम ने 6.97 लाख का बिल भेजा। हाउस टैक्स प्रार्थी के नाम पर आता है, इसके चलते उनकी मां ने सिटी जोन में जाकर टैक्स कर्मचारियों से शिकायत की। टैक्स अधिकारी ने टैक्स की रकम घटाकर 78982 रुपये कर दी। इसके बाद 23 सितंबर को वह सिटी जोन में टैक्स अधिकारी से मिलने पहुंचे और बिल और कम किए जाने की मांग की तो एक कर्मचारी ने उन्हें कहा कि बिल की रकम 15 से 20 हजार के बीच हो जाएगी, लेकिन इसके लिए 20 हजार रुपये अलग से देने पड़ेंगे। रिश्वत देने से इंकार करने और टैक्स बिल ज्यादा भेजने का विरोध किया तो उन्होंने अभद्रता शुरू कर दी। आरोप है कि एक अधिकारी ने मकान की कुर्की कराने की धमकी भी दी। उन्होंने प्रधानमंत्री और नगर आयुक्त को शिकायती पत्र भेजकर आरोपी कर्मचारी पर कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन
गाजियाबाद। नगर निगम के सिटी जोन में टैक्स कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। मालीवाड़ा निवासी व्यक्ति ने हाउस टैक्स के बढ़े बिल को कम करने की एवज में दो कर्मचारियों पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाया है। पीड़ित का आरोप है कि रिश्वत की रकम न देने पर टैक्स कर्मचारियों ने गाली-गलौज और मारपीट भी की। उन्होंने नगर आयुक्त और प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर कर्मचारियों की शिकायत की है।
मालीवाड़ा निवासी शिकायतकर्ता अशोक कुमार सैनी का कहना है कि उनका 6366 रुपये का हाउस टैक्स बिल बकाया था। आर्थिक परेशानी के कारण व बिल जमा नहीं कर सके थे। इसके बाद निगम अधिकारियों ने लाखों का हाउस टैक्स बिल भेजना शुरू कर दिया। 2019-20 में निगम ने 6.97 लाख का बिल भेजा। हाउस टैक्स प्रार्थी के नाम पर आता है, इसके चलते उनकी मां ने सिटी जोन में जाकर टैक्स कर्मचारियों से शिकायत की। टैक्स अधिकारी ने टैक्स की रकम घटाकर 78982 रुपये कर दी। इसके बाद 23 सितंबर को वह सिटी जोन में टैक्स अधिकारी से मिलने पहुंचे और बिल और कम किए जाने की मांग की तो एक कर्मचारी ने उन्हें कहा कि बिल की रकम 15 से 20 हजार के बीच हो जाएगी, लेकिन इसके लिए 20 हजार रुपये अलग से देने पड़ेंगे। रिश्वत देने से इंकार करने और टैक्स बिल ज्यादा भेजने का विरोध किया तो उन्होंने अभद्रता शुरू कर दी। आरोप है कि एक अधिकारी ने मकान की कुर्की कराने की धमकी भी दी। उन्होंने प्रधानमंत्री और नगर आयुक्त को शिकायती पत्र भेजकर आरोपी कर्मचारी पर कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन