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निजी लैब ने बेटे की दी गलत जांच रिपोर्ट, बुजुर्ग मां-बाप हुए बीमार
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निजी लैब ने बेटे की दी गलत जांच रिपोर्ट, बुजुर्ग मां-बाप हुए बीमार
गाजियाबाद। बेटे की जांच रिपोर्ट लैब ने गलत बताई तो सदमे से बुजुर्ग माता-पिता की तबीयत बिगड़ गई। तीन अलग-अलग लैब में जांच कराने के बाद रिपोर्ट सामान्य बताई गई। निजी लैब द्वारा गलत रिपोर्ट देने के मामले में पीड़ित ने सीएमओ से शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग की है। सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधार ने अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुनील त्यागी को इसकी जांच सौंपी है।
नेहरूनगर तृतीय में रहने वाले सुभाष चंद शर्मा ने सीएमओ को शिकायत कर बताया कि डॉक्टर ने उन्हें खून जांच कराने की सलाह दी थी। पांच मार्च को राकेश मार्ग स्थित निजी पैथोलॉजी लैब पर खून का नमूना दिया था। उसी दिन रिपोर्ट मिल गई। लैब की जांच रिपोर्ट डॉक्टर को दिखाई तो उन्होंने बताया कि रिपोर्ट के अनुसार गुर्दा खराब होने के साथ ही दिल की बीमारी भी बढ़ी है। रिपोर्ट में खून में यूरिया, यूरिक एसिड, क्रिएटिनिन, कॉलेस्ट्राल सीरम अधिक मात्रा में बताया गया। डॉक्टर ने डायलिसिस या गुर्दे का ट्रांसप्लांट की सलाह भी रिपोर्ट देखकर दे डाली और अल्ट्रासाउंड कराने को कहा। डॉक्टर द्वारा रिपोर्ट के बारे में बताने पर सुभाष परेशान हो गए। उन्होंने घर पर अपने बुजुर्ग माता-पिता को यह बात बताई। सुभाष ने सीएमओ को बताया कि उनके मां का तीन दिन पहले दिल का ऑपरेशन हुआ था। बेटे के गुर्दा खराब होने की जानकारी मिलने पर माता और पिता दोनों की हालत बिगड़ गई। दोनों को डॉक्टर के पास ले जाना पड़ा। उनकी हालत में सुधार होने पर सुभाष अल्ट्रासाउंड कराने गए और वहीं पर गुर्दे की जांच के लिए दोबारा खून का नमूना दिया। उसमें पूरी जांच सामान्य पाई गई। इसके बाद सुभाष ने दो और निजी लैब पर अपनी जांच कराई। सभी जगह रिपोर्ट सामान्य पाई गई। सुभाष शर्मा ने इस मामले में सीएमओ से शिकायत करके लैब का लाइसेंस रद किए जाने की मांग की है।
मामले की जांच कर रहे अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुनील त्यागी ने बताया कि संबंधित लैब को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसके साथ ही जांच रिपोर्ट तलब की गई है। अगर रिपोर्ट में फर्जीवाड़ा पाया गया तो लैब सील कर दी जाएगी।
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गाजियाबाद। बेटे की जांच रिपोर्ट लैब ने गलत बताई तो सदमे से बुजुर्ग माता-पिता की तबीयत बिगड़ गई। तीन अलग-अलग लैब में जांच कराने के बाद रिपोर्ट सामान्य बताई गई। निजी लैब द्वारा गलत रिपोर्ट देने के मामले में पीड़ित ने सीएमओ से शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग की है। सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधार ने अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुनील त्यागी को इसकी जांच सौंपी है।
नेहरूनगर तृतीय में रहने वाले सुभाष चंद शर्मा ने सीएमओ को शिकायत कर बताया कि डॉक्टर ने उन्हें खून जांच कराने की सलाह दी थी। पांच मार्च को राकेश मार्ग स्थित निजी पैथोलॉजी लैब पर खून का नमूना दिया था। उसी दिन रिपोर्ट मिल गई। लैब की जांच रिपोर्ट डॉक्टर को दिखाई तो उन्होंने बताया कि रिपोर्ट के अनुसार गुर्दा खराब होने के साथ ही दिल की बीमारी भी बढ़ी है। रिपोर्ट में खून में यूरिया, यूरिक एसिड, क्रिएटिनिन, कॉलेस्ट्राल सीरम अधिक मात्रा में बताया गया। डॉक्टर ने डायलिसिस या गुर्दे का ट्रांसप्लांट की सलाह भी रिपोर्ट देखकर दे डाली और अल्ट्रासाउंड कराने को कहा। डॉक्टर द्वारा रिपोर्ट के बारे में बताने पर सुभाष परेशान हो गए। उन्होंने घर पर अपने बुजुर्ग माता-पिता को यह बात बताई। सुभाष ने सीएमओ को बताया कि उनके मां का तीन दिन पहले दिल का ऑपरेशन हुआ था। बेटे के गुर्दा खराब होने की जानकारी मिलने पर माता और पिता दोनों की हालत बिगड़ गई। दोनों को डॉक्टर के पास ले जाना पड़ा। उनकी हालत में सुधार होने पर सुभाष अल्ट्रासाउंड कराने गए और वहीं पर गुर्दे की जांच के लिए दोबारा खून का नमूना दिया। उसमें पूरी जांच सामान्य पाई गई। इसके बाद सुभाष ने दो और निजी लैब पर अपनी जांच कराई। सभी जगह रिपोर्ट सामान्य पाई गई। सुभाष शर्मा ने इस मामले में सीएमओ से शिकायत करके लैब का लाइसेंस रद किए जाने की मांग की है।
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मामले की जांच कर रहे अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुनील त्यागी ने बताया कि संबंधित लैब को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसके साथ ही जांच रिपोर्ट तलब की गई है। अगर रिपोर्ट में फर्जीवाड़ा पाया गया तो लैब सील कर दी जाएगी।
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