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कर चोरी के खेल में 120 फर्मों पर जांच का शिकंजा

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 20 Jun 2021 12:52 AM IST
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amar ujala - फोटो : amar ujala
कर चोरी के खेल में 120 फर्मों पर जांच का शिकंजा
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अरुण चट्ठा
गाजियाबाद। फर्जी दस्तावेज के आधार पर सरकारी खजाने को चूना लगाने वाली 120 फर्में केंद्रीय और राज्य सरकार से जुड़ी जांच एजेंसियों घेरे में फंसी हैं। केंद्रीय जीएसटी, स्टेट जीएसटी के साथ ही डीजीजीआई (डायरेक्ट्रेट जनरल ऑफ सेंट्रल जीएसटी इंटेलिजेंस) ने कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर थमने के बाद इन फर्मों की छानबीन शुरू कर दी है। इनमें से अधिकांश फर्में वो हैं, जिन्होंने फर्जी तरीके से सामान की खरीद बिक्री दिखाकर विभाग से आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) क्लेम किया। शुरूआती छानबीन में एजेंसियों को पता चला है कि जिन पतों पर इनका पंजीकरण कराया गया है वो उन पतों पर कोई उस नाम की फर्म संचालित नहीं है।
बीते डेढ़ वर्ष में सेंट्रल जीएसटी विभाग की टीम ने 150 करोड़ की टैक्स चोरी के मामलों को पकड़ा। इनमें 21 करोड़ रुपये रुपये की धनराशि जमा भी करा ली गई। शेष रिकवरी के मामले अपील में है, जिन पर सुनवाई हो रही है। इस अवधि में सात फर्मों से जुड़े 11 लोगों को जेल भेजा गया, लेकिन मामला जेल भेजे जाने से खत्म नहीं हुआ, जिन फर्मों को इनकी तरफ से सामान की खरीद बिक्री दिखाई गई, जब उनकी जांच की गई तो पता चला कि वो भी अस्तित्व में नहीं हैं। इनमें उत्तराखंड, दिल्ली, नोएडा, मेरठ, हरियाणा, पंजाब, मुंबई तक की फर्म शामिल हैं, जिन्होंने गाजियाबाद से जुड़ी फर्मों के साथ अपना कारोबार दिखाया। इन सभी फर्मों से अपना सालाना टर्नओवर दो से 20 करोड़ रुपये के बीच में दिखाया है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि इन सभी फर्मों को एक समान अवधि के बीच में खड़ा किया गया है। अब विभाग पूरे मामले में गहनता से जांच कर रहा है। जल्द ही इन फर्मों से जुड़े लोगों की गिरफ्तारी भी हो सकती है। सेंट्रल जीएसटी ऐसी 70 से अधिक फर्मों की जांच कर रही है। जबकि स्टेट जीएसटी 30 और डीजीजीआई भी 20 से अधिक फर्मों का रिकॉर्ड खंगाल रही है।
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हर तरह के कारोबार में घुसी हैं फर्जी फर्में
बीते एक साल पहले तक सबसे ज्यादा फर्जी फर्में लोहा व स्टील से जुड़े कारोबार में लिप्त पाई गई थी लेकिन बीते एक साल में करीब 600 फर्में सेंट्रल जीएसटी की टीम ने पकड़ी है, जिसमें लोहा-स्टील, पेपर, प्लास्टिक, कपड़ा, हार्डवेयर, सीमेंट, स्पेयर पार्ट, केमिकल, दवाएं व अन्य तरह के सामान की खरीद बिक्री दिखाई।
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स्टेट जीएसटी ने 203 फर्में पकड़ीं, 40 से अधिक की जांच
कोरोना की दूसरी लहर थमने के बाद स्टेट और सेंट्रल जीएसटी के बीच में भी पत्राचार बढ़ गया है। दोनों ही विभाग ऐसे फर्मों के बारे में जानकारी साझा कर रहे हैं। अभी तक स्टेट जीएसटी ने 203 फर्जी कंपनी पकड़ी है, जिसमें गिरफ्तारी के बाद रिकवरी की कार्रवाई हुई है। अब विभाग को 30 फर्जी फर्मों की जांच कर रहा है।

फर्जी तरीके से आईटीसी क्लेम
मौजूदा समय में टैक्स चोरी में फर्जी फर्मों द्वारा सामूहिक रुप से कारोबार दिखाकर टर्नओवर के आधार फर्जी तरीके से आईटीसी क्लेम करने का चलन सबसे ज्यादा प्रचलित है। इन सभी फर्मों में एक या एक से अधिक लोग शामिल होता है जो अलग-अलग राज्य के पते पर फर्जी दस्तावेज के आधार पर फर्म बनाते हैं और फिर बिना सामान का आदान-प्रदान करे। ई-वे बिल बनाकर सामान की खरीद बिक्री दिखाते हैं। इस तरह से एक सामान पांच से सात फर्मों के बीच खरीदा-बेचा दिखाया जाता है और फिर फर्जी तरीके से आईटीसी क्लेम करते हैं। यानी सीधे तौर पर सरकार को चूना लगा देते हैं।
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