{"_id":"631654984073ee431d6ddf38","slug":"ghaziabad-ghaziabad-news-gbd2440756175","type":"story","status":"publish","title_hn":"गलत इंजेक्शन लगाने से आठ साल के बच्चे की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गलत इंजेक्शन लगाने से आठ साल के बच्चे की मौत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गलत इंजेक्शन लगाने से आठ साल के बच्चे की मौत
गाजियाबाद। लोनी में गलत इंजेक्शन लगने से आठ साल के बच्चे की मौत का मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि झोलाछाप के गलत इलाज की वजह से बच्चे की मौत हुई है। 10 दिन बाद जब परिजनों ने तहसील दिवस में इसकी शिकायत की तो स्वास्थ्य विभाग को मामले की जानकारी हुई। अब विभाग झोलाछाप के खिलाफ एफआईआर कराने की तैयारी में है।
इलायचीपुर स्थित ताज हाइट्स कालोनी के रहने वाले रवि कुमार ने बताया कि 25 अगस्त को पत्नी आठ वर्षीय बेटे वंशु को फोड़े-फुंसी का इलाज कराने के लिए सरस्वती क्लीनिक गई थी। वहां झोलाछाप गौतम ने बच्चे को दवा दी और पत्नी से कहा कि इंजेक्शन लगवा लेने से आराम मिल जाएगा। पत्नी ने इंजेक्शन लगवाने से मना भी किया लेकिन झोलाछाप ने इंजेक्शन लगा दिया। जैसे ही वह बेटे को घर ले गई तो उसकी हालत बिगड़ने लगी। जब दोबारा झोलाछाप के पास गए तो उसने किसी अन्य चिकित्सक को दिखाने की सलाह दी। बेटे को दूसरे अस्पताल ले गए जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद से वह क्लीनिक बंद करके फरार है।
रवि का आरोप है कि गलत इलाज की वजह से ही उसके बेटे की मौत हुई है। रवि ने बताया कि इसकी शिकायत स्वास्थ्य विभाग में की थी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई इसकेबाद शनिवार को तहसील दिवस में शिकायत की। स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। डिप्टी सीएमओ डॉ. जीपी मथुरिया ने बताया कि क्लीनिक और उसके आसपास रहने वालों से पूछताछ की गई है। सरस्वती क्लीनिक का रजिस्ट्रेेशन नहीं है। परिजनों के बयान के आधार पर चिकित्सक के खिलाफ एफआईआर कराई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
गाजियाबाद। लोनी में गलत इंजेक्शन लगने से आठ साल के बच्चे की मौत का मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि झोलाछाप के गलत इलाज की वजह से बच्चे की मौत हुई है। 10 दिन बाद जब परिजनों ने तहसील दिवस में इसकी शिकायत की तो स्वास्थ्य विभाग को मामले की जानकारी हुई। अब विभाग झोलाछाप के खिलाफ एफआईआर कराने की तैयारी में है।
इलायचीपुर स्थित ताज हाइट्स कालोनी के रहने वाले रवि कुमार ने बताया कि 25 अगस्त को पत्नी आठ वर्षीय बेटे वंशु को फोड़े-फुंसी का इलाज कराने के लिए सरस्वती क्लीनिक गई थी। वहां झोलाछाप गौतम ने बच्चे को दवा दी और पत्नी से कहा कि इंजेक्शन लगवा लेने से आराम मिल जाएगा। पत्नी ने इंजेक्शन लगवाने से मना भी किया लेकिन झोलाछाप ने इंजेक्शन लगा दिया। जैसे ही वह बेटे को घर ले गई तो उसकी हालत बिगड़ने लगी। जब दोबारा झोलाछाप के पास गए तो उसने किसी अन्य चिकित्सक को दिखाने की सलाह दी। बेटे को दूसरे अस्पताल ले गए जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद से वह क्लीनिक बंद करके फरार है।
विज्ञापन
रवि का आरोप है कि गलत इलाज की वजह से ही उसके बेटे की मौत हुई है। रवि ने बताया कि इसकी शिकायत स्वास्थ्य विभाग में की थी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई इसकेबाद शनिवार को तहसील दिवस में शिकायत की। स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। डिप्टी सीएमओ डॉ. जीपी मथुरिया ने बताया कि क्लीनिक और उसके आसपास रहने वालों से पूछताछ की गई है। सरस्वती क्लीनिक का रजिस्ट्रेेशन नहीं है। परिजनों के बयान के आधार पर चिकित्सक के खिलाफ एफआईआर कराई जाएगी।
विज्ञापन