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10 से 15 मिनट में कार की चाबी बनाकर करते थे चोरी
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10 से 15 मिनट में कार की चाबी बनाकर करते थे चोरी
गाजियाबाद। क्राइम ब्रांच ने एक एक अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है जो चार साल से चार पहिया वाहनों को चोरी करके कटान कर रहा है। वाहन चोरी करते समय 10-15 मिनट में प्रोग्रामिंग के जरिये इलेक्ट्रानिक डिवाइस से चाबी बनाकर कार को स्टार्ट करके ले जाते हैं जबकि बैटरी वाली ड्रिल मशीन से कार का दरवाजा खोलते हैं। गिरोह के सदस्य अभी तक करीब 1500 चार पहिया वाहन चोरी कर चुके हैं और उनके पुर्जे अलग-अलग करके बेच चुके हैं। पुलिस ने इनसे 70 से ज्यादा चार पहिया वाहनों के तीन करोड़ की कीमत के पार्ट्स बरामद किए हैं।
क्राइम ब्रांच प्रभारी अब्दुर रहमान सिद्दीकी ने बताया कि पकड़े गए वाहन चोर मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा के फतेहउल्लागंज निवासी नजब खान, उत्तराखंड ऊधमसिंह नगर के काशीपुर निवासी इरफान, हापुड़ के बृजघाट के पनवारा निवासी रवि जाटव जो हाल में न्यू सीमापुरी दिल्ली में रह रहा है और दिल्ली मुस्तफाबाद निवासी अनीश अहमद हैं। वहीं इनका साथी बाबूगढ़, हापुड़ निवासी दिपांशु फरार है। गिरोह का सरगना इरफान है। नजब खान पर 16, इरफान पर 27, रवि जाटव पर 21 और अनीश अहमद पर 11 मुकदमे दिल्ली एनसीआर के अलग-अलग थानों में दर्ज हैं।
ऐसे करते हैं चोरी
पूछताछ में इरफान ने बताया कि वह रवि, अनीश और दीपांशु वाहन चोरी करने का काम करते हैं। अनीश कार के सायरन को डि-एक्टिवेट करने का काम करता है। रवि ड्रिल मशीन से पिछला दरवाजा खोलकर कार के अंदर बैठकर इलेक्ट्रानिक डिवाइस की मदद से चाबी की प्रोग्रामिंग तैयार करके चाबी बनाता है। चाबी की प्रोग्रामिंग होने के बाद कार स्टार्ट करके वह वहां से ले जाते हैं और सुनसान इलाके व पार्किंग में खड़ी करके उसकी नंबर प्लेट बदल लेते हैं। इसके बाद वह मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा निवासी नजब खान से संपर्क करते हैं उसके पास रवि कार को पहुंचाने के काम करता है। कार पहुंचाने के वह दो हजार रुपये लेता है।
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वाहन चोरी के लेते हैं पचास हजार
इरफान ने बताया कि वह नजब खान से वाहन चोरी करने के पचास हजार रुपये लेते हैं। उसके पास कार पहुंचाने के बाद उन्हें रुपये मिलते हैं। जिन्हें वह चारों बराबर बांट लेते हैं।
नजब ने बना रखे हैं तीन गोदाम
नजब खान ने मुरादाबाद में वाहन कटान करने के तीन गोदाम बना रहे हैं। पूछताछ में उसने बताया उसने यह गोदाम चोरी के वाहनों को बेचकर ही लिए हैं। वह 20 से 25 मिनट में वाहन के पुर्जे-पुर्जे कर देता है और पार्ट्स अलग करके अलग-अलग गोदामों मे रखता है। इन्हें बेचने के लिए वह कबाड़ी और मिस्त्रियों के संपर्क में रहता है जो पुराने पार्ट्स खरीदते हैं।
ये किया बरामद
पुलिस ने इनके पास से एक बलेनो कार, एक स्विफट डिजायर कार, एक वैगनआर कार, 18 चोरी के वाहनों के इंजन, एक इलेक्ट्रॉनिक डिवायस, एक ड्रिल मशीन, चार बनी व अधबनी चाबी, चोरी की गई कारों के 135 दरवाजें, चोरी की गई कारों के 35 वोनट, 140 साईड पैनल, 36 डिग्गी, 118 शॉकर स्प्रिंग, 141 लिंक रॉड, 12 जंपिंग रॉड, 67 फ्यूल पंप, 86 मीटर, 137 स्टेयरिंग लॉक, 139 रेडियेटर फैन, 54 रेडियेटर, सात गियर बॉक्स हाउजिंग, चार डेस बोर्ड, आठ सीट, 130 टायर, 12 रिम, चार सस्पेंशन, दो स्टेयरिंग, छह एक्सल रॉड, 410 शीशा चढ़ाने की कैंची, सात डिफरेंशल, दो ऑकक्सीजन गैस सिलिंडर समेत अन्य पार्ट्स बरामद किए हैं।
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गाजियाबाद। क्राइम ब्रांच ने एक एक अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है जो चार साल से चार पहिया वाहनों को चोरी करके कटान कर रहा है। वाहन चोरी करते समय 10-15 मिनट में प्रोग्रामिंग के जरिये इलेक्ट्रानिक डिवाइस से चाबी बनाकर कार को स्टार्ट करके ले जाते हैं जबकि बैटरी वाली ड्रिल मशीन से कार का दरवाजा खोलते हैं। गिरोह के सदस्य अभी तक करीब 1500 चार पहिया वाहन चोरी कर चुके हैं और उनके पुर्जे अलग-अलग करके बेच चुके हैं। पुलिस ने इनसे 70 से ज्यादा चार पहिया वाहनों के तीन करोड़ की कीमत के पार्ट्स बरामद किए हैं।
क्राइम ब्रांच प्रभारी अब्दुर रहमान सिद्दीकी ने बताया कि पकड़े गए वाहन चोर मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा के फतेहउल्लागंज निवासी नजब खान, उत्तराखंड ऊधमसिंह नगर के काशीपुर निवासी इरफान, हापुड़ के बृजघाट के पनवारा निवासी रवि जाटव जो हाल में न्यू सीमापुरी दिल्ली में रह रहा है और दिल्ली मुस्तफाबाद निवासी अनीश अहमद हैं। वहीं इनका साथी बाबूगढ़, हापुड़ निवासी दिपांशु फरार है। गिरोह का सरगना इरफान है। नजब खान पर 16, इरफान पर 27, रवि जाटव पर 21 और अनीश अहमद पर 11 मुकदमे दिल्ली एनसीआर के अलग-अलग थानों में दर्ज हैं।
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ऐसे करते हैं चोरी
पूछताछ में इरफान ने बताया कि वह रवि, अनीश और दीपांशु वाहन चोरी करने का काम करते हैं। अनीश कार के सायरन को डि-एक्टिवेट करने का काम करता है। रवि ड्रिल मशीन से पिछला दरवाजा खोलकर कार के अंदर बैठकर इलेक्ट्रानिक डिवाइस की मदद से चाबी की प्रोग्रामिंग तैयार करके चाबी बनाता है। चाबी की प्रोग्रामिंग होने के बाद कार स्टार्ट करके वह वहां से ले जाते हैं और सुनसान इलाके व पार्किंग में खड़ी करके उसकी नंबर प्लेट बदल लेते हैं। इसके बाद वह मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा निवासी नजब खान से संपर्क करते हैं उसके पास रवि कार को पहुंचाने के काम करता है। कार पहुंचाने के वह दो हजार रुपये लेता है।
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वाहन चोरी के लेते हैं पचास हजार
इरफान ने बताया कि वह नजब खान से वाहन चोरी करने के पचास हजार रुपये लेते हैं। उसके पास कार पहुंचाने के बाद उन्हें रुपये मिलते हैं। जिन्हें वह चारों बराबर बांट लेते हैं।
नजब ने बना रखे हैं तीन गोदाम
नजब खान ने मुरादाबाद में वाहन कटान करने के तीन गोदाम बना रहे हैं। पूछताछ में उसने बताया उसने यह गोदाम चोरी के वाहनों को बेचकर ही लिए हैं। वह 20 से 25 मिनट में वाहन के पुर्जे-पुर्जे कर देता है और पार्ट्स अलग करके अलग-अलग गोदामों मे रखता है। इन्हें बेचने के लिए वह कबाड़ी और मिस्त्रियों के संपर्क में रहता है जो पुराने पार्ट्स खरीदते हैं।
ये किया बरामद
पुलिस ने इनके पास से एक बलेनो कार, एक स्विफट डिजायर कार, एक वैगनआर कार, 18 चोरी के वाहनों के इंजन, एक इलेक्ट्रॉनिक डिवायस, एक ड्रिल मशीन, चार बनी व अधबनी चाबी, चोरी की गई कारों के 135 दरवाजें, चोरी की गई कारों के 35 वोनट, 140 साईड पैनल, 36 डिग्गी, 118 शॉकर स्प्रिंग, 141 लिंक रॉड, 12 जंपिंग रॉड, 67 फ्यूल पंप, 86 मीटर, 137 स्टेयरिंग लॉक, 139 रेडियेटर फैन, 54 रेडियेटर, सात गियर बॉक्स हाउजिंग, चार डेस बोर्ड, आठ सीट, 130 टायर, 12 रिम, चार सस्पेंशन, दो स्टेयरिंग, छह एक्सल रॉड, 410 शीशा चढ़ाने की कैंची, सात डिफरेंशल, दो ऑकक्सीजन गैस सिलिंडर समेत अन्य पार्ट्स बरामद किए हैं।