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Ghaziabad News: दुबई में बैठे जालसाज समेत 32 पर 5.6 करोड़ की ठगी के आरोप में प्राथमिकी दर्ज
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लोनी। ट्रॉनिका सिटी निवासी सुनील जैन ने दुबई में रह रहे लविश चौधरी और प्रमोद सोलंकी समेत 32 लोगों पर 5.06 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। ठगी पीड़ित को मैग्नेटिक जनरेटर का पूरे देश में एक मात्र डिस्ट्रीब्यूटर बनाने का झांसा देकर की गई। मामला वर्ष 2024 का है। मामले में पुलिस ने 10 मई को प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है।
दर्ज मामले में सुनील जैन ने बताया कि करीब दो वर्ष पहले शांति स्वरूप नाम के व्यक्ति ने इलेक्ट्रिकल स्टेंपिंग व्यवसाय के बहाने प्रमोद सोलंकी व लविश चौधरी उर्फ नवाब अली की निवेश योजना के बारे में बताया। मामले की और जानकारी देने के लिए उन्हें 19 नवंबर 2024 में दिल्ली स्थित रिजॉर्ट में आयोजित सेमिनार में भी बुलाया गया। सेमिनार में शामिल होने के लिए 6200 रुपये और केवाईसी के लिए दस्तावेज लिए गए। सेमिनार में मैग्नेटिक जनरेटर प्रोजेक्ट के बारे में बताया। 1 करोड़ रुपये जमा कराने वाले व्यक्ति को देश में एकमात्र डिस्ट्रीब्यूटर शिप देने का झांसा दिया। उत्पाद के लांच होने तक जमा की गई धनराशि का प्रतिमाह 6 से 15 प्रतिशत रिटर्न देने का भी सब्जबाग दिखाया। जनवरी 2025 में अलग-अलग बैंक खाते में 1.37 करोड़ रुपये जमा करा दिए। बताया कि रकम ऑनलाइन व नकद दोनों माध्यम दी गई। 12 जनवरी को वह परिवार और अन्य निवेशकों के साथ दुबई गए जहां उनकी मुलाकात लविश चौधरी से कराई गई। उन्होंने बताया कि लविश चौधरी के आवास पर हुई बैठक में और अधिक निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया। 15 जनवरी को मैग्नेटिक जनरेटर का डेमो दिखाकर 10 करोड़ रुपये की सुरक्षा राशि के बदले भारत में एकमात्र डिस्ट्रीब्यूटर शिप देने की बात कही। साथ ही उन्हें जनरेटर शॉपिंग कार्य देने का भी आश्वासन दिया गया। उन्होंने बताया कि प्रमोद व उसके साथी फैक्टरी पर आते रहे और अधिक धन देने के दबाव बनाने लगे। इस दौरान लविश चौधरी, नवाब चौधरी, प्रमोद सोलंकी, पवन कुमार ने अपने मोबाइल फोन नंबर बंद कर नए नंबरों को प्रयोग करना शुरू कर दिया। 14 माह में उन्होंने 5.06 करोड़ रुपये का भुगतान किया। धोखाधड़ी का पता चलने पर उन्होंने रुपये वापस मांगे। आरोप है कि तब उन्हें हथियार दिखाकर परिवार समेत जान से मारने की धमकी दी जाने लगी। 29 फरवरी 2026 और 23 अप्रैल 2026 को कमिश्नर कार्यालय में शिकायत की।
यह आरोपी हुए नामजद
लविश चौधरी उर्फ नवाब अली, राशिद अली, साजिद अली, प्रमोद सोलंकी, नवाब हसन, नसीम अहमद, डॉ. विजय कुमार, शांति स्वरुप, नारम चानू, पवन कुमार बारगोती, सीमा रानी, ऋषि चौरसिया, महेश कुमार विवश्कर्मा, आर्यन चौधरी, गौरव, संजय बेनीवाल, हिमांशु चौधरी, मोहित कुमार, राजू चौधरी, बिनरता, प्रदीप, मोहित जाट, शालिनी चौधरी, जेम्स, फिड्ड्सिया पात्रम प्राइवेट लिमिटेड, ब्लधर, एड़टेक सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, भव्या एंटरप्राइजेज, दिविशी इंफोटेक, ओपीसी प्राइवेट लिमिटेड, आरवी एजुकेशनल ट्रस्ट, होलसेल डिपो
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एसीपी लोनी सिद्धार्थ गौतम कहना है कि एंटी फ्रॉड सेल की जांच के बाद मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। आरोपियों को ट्रेस किया जा रहा है। जल्द ही गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जाएगा।
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दर्ज मामले में सुनील जैन ने बताया कि करीब दो वर्ष पहले शांति स्वरूप नाम के व्यक्ति ने इलेक्ट्रिकल स्टेंपिंग व्यवसाय के बहाने प्रमोद सोलंकी व लविश चौधरी उर्फ नवाब अली की निवेश योजना के बारे में बताया। मामले की और जानकारी देने के लिए उन्हें 19 नवंबर 2024 में दिल्ली स्थित रिजॉर्ट में आयोजित सेमिनार में भी बुलाया गया। सेमिनार में शामिल होने के लिए 6200 रुपये और केवाईसी के लिए दस्तावेज लिए गए। सेमिनार में मैग्नेटिक जनरेटर प्रोजेक्ट के बारे में बताया। 1 करोड़ रुपये जमा कराने वाले व्यक्ति को देश में एकमात्र डिस्ट्रीब्यूटर शिप देने का झांसा दिया। उत्पाद के लांच होने तक जमा की गई धनराशि का प्रतिमाह 6 से 15 प्रतिशत रिटर्न देने का भी सब्जबाग दिखाया। जनवरी 2025 में अलग-अलग बैंक खाते में 1.37 करोड़ रुपये जमा करा दिए। बताया कि रकम ऑनलाइन व नकद दोनों माध्यम दी गई। 12 जनवरी को वह परिवार और अन्य निवेशकों के साथ दुबई गए जहां उनकी मुलाकात लविश चौधरी से कराई गई। उन्होंने बताया कि लविश चौधरी के आवास पर हुई बैठक में और अधिक निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया। 15 जनवरी को मैग्नेटिक जनरेटर का डेमो दिखाकर 10 करोड़ रुपये की सुरक्षा राशि के बदले भारत में एकमात्र डिस्ट्रीब्यूटर शिप देने की बात कही। साथ ही उन्हें जनरेटर शॉपिंग कार्य देने का भी आश्वासन दिया गया। उन्होंने बताया कि प्रमोद व उसके साथी फैक्टरी पर आते रहे और अधिक धन देने के दबाव बनाने लगे। इस दौरान लविश चौधरी, नवाब चौधरी, प्रमोद सोलंकी, पवन कुमार ने अपने मोबाइल फोन नंबर बंद कर नए नंबरों को प्रयोग करना शुरू कर दिया। 14 माह में उन्होंने 5.06 करोड़ रुपये का भुगतान किया। धोखाधड़ी का पता चलने पर उन्होंने रुपये वापस मांगे। आरोप है कि तब उन्हें हथियार दिखाकर परिवार समेत जान से मारने की धमकी दी जाने लगी। 29 फरवरी 2026 और 23 अप्रैल 2026 को कमिश्नर कार्यालय में शिकायत की।
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यह आरोपी हुए नामजद
लविश चौधरी उर्फ नवाब अली, राशिद अली, साजिद अली, प्रमोद सोलंकी, नवाब हसन, नसीम अहमद, डॉ. विजय कुमार, शांति स्वरुप, नारम चानू, पवन कुमार बारगोती, सीमा रानी, ऋषि चौरसिया, महेश कुमार विवश्कर्मा, आर्यन चौधरी, गौरव, संजय बेनीवाल, हिमांशु चौधरी, मोहित कुमार, राजू चौधरी, बिनरता, प्रदीप, मोहित जाट, शालिनी चौधरी, जेम्स, फिड्ड्सिया पात्रम प्राइवेट लिमिटेड, ब्लधर, एड़टेक सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, भव्या एंटरप्राइजेज, दिविशी इंफोटेक, ओपीसी प्राइवेट लिमिटेड, आरवी एजुकेशनल ट्रस्ट, होलसेल डिपो
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एसीपी लोनी सिद्धार्थ गौतम कहना है कि एंटी फ्रॉड सेल की जांच के बाद मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। आरोपियों को ट्रेस किया जा रहा है। जल्द ही गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जाएगा।