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Ghaziabad News: अस्पताल में भर्ती मुठभेड़ में घायल गैंगस्टर पुलिस अभिरक्षा से भागा
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गाजियाबाद। क्राइम ब्रांच टीम ने 25 हजार रुपये के इनामी गैंगस्टर अरकस को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर मुरादनगर पुलिस को सौंपा। घायल गैंगस्टर को संजयनगर स्थित संयुक्त अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से बुधवार सुबह करीब छह बजे गैंगस्टर पुलिस अभिरक्षा से भाग गया। डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी ने ड्यूटी पर तैनात लापरवाही बरतने वाले एसआई सचिन कुमार और हेड कांस्टेबल कृष्णा कुमार को निलंबित कर दिया है।
क्राइम ब्रांच टीम की गोली लगने से घायल गैंगस्टर अरकस निवासी झी वाली मस्जिद मोहल्ला कच्ची सरास मुरादनगर बुधवार की सुबह पुलिस अभिरक्षा से भाग गया। गैंगस्टर की निगरानी कर रहे एसआई सचिन कुमार और हेड कांस्टेबल कृष्णा कुमार सुबह जागे तो गैंगस्टर बेड पर नहीं मिला। पुलिसकर्मियों ने अस्पताल में गैंगस्टर की खोजबीन की, असफल होने पर आलाधिकारियों को जानकारी दी। मौके पर पहुंची मुरादनगर, क्राइम ब्रांच और डॉग स्कॉयड ने गैंगस्टर की खोजबीन की गई। टीमों ने संयुक्त अस्पताल और आसपास के करीब एक दर्जन से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें गैंगस्टर अस्पताल से बाहर जाते दिखाई दिया। पुलिस ने रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन और सार्वजनिक स्थलों, होटल और धर्मशालाओं में गैंगस्टर की तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। डीसीपी सुरेंद्रनाथ तिवारी ने बताया कि अस्पताल से भागे अरकस के खिलाफ मुरादनगर, कविनगर, मधुबन बापूधाम थानों में लूट, चोरी गैंगस्टर सहित करीब एक दर्जन मुकदमे दर्ज हैं।
डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी ने बताया कि दरोगा सचिन कुमार के अनुसार बुधवार सुबह करीब साढे पांच बजे तक अरकस अपने बिस्तर पर मौजूद था। इसी दौरान दरोगा को कुर्सी पर बैठे-बैठे नींद आ गई। इसी दौरान हेड कांस्टेबल कृष्णा कुमार शौचालय चले गए थे। इसी का फायदा उठाकर गैंगस्टर भाग निकला।
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अस्पताल और पुलिस की सुरक्षा में सेंध
दरोगा और हेड कांस्टेबल के साथ-साथ संयुक्त जिला अस्पताल में एक दर्जन से अधिक सेवानिवृत्त सैन्य कर्मियों की ड्यूटी भी लगी है। दिनरात अस्पताल में सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। दरोगा और हेड कांस्टेबल की तैनाती के बावजूद हथकड़ी से किसी तरह अपना हाथ निकालकर गैंगस्टर अरकस भाग गया।इससे पूर्व भी संयुक्त अस्पताल से मुठभेड़ में घायल बदमाश बाथरूम की खिड़की तोड़कर भाग गया था। हालांकि पुलिस ने इसे पांच घंटे में ही गिरफ्तार कर लिया था।
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क्राइम ब्रांच टीम की गोली लगने से घायल गैंगस्टर अरकस निवासी झी वाली मस्जिद मोहल्ला कच्ची सरास मुरादनगर बुधवार की सुबह पुलिस अभिरक्षा से भाग गया। गैंगस्टर की निगरानी कर रहे एसआई सचिन कुमार और हेड कांस्टेबल कृष्णा कुमार सुबह जागे तो गैंगस्टर बेड पर नहीं मिला। पुलिसकर्मियों ने अस्पताल में गैंगस्टर की खोजबीन की, असफल होने पर आलाधिकारियों को जानकारी दी। मौके पर पहुंची मुरादनगर, क्राइम ब्रांच और डॉग स्कॉयड ने गैंगस्टर की खोजबीन की गई। टीमों ने संयुक्त अस्पताल और आसपास के करीब एक दर्जन से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें गैंगस्टर अस्पताल से बाहर जाते दिखाई दिया। पुलिस ने रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन और सार्वजनिक स्थलों, होटल और धर्मशालाओं में गैंगस्टर की तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। डीसीपी सुरेंद्रनाथ तिवारी ने बताया कि अस्पताल से भागे अरकस के खिलाफ मुरादनगर, कविनगर, मधुबन बापूधाम थानों में लूट, चोरी गैंगस्टर सहित करीब एक दर्जन मुकदमे दर्ज हैं।
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डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी ने बताया कि दरोगा सचिन कुमार के अनुसार बुधवार सुबह करीब साढे पांच बजे तक अरकस अपने बिस्तर पर मौजूद था। इसी दौरान दरोगा को कुर्सी पर बैठे-बैठे नींद आ गई। इसी दौरान हेड कांस्टेबल कृष्णा कुमार शौचालय चले गए थे। इसी का फायदा उठाकर गैंगस्टर भाग निकला।
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अस्पताल और पुलिस की सुरक्षा में सेंध
दरोगा और हेड कांस्टेबल के साथ-साथ संयुक्त जिला अस्पताल में एक दर्जन से अधिक सेवानिवृत्त सैन्य कर्मियों की ड्यूटी भी लगी है। दिनरात अस्पताल में सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। दरोगा और हेड कांस्टेबल की तैनाती के बावजूद हथकड़ी से किसी तरह अपना हाथ निकालकर गैंगस्टर अरकस भाग गया।इससे पूर्व भी संयुक्त अस्पताल से मुठभेड़ में घायल बदमाश बाथरूम की खिड़की तोड़कर भाग गया था। हालांकि पुलिस ने इसे पांच घंटे में ही गिरफ्तार कर लिया था।