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धड़ल्ले से खड़ी हो रहीं फर्जी फैक्ट्रियां
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Wed, 17 May 2017 10:15 PM IST
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जिला उद्योग केंद्र का ऑनलाइन फैक्ट्री रजिस्ट्रेशन सिस्टम फर्जीवाड़े का स्वर्ग बन गया है। बड़ी संख्या में हो रहे रजिस्ट्रेशन से विभाग भौतिक सत्यापन नहीं करा पा रहा, लिहाजा धड़ल्ले से फर्जी फैक्ट्रियों के रजिस्ट्रेशन हो रहे हैं।
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स्थिति यह है कि आवेदक किसी भी पते पर फैक्ट्री के लिए पंजीकरण करा ले रहे हैं, भले ही वह रिहायशी इलाका क्यों न हो। बीते 15 महीनों में 7268 फैक्ट्रियों के पंजीकरण हुए हैं। अकेले अप्रैल 2017 में 221 पंजीकरण हुए हैं।
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गाजियाबाद में कागजों में हजारों फर्जी फैक्ट्रियां खड़ी कर दी गईं हैं। उधोग केंद्र के आकड़ों के मुताबिक जनपद में करीब 40 हजार छोटी-बड़ी फैक्ट्रियां हैं, जिनमें से केवल 14 से 15 हजार फैक्ट्रियां ही जमीनी स्तर पर संचालित हैं। बाकी कंपनियां या तो बंद हो चुकी हैं या सिर्फ कागजों में ही चल रही हैं।
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एनजीटी में भी इसकी शिकायत प्रत्यक्ष डेमो के माध्यम से की जा चुकी है। शिकायतकर्ता ने एनजीटी के पते पर ही फैक्ट्री रजिस्टर्ड करा दी, अधिकारियों के मुताबिक तेजी से रिहायशी इलाकों में भी रजिस्ट्रेशन हो रहा है जबकि नियम है कि रिहायशी क्षेत्रों में फैक्ट्री लग ही नहीं सकती।
इस प्रक्रिया को ऑनलाइन करने का मकसद बाबूराज से उधोगों को निजात दिलाना था क्योंकि एक बार उद्योग केंद्र में रजिस्ट्रेशन कराने के बाद आसानी से अन्य विभागों से एनओसी मिल सकती है।
अधिकारियों के मुताबिक पूर्व में मैनुअल प्रक्रिया होने के कारण कम ही फैक्ट्रियों का रजिस्ट्रेशन हो पाता था। इसमें धोखाधड़ी भी पकड़ में आ जाती थी, लेकिन अब ऐसा करना विभाग के लिए ही टेढ़ी खीर बना हुआ है।
बोले अधिकारी
जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक सिद्धार्थ यादव ने बताया कि ऑनलाइन प्रक्रिया से काफी मुश्किलें बढ़ र्गइं हैं। लोग इसका गलत उपयोग कर रहे हैं। मुरादनगर, मोदीनगर व लोनी में प्रतिदिन दर्जनों फैक्ट्रियों के रजिस्ट्रेशन होते हैं। इसमें कई फैक्ट्रियों के पते कालोनियों के दिए गए हैं।
साइबर कैफे संचालक करते हैं खेल
ऑनलाइन आवेदन के लिए साइबर कैफे संचालक खेल करते हैं। वह 500 से 1000 रुपये लेकर आवेदन करते हैं। ई-मेल और फोन नंबर गलत भरे जाते हैं। यदि बाद में जांच भी कराई जाए तो हो न सके। 2015 में 1239 फैक्ट्रियों का रजिस्ट्रेशन हुआ।
वहीं 2016 में 4715 फैक्ट्रियां और 2017 के अप्रैल माह में ही 221 फैक्ट्रियों को रजिस्ट्रेशन किया गया है।