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ऑडी का ड्राइवर बनकर कोर्ट में पेश हुए कादरी को मुंबई पुलिस ने दबोचा
अमर उजाला ब्यूरो/ गाजियाबाद
Updated Sat, 15 Apr 2017 12:04 AM IST
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audi car accident
- फोटो : ani
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इंदिरापुरम नहर रोड पर ऑडी की टक्कर में ऑटो सवार चार लोगों की मौत के मामले में गाजियाबाद कोर्ट में खुद को ऑडी का ड्राइवर बताने वाले इम्तियाज कादरी को मुंबई पुलिस ने लूट के आरोप में गिरफ्तार किया है।
अब गाजियाबाद क्राइम ब्रांच केस की जांच के लिए कादरी को रिमांड पर लेने की तैयारी में जुटी है। क्राइम ब्रांच को जानकारी मिली है कि इम्तियाज को खुद को ऑडी ड्राइवर बताकर कोर्ट में पेश होने के लिए सात हजार रुपये मिले थे।
28 जनवरी 2017 की रात इंदिरापुरम नहर रोड पर गौड़ ग्रीन एवेन्यू सोसायटी के सामने तेज रफ्तार ऑडी कार ने ऑटो को टक्कर मार दी थी। दुर्घटना में ऑटो सवार महिला समेत चार लोगों की मौत हो गई थी। इनमें महिला समेत तीन कानपुर के जबकि एक खोड़ा निवासी था।
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घटना के बाद से कार मालिक सफदरजंग अस्पताल के एसोसिएट प्रोफेसर डा. मनीष रावत फरार थे। घटना के चार दिन बाद बरेली निवासी एक युवक इम्तियाज कादरी ने कार का ड्राइवर बनकर गाजियाबाद कोर्ट में सरेंडर कर दिया।
हालांकि जांच में सामने आया कि इम्तियाज कादरी ने बरेली निवासी ट्रक ड्राइवर इशहाक अहमद के ड्राइविंग लाइसेंस का गलत प्रयोग कर कोर्ट में सरेंडर किया। इसके बाद क्राइम ब्रांच ने ऑडी मालिक मनीष रावत, इम्तियाज कादरी और उनकी पैरवी कर रहे राजकुमार को भी मामले में नामजद करते हुए उन पर फर्जीवाड़ा और अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी।
क्राइम ब्रांच के जांच अधिकारी जयपाल सिंह ने बताया कि उन्हें सूचना मिली है कि गलत तरीके से कोर्ट में सरेंडर करने वाले इम्तियाज कादरी को मुंबई पुलिस ने लूट के मामले में गिरफ्तार किया है। जल्द ही उसे मुंबई से रिमांड पर लाकर केस की जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।
सात हजार रुपये के लालच में किया सरेंडर
पुलिस को मुंबई से जानकारी मिली है कि इम्तियाज कादरी को तीन लोगाें ने मिलकर कोर्ट में पेश होने के लिए सात हजार रुपये दिए थे। रुपयाें के लालच में उसने यह कदम उठाया। पुलिस के अनुसार इम्तियाज का कहना है कि उसे नहीं पता था कि उसे चार लोगों की मौत के मामले में पेश किया जा रहा है।
उसे कहा गया था कि एक इंश्योरेंस क्लेम के लिए उसे ड्राइवर बनकर कोर्ट में जाना होगा। पुलिस अब उस इंश्योरेंस एजेंट को तलाश रही है, जिसने अपना नाम तिवारी बताया था। साथ ही अन्य दो लोगों की तलाश भी की जा रही जिन्होंने इम्तियाज को फर्जी ड्राइवर बनाकर कोर्ट में पेश किया।
पूर्व में भी रहा है आपराधिक इतिहास
क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया है कि इम्तियाज का पहले से ही आपराधिक इतिहास रहा है, जिसके चलते वह कोर्ट में फर्जी दस्तावेज लगाकर पेश होने को तैयार हो गया। मुंबई पुलिस ने इम्तियाज को लूट ओर स्नैचिंग के छह मामलों में जेल भेजा है।
जल्द सरेंडर कर सकता है मनीष रावत
उधर, क्राइम ब्रांच के अनुसार मनीष रावत ने कोर्ट में सरेंडर एप्लीकेशन फाइल की है। इसके बाद यह कयास लगाए जा रहे हैं कि अगले एक दो दिन में वह सरेंडर कर देगा। उधर, क्राइम ब्रांच ने कोर्ट में वकीलों की हड़ताल के चलते शुक्रवार को सरेंडर एप्लीकेशन कें सबंध में कोर्ट द्वारा मांगी गई रिपोर्ट जमा नहीं की है। शनिवार को वकीलों की हड़ताल रहने के आसार हैं। ऐसे में अब सोमवार को मनीष रावत सरेंडर कर सकता है।
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अब गाजियाबाद क्राइम ब्रांच केस की जांच के लिए कादरी को रिमांड पर लेने की तैयारी में जुटी है। क्राइम ब्रांच को जानकारी मिली है कि इम्तियाज को खुद को ऑडी ड्राइवर बताकर कोर्ट में पेश होने के लिए सात हजार रुपये मिले थे।
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28 जनवरी 2017 की रात इंदिरापुरम नहर रोड पर गौड़ ग्रीन एवेन्यू सोसायटी के सामने तेज रफ्तार ऑडी कार ने ऑटो को टक्कर मार दी थी। दुर्घटना में ऑटो सवार महिला समेत चार लोगों की मौत हो गई थी। इनमें महिला समेत तीन कानपुर के जबकि एक खोड़ा निवासी था।
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घटना के बाद से कार मालिक सफदरजंग अस्पताल के एसोसिएट प्रोफेसर डा. मनीष रावत फरार थे। घटना के चार दिन बाद बरेली निवासी एक युवक इम्तियाज कादरी ने कार का ड्राइवर बनकर गाजियाबाद कोर्ट में सरेंडर कर दिया।
हालांकि जांच में सामने आया कि इम्तियाज कादरी ने बरेली निवासी ट्रक ड्राइवर इशहाक अहमद के ड्राइविंग लाइसेंस का गलत प्रयोग कर कोर्ट में सरेंडर किया। इसके बाद क्राइम ब्रांच ने ऑडी मालिक मनीष रावत, इम्तियाज कादरी और उनकी पैरवी कर रहे राजकुमार को भी मामले में नामजद करते हुए उन पर फर्जीवाड़ा और अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी।
क्राइम ब्रांच के जांच अधिकारी जयपाल सिंह ने बताया कि उन्हें सूचना मिली है कि गलत तरीके से कोर्ट में सरेंडर करने वाले इम्तियाज कादरी को मुंबई पुलिस ने लूट के मामले में गिरफ्तार किया है। जल्द ही उसे मुंबई से रिमांड पर लाकर केस की जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।
सात हजार रुपये के लालच में किया सरेंडर
पुलिस को मुंबई से जानकारी मिली है कि इम्तियाज कादरी को तीन लोगाें ने मिलकर कोर्ट में पेश होने के लिए सात हजार रुपये दिए थे। रुपयाें के लालच में उसने यह कदम उठाया। पुलिस के अनुसार इम्तियाज का कहना है कि उसे नहीं पता था कि उसे चार लोगों की मौत के मामले में पेश किया जा रहा है।
उसे कहा गया था कि एक इंश्योरेंस क्लेम के लिए उसे ड्राइवर बनकर कोर्ट में जाना होगा। पुलिस अब उस इंश्योरेंस एजेंट को तलाश रही है, जिसने अपना नाम तिवारी बताया था। साथ ही अन्य दो लोगों की तलाश भी की जा रही जिन्होंने इम्तियाज को फर्जी ड्राइवर बनाकर कोर्ट में पेश किया।
पूर्व में भी रहा है आपराधिक इतिहास
क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया है कि इम्तियाज का पहले से ही आपराधिक इतिहास रहा है, जिसके चलते वह कोर्ट में फर्जी दस्तावेज लगाकर पेश होने को तैयार हो गया। मुंबई पुलिस ने इम्तियाज को लूट ओर स्नैचिंग के छह मामलों में जेल भेजा है।
जल्द सरेंडर कर सकता है मनीष रावत
उधर, क्राइम ब्रांच के अनुसार मनीष रावत ने कोर्ट में सरेंडर एप्लीकेशन फाइल की है। इसके बाद यह कयास लगाए जा रहे हैं कि अगले एक दो दिन में वह सरेंडर कर देगा। उधर, क्राइम ब्रांच ने कोर्ट में वकीलों की हड़ताल के चलते शुक्रवार को सरेंडर एप्लीकेशन कें सबंध में कोर्ट द्वारा मांगी गई रिपोर्ट जमा नहीं की है। शनिवार को वकीलों की हड़ताल रहने के आसार हैं। ऐसे में अब सोमवार को मनीष रावत सरेंडर कर सकता है।