{"_id":"591b42fc4f1c1b9c0cf22809","slug":"ask-family-ask-for-hypertension-bye","type":"story","status":"publish","title_hn":"परिवार के साथ करें एंज्वाय, हाइपरटेंशन को कहें बाय","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
परिवार के साथ करें एंज्वाय, हाइपरटेंशन को कहें बाय
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Tue, 16 May 2017 11:50 PM IST
विज्ञापन
हाइपरटेंशन
- फोटो : SELF
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
खराब लाइफ स्टाइल और शारीरिक श्रम की कमी से लोगों में बढ़ रही हाइपरटेंशन की समस्या खतरनाक रूप धारण करती जा रही है। इस के कारण विश्व में हर साल करीब 9 मिलियन लोग दम तोड़ देते हैं। आधुनिक जीवनशैली की खामियों की वजह से युवा इसकी गिरफ्त में फंस रहे हैं।
नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार गाजियाबाद में 15 से 59 आयु वर्ग के22 फीसदी महिला, पुरुष हाइपरटेंशन से पीड़ित हैं। इसमें युवाओं की संख्या सबसे अधिक है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे बचने के लिए नियमित व्यायाम के साथ परिवार के लोगों के बीच जीवन का आनंद उठाएं और खुश रहें।
विज्ञापन
युवाओं में आजकल कम उम्र में ही पढ़ाई, नौकरी, पारिवारिक जीवन और बेहतर रहन सहन को बनाए रखने का तनाव हावी होता जा रहा है। इसकी वजह से 30 से 40 वर्ष तक की उम्र के लोग हाई बीपी और दिल की बीमारी के शिकार हो रहे हैं।
विज्ञापन
नेशनल हेल्थ सर्वे की जिलेवार रिपोर्ट में गाजियाबाद में 7.6 फीसदी महिलाएं और 15.1 फीसदी पुरुष हाइपरटेंशन के शिकार हैं। कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. राहुल रामटेक ने कहा कि सामान्य सी लगने वाली इस बीमारी से दिल, किडनी, मस्तिष्क और आंखों के रेटीना जैसे अहम अंग प्रभावित हो सकते हैं।
युवाओं में इसका कारण धूम्रपान, शराब का सेवन, शारीरिक श्रम की कमी, प्रदूषण आदि है। हाइपरटेंशन के साथ अगर दिल की धड़कन अनियमित यानी एट्रियल फाइब्रिलेशन (एएफ) हो तो घातक परिणाम होते हैं। इसकी वजह से स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
हाइपरटेंशन से खतरा
- दिल का आकार बढ़ जाता है, स्ट्रोक का खतरा होता है।
- खून में थक्के जम जाते हैं, यह शरीर में कहां हैं, पता नहीं लगता
- किडनी की कई बीमारियां हो जाती हैं, यह फेल हो सकती है
- आंखों पर भी प्रभाव डालता है।
हाइपरटेंशन से बचाव
- नियमित व्यायाम करें
- नियमित डॉक्टर की सलाह लें और दवाइयों का सेवन करें
- परिवार के लोगों से सहयोग लें, खुश रहें
- 30 के बाद समय- समय पर ब्लडप्रेशर की जांच कराएं।
- शराब तंबाकू का सेवन ना करें।
- खाने में किसी भी प्रकार से ऑलिव ऑयल का प्रयोग करें