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सहायक आयुक्त स्टांप के मामले में फारेंसिक रिपोर्ट अहम
Updated Mon, 19 Jun 2017 01:04 AM IST
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फोरेंसिक लैब की रिपोर्ट होगी अहम
सहायक आयुक्त स्टांप एवं निबंधन के मामले में फोरेंसिक लैब की जांच रिपोर्ट सबसे अहम होगी। राजनगर स्थित सेवानिवृत्त सब रजिस्ट्रार अजय गोयल के आवास से बरामद किए गए कंप्यूटर, प्रिंटर व हार्ड डिस्क को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
जिला प्रशासन का मानना है कि फोरेंसिक लैब की रिपोर्ट ही आगे की कार्रवाई में अहम भूमिका निभाएगी। रिपोर्ट के आधार पर ही कोर्ट में आरोपों की पुष्टि की जा सकेगी। पुलिस और प्रशासन दावा है कि कंप्यूटर के साथ मौके से बरामद की गई अतिरिक्त हार्ड डिस्क में काफी अहम साक्ष्य मिले हैं,
जिसमें पूर्व जिलाधिकारी का बिना हस्ताक्षरित नोटिस भी मिला था लेकिन अब सारे दावों की पुष्टि फोरेंसिक जांच रिपोर्ट के आधार पर ही की जा सकती है। यह रिपोर्ट पुलिस विवेचना में चार्जशीट का हिस्सा बनेगी। उधर, सूत्रों का कहना है कि अजय गोयल के घर पर सर्च करने गई टीम ने कई साक्ष्यों को जुटाने में चूक कर दी।
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टीम ने बिना प्रिंट आउट लिए ही सारे कंप्यूटर को जांच के लिए सील करा दिया जबकि कंप्यूटर में सुरक्षित साक्ष्यों से जुड़ी फाइलों का प्रिंट आउट लेकर उसे अलग से सील किया जाना चाहिए था। इसके साथ ही सील किए गए प्रिंट आउट के ऊपर सहायक आयुक्त स्टांप राजेश कुमार शर्मा और अजय गोयल के हस्ताक्षर लिए जाने थे।
गौरतलब है कि बीते हफ्ते सर्च के बाद राजेश कुमार शर्मा और अजय गोयल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके साथ ही राजेश कुमार को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया।
जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा दिया गया। सहायक आयुक्त के खिलाफ अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी से शिकायत की थी, जिसमें निजी आवास से फर्जी तरीके से नोटिस जारी कर उत्पीड़न व भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया गया। इसके बाद प्रशासन के आदेश पर सारी कार्रवाई की गई।
सहायक आयुक्त स्टांप एवं निबंधन के मामले में फोरेंसिक लैब की जांच रिपोर्ट सबसे अहम होगी। राजनगर स्थित सेवानिवृत्त सब रजिस्ट्रार अजय गोयल के आवास से बरामद किए गए कंप्यूटर, प्रिंटर व हार्ड डिस्क को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
जिला प्रशासन का मानना है कि फोरेंसिक लैब की रिपोर्ट ही आगे की कार्रवाई में अहम भूमिका निभाएगी। रिपोर्ट के आधार पर ही कोर्ट में आरोपों की पुष्टि की जा सकेगी। पुलिस और प्रशासन दावा है कि कंप्यूटर के साथ मौके से बरामद की गई अतिरिक्त हार्ड डिस्क में काफी अहम साक्ष्य मिले हैं,
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जिसमें पूर्व जिलाधिकारी का बिना हस्ताक्षरित नोटिस भी मिला था लेकिन अब सारे दावों की पुष्टि फोरेंसिक जांच रिपोर्ट के आधार पर ही की जा सकती है। यह रिपोर्ट पुलिस विवेचना में चार्जशीट का हिस्सा बनेगी। उधर, सूत्रों का कहना है कि अजय गोयल के घर पर सर्च करने गई टीम ने कई साक्ष्यों को जुटाने में चूक कर दी।
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टीम ने बिना प्रिंट आउट लिए ही सारे कंप्यूटर को जांच के लिए सील करा दिया जबकि कंप्यूटर में सुरक्षित साक्ष्यों से जुड़ी फाइलों का प्रिंट आउट लेकर उसे अलग से सील किया जाना चाहिए था। इसके साथ ही सील किए गए प्रिंट आउट के ऊपर सहायक आयुक्त स्टांप राजेश कुमार शर्मा और अजय गोयल के हस्ताक्षर लिए जाने थे।
गौरतलब है कि बीते हफ्ते सर्च के बाद राजेश कुमार शर्मा और अजय गोयल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके साथ ही राजेश कुमार को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया।
जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा दिया गया। सहायक आयुक्त के खिलाफ अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी से शिकायत की थी, जिसमें निजी आवास से फर्जी तरीके से नोटिस जारी कर उत्पीड़न व भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया गया। इसके बाद प्रशासन के आदेश पर सारी कार्रवाई की गई।