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Ghaziabad News: संयुक्त अस्पताल में शुरू होगा छह-छह बेड का नीकू-पीकू वार्ड
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गाजियाबाद। संजयनगर स्थित संयुक्त अस्पताल में छह-छह बेड के पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीकू) वार्ड और नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (नीकू) को शुरू किया जाएगा। दोनों वार्ड में इलाज में सहयोग और बीमार बच्चों की देखभाल के लिए संबंधित नर्सिंग स्टाफ को एक निजी अस्पताल की मदद से प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
संजयनगर स्थित 100 बेड के संयुक्त जिला अस्पताल में वर्तमान में ओपीडी, ओटी के अलावा डायलिसिस और सिटी स्कैन की सुविधा है। अस्पताल में रोजाना एक हजार से अधिक मरीज उपचार के लिए आ रहे हैं। अस्पताल में डिप्लोमेट ऑफ नेशनल बोर्ड (डीएनबी ) कोर्स की मान्यता भी मिली है। इसमें डीएनबी के तहत दो बाल रोग विशेषज्ञ की सीटें भी अलॉट होने के बाद पढ़ाई के लिए दो विद्यार्थियों चयनित भी हो चुके हैं। उनकी पढ़ाई चल रही है। अब अस्पताल में शिशुओं के लिए भी गहन चिकित्सा संबंधित सभी व्यवस्था मुहैया कराई जा रही है।
ऑनलाइन होगी मॉनिटरिंग
अस्पताल के सीएमएस डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि पीकू और नीकू वार्ड शुरू किए जाएंगे। 3-3 बैच बनाकर छह दिन का सभी स्टाफ नर्स को कौशांबी स्थित यशोदा अस्पताल में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वार्ड शुरू होने पर ऑनलाइन मॉनिटरिंग भी यशोदा अस्पताल के डॉक्टर ही करेंगे। ई-पीकू और ई-नीकू तौर पर यह वार्ड संचालित होंगे। वार्ड में बच्चे के उपचार के लिए संयुक्त अस्पताल के अलावा यशोदा अस्पताल के चिकित्सकों से भी उपचार संबंधित ऑनलाइन जानकारी ली जाएगी।
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वार्ड शुरू होने से गंभीर बच्चों का होगा बेहतर उपचार
सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन का कहना है कि संयुक्त जिला अस्पताल में 6-6 बेड से पीकू और नीकू वार्ड को शुरू किया जाएगा। वार्ड संचालित होने पर गंभीर रूप से बीमार नवजात शिशुओं की गहन देखभाल और इलाज मिल सकेगा। बाद बेड की संख्या बढ़ाई जाएगी।
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संजयनगर स्थित 100 बेड के संयुक्त जिला अस्पताल में वर्तमान में ओपीडी, ओटी के अलावा डायलिसिस और सिटी स्कैन की सुविधा है। अस्पताल में रोजाना एक हजार से अधिक मरीज उपचार के लिए आ रहे हैं। अस्पताल में डिप्लोमेट ऑफ नेशनल बोर्ड (डीएनबी ) कोर्स की मान्यता भी मिली है। इसमें डीएनबी के तहत दो बाल रोग विशेषज्ञ की सीटें भी अलॉट होने के बाद पढ़ाई के लिए दो विद्यार्थियों चयनित भी हो चुके हैं। उनकी पढ़ाई चल रही है। अब अस्पताल में शिशुओं के लिए भी गहन चिकित्सा संबंधित सभी व्यवस्था मुहैया कराई जा रही है।
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ऑनलाइन होगी मॉनिटरिंग
अस्पताल के सीएमएस डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि पीकू और नीकू वार्ड शुरू किए जाएंगे। 3-3 बैच बनाकर छह दिन का सभी स्टाफ नर्स को कौशांबी स्थित यशोदा अस्पताल में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वार्ड शुरू होने पर ऑनलाइन मॉनिटरिंग भी यशोदा अस्पताल के डॉक्टर ही करेंगे। ई-पीकू और ई-नीकू तौर पर यह वार्ड संचालित होंगे। वार्ड में बच्चे के उपचार के लिए संयुक्त अस्पताल के अलावा यशोदा अस्पताल के चिकित्सकों से भी उपचार संबंधित ऑनलाइन जानकारी ली जाएगी।
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वार्ड शुरू होने से गंभीर बच्चों का होगा बेहतर उपचार
सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन का कहना है कि संयुक्त जिला अस्पताल में 6-6 बेड से पीकू और नीकू वार्ड को शुरू किया जाएगा। वार्ड संचालित होने पर गंभीर रूप से बीमार नवजात शिशुओं की गहन देखभाल और इलाज मिल सकेगा। बाद बेड की संख्या बढ़ाई जाएगी।