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साहिबाबाद मंडी बनेगी कामर्शिलय हब
Updated Mon, 08 Jan 2018 01:10 AM IST
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साहिबाबाद मंडी बनेगी कामर्शियल हब
गाजियाबाद। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में साहिबाबाद मंडी कामर्शियल हब के तौर पर विकसित होंगी, जिसमें अंडर ग्राउंड पार्किंग से लेकर फूड प्रोसेसिंग प्लांट तक होगा। मंडी परिषद ने 150 करोड़ का प्लान तैयार किया है, जिसकी मदद से मंडी के अंदर दो बहुमंजिला बिल्डिंग बनाईं जाएंगी। उधर, गोविंदपुरम अनाज मंडी पर भी करीब 32 करोड़ रुपया खर्च किये जाने की तैयारी है।
मंडी सचिव की तरफ से प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेज दिया गया है, जहां से केंद्र को भेजे जाने की तैयार है। संभावना है कि फरवरी तक केंद्र से भी प्रस्ताव को हरी झंडी मिल जाएगी। मंडी सचिव सत्यपाल गंगवार ने बताया है कि प्रोजेक्ट केंद्रीय मंत्री वीके सिंह का है, जो प्रस्ताव का बजट केंद्र से स्वीकृत कराएंगे। जबकि गोविंदपुरम अनाज मंडी को विकसित करने का काम मंडी परिषद अपने निजी स्त्रोतों से करेगी। इस पर करीब 32 करोड़ रुपया खर्च होने की संभावना है, जिसकी पूरी कार्य योजना तैयार कर ली गई है। योजना के मुताबिक गोविंदपुरम अनाज मंडी का काम 31 दिसंबर 2018 तक और साहिबाबाद अनाज मंडी का काम 31 मार्च 2019 तक पूरा करने का लक्ष्य है। हालांकि अंतिम रूप से समय सीमा बजट स्वीकृति होने के बाद तय की जाएगी।
किसानों के लिए बनेगा एग्री मॉल
योजना के तहत किसानों के लिए पांच मंजिला एग्री मॉल बनाया जाएगा, जिसमें कृषि से जुड़ी दुकानें होंगे। इसमें खाद, बिजली, कृषि उपकरण से लेकर किसानों से जुड़े अन्य ऑफिसर खोले जा सकेंगे। इस पांच मंजिला बिल्डिंग में किसानों के लिए विश्राम स्थल से लेकर कांफ्रेंस रूम तक की सुविधा होगी।
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आठ करोड़ में फूड प्रोसेसिंग प्लांट
व्यापारी किसानों से फल व सब्जियां खरीद कर लंबे समय तक सुरक्षित तरीके से रख सकेंगे। इसके लिए मंडी परिसर में ही आठ करोड़ की लागत से फूड प्रोसेसिंग प्लांट लगाया जाएगा। इसमें से पांच करोड़ की लागत से कूलिंग चैन तैयार की जाएगी। जबकि तीन करोड़ रुपये छोटी फूड यूनिट बनाने पर खर्च होगा। प्रोसेसिंग यूनिट में आलू के चिप्स व अन्य आइटम बनाए जा सकेंगे।
ये सुविधा होगी बहुमंजिला बिल्डिंगों में
पहली बिल्डिंग व्यापारियों के लिए होंगी, जिसमें ग्राउंड फ्लोर पर अंडर ग्राउंड पार्किंग। प्रथम तल पर नीलामी चबूतरा (प्लेटफार्म), द्वितीय तल पर व्यापारियों की दुकानें, तृतीय तल पर ऑफिसर, बैंक, कृषि से संबंधित कार्यालय, चौथे तल पर कैंटीन, कांफ्रेंस हाल व अन्य सुविधायें होंगी। इसी तरह से दूसरी बिल्डिंग मौजूदा मंडी परिषद के कार्यालय को तोड़कर तैयार की जाएगी। इसमें ग्राउंड फ्लोर पर पार्किंग, प्रथम तल पर मंडी परिषद के दफ्तर, द्वितीय तल पर कृषि से संबंधित दुकानें होंगे। जबकि उससे ऊपर के फ्लोर भी किसानों से संबंधित दफ्तरों, दुकानों के लिए निर्धारित रहेंगे।
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गाजियाबाद। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में साहिबाबाद मंडी कामर्शियल हब के तौर पर विकसित होंगी, जिसमें अंडर ग्राउंड पार्किंग से लेकर फूड प्रोसेसिंग प्लांट तक होगा। मंडी परिषद ने 150 करोड़ का प्लान तैयार किया है, जिसकी मदद से मंडी के अंदर दो बहुमंजिला बिल्डिंग बनाईं जाएंगी। उधर, गोविंदपुरम अनाज मंडी पर भी करीब 32 करोड़ रुपया खर्च किये जाने की तैयारी है।
मंडी सचिव की तरफ से प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेज दिया गया है, जहां से केंद्र को भेजे जाने की तैयार है। संभावना है कि फरवरी तक केंद्र से भी प्रस्ताव को हरी झंडी मिल जाएगी। मंडी सचिव सत्यपाल गंगवार ने बताया है कि प्रोजेक्ट केंद्रीय मंत्री वीके सिंह का है, जो प्रस्ताव का बजट केंद्र से स्वीकृत कराएंगे। जबकि गोविंदपुरम अनाज मंडी को विकसित करने का काम मंडी परिषद अपने निजी स्त्रोतों से करेगी। इस पर करीब 32 करोड़ रुपया खर्च होने की संभावना है, जिसकी पूरी कार्य योजना तैयार कर ली गई है। योजना के मुताबिक गोविंदपुरम अनाज मंडी का काम 31 दिसंबर 2018 तक और साहिबाबाद अनाज मंडी का काम 31 मार्च 2019 तक पूरा करने का लक्ष्य है। हालांकि अंतिम रूप से समय सीमा बजट स्वीकृति होने के बाद तय की जाएगी।
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किसानों के लिए बनेगा एग्री मॉल
योजना के तहत किसानों के लिए पांच मंजिला एग्री मॉल बनाया जाएगा, जिसमें कृषि से जुड़ी दुकानें होंगे। इसमें खाद, बिजली, कृषि उपकरण से लेकर किसानों से जुड़े अन्य ऑफिसर खोले जा सकेंगे। इस पांच मंजिला बिल्डिंग में किसानों के लिए विश्राम स्थल से लेकर कांफ्रेंस रूम तक की सुविधा होगी।
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आठ करोड़ में फूड प्रोसेसिंग प्लांट
व्यापारी किसानों से फल व सब्जियां खरीद कर लंबे समय तक सुरक्षित तरीके से रख सकेंगे। इसके लिए मंडी परिसर में ही आठ करोड़ की लागत से फूड प्रोसेसिंग प्लांट लगाया जाएगा। इसमें से पांच करोड़ की लागत से कूलिंग चैन तैयार की जाएगी। जबकि तीन करोड़ रुपये छोटी फूड यूनिट बनाने पर खर्च होगा। प्रोसेसिंग यूनिट में आलू के चिप्स व अन्य आइटम बनाए जा सकेंगे।
ये सुविधा होगी बहुमंजिला बिल्डिंगों में
पहली बिल्डिंग व्यापारियों के लिए होंगी, जिसमें ग्राउंड फ्लोर पर अंडर ग्राउंड पार्किंग। प्रथम तल पर नीलामी चबूतरा (प्लेटफार्म), द्वितीय तल पर व्यापारियों की दुकानें, तृतीय तल पर ऑफिसर, बैंक, कृषि से संबंधित कार्यालय, चौथे तल पर कैंटीन, कांफ्रेंस हाल व अन्य सुविधायें होंगी। इसी तरह से दूसरी बिल्डिंग मौजूदा मंडी परिषद के कार्यालय को तोड़कर तैयार की जाएगी। इसमें ग्राउंड फ्लोर पर पार्किंग, प्रथम तल पर मंडी परिषद के दफ्तर, द्वितीय तल पर कृषि से संबंधित दुकानें होंगे। जबकि उससे ऊपर के फ्लोर भी किसानों से संबंधित दफ्तरों, दुकानों के लिए निर्धारित रहेंगे।