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ऑल सेंटर: एफएआर ने लगाया अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम पर ब्रेक-Cordination
Updated Thu, 18 Jan 2018 01:25 AM IST
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एफएआर की अनुमति पर टिका अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का भविष्य
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन में बनने वाले अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण संकट में घिरता जा रहा है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने स्टेडियम के निर्माण के लिए पहले अतिरिक्त फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) की अनुमति मांगी थी। करीब छह माह गुजरने के बावजूद शासन की ओर से एफएआर पर कोई फैसला नहीं हो पाया है। उधर, गाजियाबाद क्रिकेट एसोसिएशन (जीसीए) के पदाधिकारियों के मुताबिक एफएआर को मंजूरी मिलने के बाद नक्शा पास करवाकर निर्माण शुरू कराया जाएगा।
एफएआर की प्रगति पर जानकारी के लिए जीसीए के पदाधिकारियों ने जीडीए अधिकारियों से मुलाकात की, लेकिन मामले में प्रगति की कोई जानकारी उन्हें नहीं मिली। जीसीए की ओर से दिए गए अतिरिक्त एफएआर के प्रस्ताव में तकनीकी मामला फंसा हुआ है। जीसीए ने अपने प्रस्ताव में जीडीए से 1.50 एफएआर की अनुमति मांगी है, लेकिन निर्र्माण संबंधी नियम के तहत जीडीए केवल 0.40 एफएआर की अनुमति दे सकता है। इसलिए अतिरिक्त एफएआर का मामला शासन में लंबित है।
2019 तक निर्माण का लक्ष्य, 50 हजार होगी दर्शक क्षमता
राजनगर एक्सटेंशन में 33.54 एकड़ जमीन पर बनने वाले अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम की क्षमता करीब 50 हजार दर्शकों की होगी। बीसीसीआई की ओर से दिसंबर 2015 में स्टेडियम के निर्माण का प्रस्ताव दिया था। उसका लक्ष्य 2019 के आखिर का स्टेडियम का निर्माण पूरा करना है। स्टेडियम में कोलकाता ईडन गार्डन, कानपुर ग्रीन पार्क स्टेडियम से भी अधिक आधुनिक सुविधाएं होगी, जिसमें करीब 2500 वाहनों के लिए पार्किंग प्रस्तावित है।
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कैग टीम के सामने उठा था मामला
पिछले साल कैग टीम के ऑडिट के वक्त अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम की जमीन खरीदने में जीडीए की अहम भूमिका और जीडीए की ओर से तय चार्ज नहीं वसूलने का मामला उठाया था। जीडीए की ओर से स्टेडियम की जमीन संबंधी खरीदारी की विस्तृत रिपोर्ट कैग टीम के सामने रखी थी। जिस पर कैग टीम ने संतुष्टि जाहिर की थी।
कोट्स:
अतिरिक्त एफएआर पर शासन स्तर से कोई निर्णय नहीं हो पाया है। एफएआर के लिए जीडीए अधिकारियों से फिर बातचीत की गई, लेकिन कोई जानकारी प्राप्त नहीं हुई। एफएआर में देरी का असर पूरे प्रोजेक्ट के निर्माण पर पड़ेगा। - राकेश मिश्रा, अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, समन्वयक व अध्यक्ष जीसीए
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन में बनने वाले अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण संकट में घिरता जा रहा है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने स्टेडियम के निर्माण के लिए पहले अतिरिक्त फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) की अनुमति मांगी थी। करीब छह माह गुजरने के बावजूद शासन की ओर से एफएआर पर कोई फैसला नहीं हो पाया है। उधर, गाजियाबाद क्रिकेट एसोसिएशन (जीसीए) के पदाधिकारियों के मुताबिक एफएआर को मंजूरी मिलने के बाद नक्शा पास करवाकर निर्माण शुरू कराया जाएगा।
एफएआर की प्रगति पर जानकारी के लिए जीसीए के पदाधिकारियों ने जीडीए अधिकारियों से मुलाकात की, लेकिन मामले में प्रगति की कोई जानकारी उन्हें नहीं मिली। जीसीए की ओर से दिए गए अतिरिक्त एफएआर के प्रस्ताव में तकनीकी मामला फंसा हुआ है। जीसीए ने अपने प्रस्ताव में जीडीए से 1.50 एफएआर की अनुमति मांगी है, लेकिन निर्र्माण संबंधी नियम के तहत जीडीए केवल 0.40 एफएआर की अनुमति दे सकता है। इसलिए अतिरिक्त एफएआर का मामला शासन में लंबित है।
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2019 तक निर्माण का लक्ष्य, 50 हजार होगी दर्शक क्षमता
राजनगर एक्सटेंशन में 33.54 एकड़ जमीन पर बनने वाले अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम की क्षमता करीब 50 हजार दर्शकों की होगी। बीसीसीआई की ओर से दिसंबर 2015 में स्टेडियम के निर्माण का प्रस्ताव दिया था। उसका लक्ष्य 2019 के आखिर का स्टेडियम का निर्माण पूरा करना है। स्टेडियम में कोलकाता ईडन गार्डन, कानपुर ग्रीन पार्क स्टेडियम से भी अधिक आधुनिक सुविधाएं होगी, जिसमें करीब 2500 वाहनों के लिए पार्किंग प्रस्तावित है।
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कैग टीम के सामने उठा था मामला
पिछले साल कैग टीम के ऑडिट के वक्त अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम की जमीन खरीदने में जीडीए की अहम भूमिका और जीडीए की ओर से तय चार्ज नहीं वसूलने का मामला उठाया था। जीडीए की ओर से स्टेडियम की जमीन संबंधी खरीदारी की विस्तृत रिपोर्ट कैग टीम के सामने रखी थी। जिस पर कैग टीम ने संतुष्टि जाहिर की थी।
कोट्स:
अतिरिक्त एफएआर पर शासन स्तर से कोई निर्णय नहीं हो पाया है। एफएआर के लिए जीडीए अधिकारियों से फिर बातचीत की गई, लेकिन कोई जानकारी प्राप्त नहीं हुई। एफएआर में देरी का असर पूरे प्रोजेक्ट के निर्माण पर पड़ेगा। - राकेश मिश्रा, अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, समन्वयक व अध्यक्ष जीसीए