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Delhi NCR News: जेन जी ने बदला दिल्ली के राखी बाजार का समीकरण
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- सदर बाजार से खान मार्केट तक युवाओं की पसंद हावी, युवा ग्राहकों की मांग देखकर माल मंगा रहे व्यापारी
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राखी वही है। रिश्ता भी वही है। लेकिन बाजार बदल गया है। इस बार दिल्ली के राखी बाजार में जेन जी की पसंद सबसे ज्यादा असर डाल रही है। दुकानदार अब युवा ग्राहकों की मांग देखकर माल मंगा रहे हैं। ब्लू आई, चार्म, स्पिनिंग ब्रेसलेट, पर्सनलाइज्ड, इको-फ्रेंडली और वेलनेस राखियों की मांग बढ़ी है।
चैंबर ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (सीएआईटी) के अनुसार, पिछले साल दिल्ली में राखी से जुड़ा कारोबार करीब 17 हजार करोड़ रुपये था। इस साल करीब 45 फीसदी बढ़ोतरी का अनुमान है। कारोबार करीब 25 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
दो रुपये से 3500 रुपये तक की राखी
सदर बाजार दिल्ली का सबसे बड़ा थोक केंद्र है। यहां से पूरे उत्तर भारत में राखियां जाती हैं। बाजार में कीमत दो रुपये से 500 रुपये प्रति पीस तक है। सामान्य राखियां 10 से 50 रुपये में मिल रही हैं। डिजाइनर और स्टोन वाली राखियां 100 से 500 रुपये तक हैं। स्टर्लिंग सिल्वर और वेलनेस राखियां 395 से 3500 रुपये तक बिक रही हैं। कई जगह कीमतों में 20 से 25 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है। इसके बावजूद जेन जी की खरीदारी पर खास असर नहीं पड़ा है।
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राखी में भी दिख रही युवाओं की पसंद
ब्लू आई और चार्म राखियां टीनएजर्स और कॉलेज जाने वाले युवाओं में पसंद की जा रही हैं। स्पिनिंग ब्रेसलेट राखी ज्वेलरी जैसा लुक देती है। पर्सनलाइज्ड और फोटो राखियों में नाम, इनिशियल और फोटो जुड़ रहे हैं। वेलनेस राखियों में सात चक्र, बर्थस्टोन और स्टर्लिंग सिल्वर का चलन है। खान मार्केट और दक्षिण दिल्ली में इनकी प्रीमियम मांग है। एक ब्रांड ने अकेले 15 हजार बर्थस्टोन वाली सिल्वर राखियां बेचने का दावा किया है।
मिट्टी, लकड़ी, बीज से बन रही राखियां
इको-फ्रेंडली राखियों में मिट्टी, लकड़ी, बीज और रीसाइकल्ड पेपर का इस्तेमाल हो रहा है। छोटा भीम, डोरेमोन, नटखट कान्हा और स्पिनर वाली राखियां बच्चों में लोकप्रिय हैं। भैया-भाभी सेट भी परिवार को जोड़ने वाला नया विकल्प बन रहा है।
सदर बाजार के एक थोक व्यापारी मोहन ने कहा कि अब ग्राहक की पसंद देखकर स्टॉक करते हैं। खान मार्केट की एक रिटेलर पंकज के मुताबिक, युवा अब राखी में स्टाइल के साथ कोई खास अर्थ भी तलाश रहा है।
करोलबाग निवासी रिया जैन ने कहा, डिजाइन और रंग देखकर राखी चुन रही हूं। वहीं सोनम के मुताबिक, भाई के लिए ऐसी राखी चाहिए, जो अलग दिखे और बाद में भी पहनने लायक हो।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राखी वही है। रिश्ता भी वही है। लेकिन बाजार बदल गया है। इस बार दिल्ली के राखी बाजार में जेन जी की पसंद सबसे ज्यादा असर डाल रही है। दुकानदार अब युवा ग्राहकों की मांग देखकर माल मंगा रहे हैं। ब्लू आई, चार्म, स्पिनिंग ब्रेसलेट, पर्सनलाइज्ड, इको-फ्रेंडली और वेलनेस राखियों की मांग बढ़ी है।
चैंबर ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (सीएआईटी) के अनुसार, पिछले साल दिल्ली में राखी से जुड़ा कारोबार करीब 17 हजार करोड़ रुपये था। इस साल करीब 45 फीसदी बढ़ोतरी का अनुमान है। कारोबार करीब 25 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
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दो रुपये से 3500 रुपये तक की राखी
सदर बाजार दिल्ली का सबसे बड़ा थोक केंद्र है। यहां से पूरे उत्तर भारत में राखियां जाती हैं। बाजार में कीमत दो रुपये से 500 रुपये प्रति पीस तक है। सामान्य राखियां 10 से 50 रुपये में मिल रही हैं। डिजाइनर और स्टोन वाली राखियां 100 से 500 रुपये तक हैं। स्टर्लिंग सिल्वर और वेलनेस राखियां 395 से 3500 रुपये तक बिक रही हैं। कई जगह कीमतों में 20 से 25 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है। इसके बावजूद जेन जी की खरीदारी पर खास असर नहीं पड़ा है।
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राखी में भी दिख रही युवाओं की पसंद
ब्लू आई और चार्म राखियां टीनएजर्स और कॉलेज जाने वाले युवाओं में पसंद की जा रही हैं। स्पिनिंग ब्रेसलेट राखी ज्वेलरी जैसा लुक देती है। पर्सनलाइज्ड और फोटो राखियों में नाम, इनिशियल और फोटो जुड़ रहे हैं। वेलनेस राखियों में सात चक्र, बर्थस्टोन और स्टर्लिंग सिल्वर का चलन है। खान मार्केट और दक्षिण दिल्ली में इनकी प्रीमियम मांग है। एक ब्रांड ने अकेले 15 हजार बर्थस्टोन वाली सिल्वर राखियां बेचने का दावा किया है।
मिट्टी, लकड़ी, बीज से बन रही राखियां
इको-फ्रेंडली राखियों में मिट्टी, लकड़ी, बीज और रीसाइकल्ड पेपर का इस्तेमाल हो रहा है। छोटा भीम, डोरेमोन, नटखट कान्हा और स्पिनर वाली राखियां बच्चों में लोकप्रिय हैं। भैया-भाभी सेट भी परिवार को जोड़ने वाला नया विकल्प बन रहा है।
सदर बाजार के एक थोक व्यापारी मोहन ने कहा कि अब ग्राहक की पसंद देखकर स्टॉक करते हैं। खान मार्केट की एक रिटेलर पंकज के मुताबिक, युवा अब राखी में स्टाइल के साथ कोई खास अर्थ भी तलाश रहा है।
करोलबाग निवासी रिया जैन ने कहा, डिजाइन और रंग देखकर राखी चुन रही हूं। वहीं सोनम के मुताबिक, भाई के लिए ऐसी राखी चाहिए, जो अलग दिखे और बाद में भी पहनने लायक हो।