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Faridabad News: फरीदाबाद व गुरुग्राम में बनाए जाएंगे तीन वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट
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कूड़े-कचरे का निस्तारण कर बनाई जाएगी ऊर्जा
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश में स्वच्छता अभियान पर की उच्चस्तरीय बैठक
गुरुग्राम और फरीदाबाद के लिए विस्तृत योजना बनाने के अधिकारियों को दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। हरियाणा के मुख्यमंत्री ने प्रदेश में स्वच्छता अभियान कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा हेतु एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में गुरुग्राम व फरीदाबाद को लेकर विशेष घोषणाएं व निर्देश जारी किए गए। बैठक में मंत्री विपुल गोयल भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विशेष रूप से गुरुग्राम और फरीदाबाद के लिए एक समग्र और विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। ताकि इन जिलों में ठोस कचरे के निस्तारण की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि साफ-सफाई के प्रयासों को धरातल पर उतारने के लिए आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक तरीकों का उपयोग किया जाए।
बैठक में निर्णय लिया गया कि फरीदाबाद, मानेसर और गुरुग्राम में वेस्ट-टू-एनर्जी संयंत्रों की स्थापना की जाएगी। जिनके माध्यम से प्रतिदिन उत्पन्न होने वाले ठोस कचरे को ऊर्जा में परिवर्तित कर बिजली उत्पादन किया जाएगा। आने वाले कुछ महीनों में इन संयंत्रों की स्थापना का कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा और अगले 24 महीनों के भीतर ये संयंत्र पूरी तरह से चालू हो जाएंगे।
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इन वेस्ट-टू-एनर्जी संयंत्रों से अनेक लाभ होंगे। इन संयंत्रों के माध्यम से कचरे से सीधे बिजली उत्पादन किया जाएगा, जिससे पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों जैसे कोयला और पेट्रोलियम पर निर्भरता कम होगी। यहां से उत्पन्न बिजली को ग्रिड में जोड़कर शहरों की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा किया जा सकेगा। इससे हरियाणा की स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और राज्य सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ेगा। इन संयंत्रों के संचालन और रख-रखाव से स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। यह पहल हरियाणा को कार्बन उत्सर्जन में कमी और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में अग्रणी बनाएगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्य की समयबद्ध मॉनिटरिंग की जाए और जनता को इस प्रक्रिया से जोड़ने के लिए व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएं, ताकि लोग स्वयं कचरे के पृथक्करण और वैज्ञानिक प्रबंधन में सक्रिय सहयोग कर सकें।
नायब सिंह सैनी ने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक सामाजिक जिम्मेदारी है जिसमें प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भूमिका होनी चाहिए। नगर निगमों को जिम्मेदारीपूर्वक काम करना होगा और सुनिश्चित करना होगा कि कूड़ा समय पर उठे, सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी न फैले तथा नालों की सफाई नियमित रूप से की जाए।
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मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश में स्वच्छता अभियान पर की उच्चस्तरीय बैठक
गुरुग्राम और फरीदाबाद के लिए विस्तृत योजना बनाने के अधिकारियों को दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। हरियाणा के मुख्यमंत्री ने प्रदेश में स्वच्छता अभियान कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा हेतु एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में गुरुग्राम व फरीदाबाद को लेकर विशेष घोषणाएं व निर्देश जारी किए गए। बैठक में मंत्री विपुल गोयल भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विशेष रूप से गुरुग्राम और फरीदाबाद के लिए एक समग्र और विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। ताकि इन जिलों में ठोस कचरे के निस्तारण की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि साफ-सफाई के प्रयासों को धरातल पर उतारने के लिए आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक तरीकों का उपयोग किया जाए।
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बैठक में निर्णय लिया गया कि फरीदाबाद, मानेसर और गुरुग्राम में वेस्ट-टू-एनर्जी संयंत्रों की स्थापना की जाएगी। जिनके माध्यम से प्रतिदिन उत्पन्न होने वाले ठोस कचरे को ऊर्जा में परिवर्तित कर बिजली उत्पादन किया जाएगा। आने वाले कुछ महीनों में इन संयंत्रों की स्थापना का कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा और अगले 24 महीनों के भीतर ये संयंत्र पूरी तरह से चालू हो जाएंगे।
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इन वेस्ट-टू-एनर्जी संयंत्रों से अनेक लाभ होंगे। इन संयंत्रों के माध्यम से कचरे से सीधे बिजली उत्पादन किया जाएगा, जिससे पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों जैसे कोयला और पेट्रोलियम पर निर्भरता कम होगी। यहां से उत्पन्न बिजली को ग्रिड में जोड़कर शहरों की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा किया जा सकेगा। इससे हरियाणा की स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और राज्य सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ेगा। इन संयंत्रों के संचालन और रख-रखाव से स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। यह पहल हरियाणा को कार्बन उत्सर्जन में कमी और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में अग्रणी बनाएगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्य की समयबद्ध मॉनिटरिंग की जाए और जनता को इस प्रक्रिया से जोड़ने के लिए व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएं, ताकि लोग स्वयं कचरे के पृथक्करण और वैज्ञानिक प्रबंधन में सक्रिय सहयोग कर सकें।
नायब सिंह सैनी ने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक सामाजिक जिम्मेदारी है जिसमें प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भूमिका होनी चाहिए। नगर निगमों को जिम्मेदारीपूर्वक काम करना होगा और सुनिश्चित करना होगा कि कूड़ा समय पर उठे, सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी न फैले तथा नालों की सफाई नियमित रूप से की जाए।