{"_id":"66fd88f11cd63f71a8015c55","slug":"section-163-implemented-near-polling-and-counting-centers-faridabad-news-c-26-1-del1005-31708-2024-10-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: मतदान व मतगणना केंद्रों के पास धारा-163 लागू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: मतदान व मतगणना केंद्रों के पास धारा-163 लागू
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। विधानसभा के लिए पांच अक्तूबर को मतदान और आठ अक्तूबर को मतगणना होना है। जिलाधीश विक्रम सिंह ने मतदान केंद्रों व मतगणना केंद्रों के पास धारा-163 (पूर्व में धारा-144) लागू कर दी है। जिलाधीश ने 6 विधानसभाओं में बनाए गए मतदान केंद्रों पर सुरक्षा को देखते हुए असामाजिक तत्वों के प्रवेश पर प्रतिबंध के आदेश जारी किए हैं। यह आदेश पांच अक्तूबर की सुबह से लागू होंगे तथा आठ अक्तूबर को मतगणना पूरी होने तक प्रभावी रहेंगे।
जिलाधीश की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया है कि जिला में विधानसभा आम चुनाव के तहत बनाए गए सभी मतदान केंद्रों पर केवल मतदाता, मतदान अधिकारी, उम्मीदवार, चुनाव एजेंट और एक समय में प्रत्येक उम्मीदवार का एक मतदान एजेंट ही मौजूद रहेंगे। इसके अलावा निर्वाचन आयोग द्वारा प्राधिकृत व्यक्ति, ड्यूटी पर तैनात लोक सेवक (पुलिस अधिकारियों को छोडक़र), एक मतदाता के साथ हाथ में एक बच्चा, किसी अशक्त मतदाता के साथ जाने वाला व्यक्ति जो बिना सहायता के चल-फिर नहीं सकता या मतदान नहीं कर सकता, ऐसे अन्य व्यक्ति जिन्हें पीठासीन अधिकारी द्वारा समय-समय पर मतदाताओं की पहचान करने या मतदान में उनकी सहायता करने के उद्देश्य से भेजा जाता है ही प्रवेश कर सकते हैं।
ड्यूटी में लोक सेवक अभिव्यक्ति में केंद्र और राज्य के मंत्री, राज्य मंत्री और उप मंत्री शामिल नहीं हैं। आयोग के निर्देशों के अनुसार, उन्हें चुनाव एजेंट या पोलिंग एजेंट के रूप में भी नियुक्त करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है, क्योंकि उन्हें अपने सुरक्षा गार्डों के साथ जाना पड़ता है, जिन्हें मतदान केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा सकती है। किसी भी उम्मीदवार या किसी एजेंट या किसी निर्वाचक के साथ आने वाले किसी भी सुरक्षाकर्मी को मतदान केंद्र में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि आदेशों की अवहेलना करने वालों पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
फरीदाबाद। विधानसभा के लिए पांच अक्तूबर को मतदान और आठ अक्तूबर को मतगणना होना है। जिलाधीश विक्रम सिंह ने मतदान केंद्रों व मतगणना केंद्रों के पास धारा-163 (पूर्व में धारा-144) लागू कर दी है। जिलाधीश ने 6 विधानसभाओं में बनाए गए मतदान केंद्रों पर सुरक्षा को देखते हुए असामाजिक तत्वों के प्रवेश पर प्रतिबंध के आदेश जारी किए हैं। यह आदेश पांच अक्तूबर की सुबह से लागू होंगे तथा आठ अक्तूबर को मतगणना पूरी होने तक प्रभावी रहेंगे।
जिलाधीश की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया है कि जिला में विधानसभा आम चुनाव के तहत बनाए गए सभी मतदान केंद्रों पर केवल मतदाता, मतदान अधिकारी, उम्मीदवार, चुनाव एजेंट और एक समय में प्रत्येक उम्मीदवार का एक मतदान एजेंट ही मौजूद रहेंगे। इसके अलावा निर्वाचन आयोग द्वारा प्राधिकृत व्यक्ति, ड्यूटी पर तैनात लोक सेवक (पुलिस अधिकारियों को छोडक़र), एक मतदाता के साथ हाथ में एक बच्चा, किसी अशक्त मतदाता के साथ जाने वाला व्यक्ति जो बिना सहायता के चल-फिर नहीं सकता या मतदान नहीं कर सकता, ऐसे अन्य व्यक्ति जिन्हें पीठासीन अधिकारी द्वारा समय-समय पर मतदाताओं की पहचान करने या मतदान में उनकी सहायता करने के उद्देश्य से भेजा जाता है ही प्रवेश कर सकते हैं।
विज्ञापन
ड्यूटी में लोक सेवक अभिव्यक्ति में केंद्र और राज्य के मंत्री, राज्य मंत्री और उप मंत्री शामिल नहीं हैं। आयोग के निर्देशों के अनुसार, उन्हें चुनाव एजेंट या पोलिंग एजेंट के रूप में भी नियुक्त करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है, क्योंकि उन्हें अपने सुरक्षा गार्डों के साथ जाना पड़ता है, जिन्हें मतदान केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा सकती है। किसी भी उम्मीदवार या किसी एजेंट या किसी निर्वाचक के साथ आने वाले किसी भी सुरक्षाकर्मी को मतदान केंद्र में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि आदेशों की अवहेलना करने वालों पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन