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Faridabad News: अवैध निर्माण तोड़ने के महीनों बाद भी नहीं हटाया गया मलबा

Mon, 08 Dec 2025 12:45 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 08 Dec 2025 12:45 AM IST
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Even months after demolition, the debris was not removed.
जिले में हरियाली लौटाने के दावे करने वाला वन विभाग जमीनी स्तर पर पूरी तरह विफल
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। जिले में हरियाली लौटाने के बड़े-बड़े दावे करने वाला वन विभाग जमीनी स्तर पर पूरी तरह विफल नजर आ रहा है। अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाकर पर्यावरण बचाने का श्रेय लेने वाला प्रशासन अभी तक उन स्थानों पर दोबारा हरियाली लाने में असफल साबित हो रहा है। खोरी गांव और सूरजकुंड रोड जैसे इलाकों में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण हटाए गए लेकिन लंबा समय बीत जाने के बाद भी कई स्थानों पर मलबे के ढेर दिख रहे हैं। वहीं इलाके में प्रदूषण में कोई सुधार नहीं हो रहा है।

खोरी गांव में हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से 50 से अधिक अवैध निर्माण हटाए गए थे। स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि जल्द ही यहां पौधे लगाए जाएंगे और इलाका सांस लेने लायक बनेगा। लेकिन आज भी वहां जगह-जगह वीरान जमीनें हैं, मिट्टी उड़ रही है और मलबा पड़ा है। मोहल्ले के बुजुर्ग बताते हैं कि पहले ही हवा में धूल ज्यादा रहती थी अब हाल और बुरा हो गया है। बच्चों और बुजुर्गों में सांस की तकलीफ बढ़ रही है लेकिन पौधे लगने का इंतजार खत्म नहीं हो रहा।
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दूसरी ओर सूरजकुंड रोड पर अरावली की तलहटी में कोर्ट के आदेश के बाद 250 से अधिक अवैध निर्माण ध्वस्त किए गए। पर्यावरणविदों को उम्मीद थी कि यहां सबसे पहले वन विभाग सक्रिय होगा और अरावली का घायल हिस्सा फिर से हरा होगा। लेकिन हकीकत यह है कि कई स्थानों पर अब भी मलबा बिखरा पड़ा है।
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वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सूरजकुंड रोड पर जिन जगहों पर अतिक्रमण हटाया गया, वहां की जमीन निजी है। कुछ दिन जमीन खाली रही तो अपने आप हरियाली उग आएगी। वहीं विशेषज्ञ मानते हैं कि मलबा हटाए बिना और योजनाबद्ध पौधारोपण के बिना प्राकृतिक रूप से वनस्पति बहाल होना काफी लंबी प्रक्रिया है।

खोरी गांव के मामले में विभाग ने भरोसा दिलाया है कि जिन स्थानों से अतिक्रमण हटाया गया है, वहां पौधारोपण किया जाएगा। साथ ही कहा गया कि विभाग की अन्य खाली जमीनों पर भी पेड़ लगाए जाएंगे। पर्यावरण को लेकर प्रशासन की लापरवाही के कारण जिले की हवा में कोई सुधार नहीं हो पा रहा है। हर साल प्रदूषण की स्थिति खराब हो रही है। अरावली जैसे फेफड़े शहर को छाया और ऑक्सीजन देते है लेकिन इसको लेकर भी अधिकारी गंभीर नहीं दिख रहे हैं।

वहीं जागरूक लोगों का कहना है कि जिला प्रशासन, नगर निगम और वन विभाग मिलकर तय समय-सीमा में मलबा हटाएं, मिट्टी उपचार करें और स्थानीय प्रजातियों के पौधे रोपित करें। वहीं निजी भूमि के मामलों में कानूनी प्रक्रिया पूरी कर ग्रीन जोन विकसित करने की पहल की जाए। सिर्फ बुलडोजर चलाने से पर्यावरण की समस्या का समाधान नहीं होगा।


वन विभाग के अधिकारी क्षेत्र में जितने भी खाली स्थान हैं उन पर पौधारोपण करने के लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। इसको जल्द ही पास करवाकर काम शुरू कर दिया जाएगा। - सुरेंद्र डांगी, जिला वन अधिकारी
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