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चार करोड़ की कोठी के लिए कराई थी हत्या

Sat, 09 May 2015 02:01 AM IST
अमर उजाला, इंदिरापुरम
अमर उजाला, इंदिरापुरम Updated Sat, 09 May 2015 02:01 AM IST
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Was routed to the killing of four million mansion.
वसुंधरा सेक्टर-1 में हुई पूर्व पार्षद प्रदीप चौधरी उर्फ टीटी की हत्या राजेंद्र नगर स्थित चार करोड़ रुपये की कोठी के लिए की गई थी। पुलिस ने शुक्रवार को साजिश रचने वाले कोठी के मालिक और दो शार्प शूटरों को गिरफ्तार किया है।
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दोनों शार्प शूटर फौज में रह चुके हैं। पकड़ा गया एक शूटर साहिबाबाद विधायक अमरपाल शर्मा का पीएसओ रह चुका है। अभी एक शूटर भागा हुआ है, वह भी विधायक का गनर रह चुका है।
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सीओ इंदिरापुरम अतुल यादव ने बताया पकड़े गए हत्यारोपी किरणपाल निवासी श्रेष्ठ विहार दिल्ली, नरेंद्र फौजी और नितिन कसाना लोनी सकलपुरा के हैं। इन्हें इंदिरापुरम के विंडसर पार्क से गिरफ्तार किया गया।
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हत्या में प्रयुक्त नरेंद्र की लाइसेंसी पिस्टल, एक अन्य पिस्टल, आठ कारतूस, पल्सर बाइक और स्कॉर्पियो कार बरामद की गई है। नरेंद्र और नितिन दोनों पूर्व फौजी हैं। नरेंद्र फौजी करीब 16 साल तक आर्मी में नौकरी कर चुका है।

रिटायर्ड होने के बाद वह लंबे समय तक विधायक अमरपाल शर्मा का पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर रहा है। कुछ समय पहले ही उसने विधायक के यहां से नौकरी छोड़ी थी। विधायक के साथ उसने राजेंद्र नगर के पास एक चेन स्नैचर को भी पकड़वाया था।

मगर रुपया के लालच में वह हत्या तक करने को तैयार हो गया। नितिन भी आठ साल आर्मी में नौकरी कर चुका है। उसने नौकरी छोड़ दी थी। फरार हत्यारोपी बलराम निवासी लोनी सकलपुरा भी विधायक अमरपाल शर्मा का गनर रह चुका है।

सीओ ने बताया कि प्रॉपर्टी डीलर किरणपाल का साहिबाबाद निवासी महेंद्र पहलवान और नरेंद्र चौहान उर्फ नूदल से राजेंद्र नगर स्थित कोठी पर विवाद चल रहा था।

प्रदीप चौधरी की मदद से किरणपाल कोठी खाली करवाना चाहता था, जिसके चलते प्रदीप का कई बार महेंद्र पाल और नूदल से विवाद हो चुका था। प्रदीप चौधरी किरणपाल से खर्चे के नाम पर काफी पैसा वसूल रहा था।

किरणपाल ने नरेंद्र फौजी को उसकी हत्या की सुपारी दी। इसके बदले नरेंद्र को चार करोड़ की कोठी बेचने के बाद करीब दो करोड़ रुपये दिया जाना तय हुआ। नरेंद्र फौजी ने नितिन कसाना और बलराम के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।

विधायक बोले-आरोपी से  कोई लेना देना नहीं
विधायक अमरपाल शर्मा का कहना है कि हत्यारोपियों में उनका पीएसओ बताया जा रहा आरोपी हत्याकांड से करीब 8 महीने पहले ही हटा दिया गया था। मेरा उससे कोई लेना देना नहीं है। कानून अपना काम करे।

हत्या की किरणपाल ने आरोप महेंद्र पहलवान और नूदल पर
कोठी खाली करवाने के सिलसिले में प्रदीप चौधरी का महेंद्र पहलवान और नरेंद्र चौहान उर्फ नूदल से लंबे समय से विवाद चल रहा था। सीओ के अनुसार, किरणपाल ने प्रदीप की हत्या कराई।

आरोप महेंद्र और नूदल पर लगा दिए गए, जिससे किरणपाल बचा रहे। घटना के अगले दिन ही पुलिस ने आरोपी नरेंद्र फौजी की बाइक बरामद कर ली थी, जिससे आरोपियों को पकड़ लिया गया।

किरणपाल ने नरेंद्र से सौदा किया महेंद्र और नूदल के जेल जाने के बाद वह कोठी बेच देगा और दो करोड़ उसे देगा। हत्या के बाद किरणपाल भी घर से गायब हो गया था।


ये था मामला
10 दिसंबर 2014 की सुबह करीब आठ बजे साहिबाबाद गांव निवासी पूर्व पार्षद और सपा नेता प्रदीप चौधरी वसुंधरा सेक्टर-1 स्थित जिम जा रहे थे। जिम के सामने ही बाइक सवार तीन बदमाशों ने उनकी हत्या कर दी थी।
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