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वीके सिंह के खिलाफ शिकायत पर कोर्ट ने लिया संज्ञान, शिकायतकर्ता को बयान दर्ज कराने का निर्देश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Updated Tue, 27 Nov 2018 07:14 PM IST
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फाइल फोटो
विदेश राज्यमंत्री जनरल (सेवानिवृत) वीके सिंह की मुश्किलें फिर बढ़ गई है। अदालत ने डॉग रिमार्क मामले में उनके खिलाफ पेश शिकायत पर संज्ञान लेते हुए उसे सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। मामला फरीदाबाद के सुनपेड़ में आगजनी में मारे गए दलित बच्चों की तुलना कथित रूप से कुत्ते से करने से जुड़ा है।
कड़कड़डूमा जिला अदालत के विशेष न्यायाधीश एसके मल्होत्रा ने वीके सिंह के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट की धाराओं में दायर शिकायत पर संज्ञान लेते हुए शिकायतकर्ता अधिवक्ता सत्यप्रकाश गौतम को 14 जनवरी 2019 को बयान दर्ज कराने का निर्देश दिया है।
पेश मामले में अधिवक्ता सत्यप्रकाश गौतम ने वीके सिंह पर एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। उसका आरोप है कि वीके सिंह मंत्री होते हुए बेहद अमर्यादित बयान दिया और दलित बच्चों की तुलना कुत्तों से कर दलित समुदाय को अपमानित किया है।
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शिकायतकर्ता का आरोप है कि फरीदाबाद के सुनपेड़ में दलित परिवार के लोगों को जिंदा जलाने के मामले में पत्रकारों ने वीके सिंह से बात करते हुए 21 अक्तूबर 2015 को उनका पक्ष जानना चाहा था तो उन्होंने कथित रूप से कहा था कि अगर कोई कुत्ते को पत्थर मार दे तो यह भी सरकार की जिम्मेदारी है।
पूर्व जनरल वीके सिंह के इस बयान के खिलाफ गौतम ने 23 अक्तूबर 2015 को जाफराबाद थाने में शिकायत देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी लेकिन पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की थी। इसके बाद गौतम ने कोर्ट में अर्जी दायर कर केस दर्ज करने की मांग की थी। इस शिकायत को मजिस्ट्रेट कोर्ट ने खारिज कर दिया था।
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कड़कड़डूमा जिला अदालत के विशेष न्यायाधीश एसके मल्होत्रा ने वीके सिंह के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट की धाराओं में दायर शिकायत पर संज्ञान लेते हुए शिकायतकर्ता अधिवक्ता सत्यप्रकाश गौतम को 14 जनवरी 2019 को बयान दर्ज कराने का निर्देश दिया है।
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पेश मामले में अधिवक्ता सत्यप्रकाश गौतम ने वीके सिंह पर एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। उसका आरोप है कि वीके सिंह मंत्री होते हुए बेहद अमर्यादित बयान दिया और दलित बच्चों की तुलना कुत्तों से कर दलित समुदाय को अपमानित किया है।
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शिकायतकर्ता का आरोप है कि फरीदाबाद के सुनपेड़ में दलित परिवार के लोगों को जिंदा जलाने के मामले में पत्रकारों ने वीके सिंह से बात करते हुए 21 अक्तूबर 2015 को उनका पक्ष जानना चाहा था तो उन्होंने कथित रूप से कहा था कि अगर कोई कुत्ते को पत्थर मार दे तो यह भी सरकार की जिम्मेदारी है।
पूर्व जनरल वीके सिंह के इस बयान के खिलाफ गौतम ने 23 अक्तूबर 2015 को जाफराबाद थाने में शिकायत देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी लेकिन पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की थी। इसके बाद गौतम ने कोर्ट में अर्जी दायर कर केस दर्ज करने की मांग की थी। इस शिकायत को मजिस्ट्रेट कोर्ट ने खारिज कर दिया था।