चोरी-झपटमारी के बाद मुथूट फाइनेंस में सोना गिरवी रख रहे हैं चोर, फिर बेच देते हैं सुनार को!
- सोना चुराओ, मुथूट फाइनेंस में गिरवी रखो, सुनार को बेचकर कमाओ
- सोना खरीदने वाले कारोबारी ने मुथुट फाइनेंस के कागजात देखे
- चोरों ने कहा, घर के सोने को मुथूट से छुड़ा पाने में असमर्थ हैं
विस्तार
मामला बहुत दिलचस्प है। चोरों-झपटमारों का नया तरीका भी है। सोना चुराओ, झपटमारी करो और मुथूट फाइनेंस में गिरवी रख दो। कुछ महीने बाद सुनार को बेच दो। यह तरकीब झपटमारों, चोरों ने निकाली है। ताजा मामला नोएडा सेक्टर 20 थाने का है। सेना से रिटायर कर्नल वीके पांडे, सेक्टर 28, नोएडा के घर का सोना चोर अशरफ और उसके साथियों ने उड़ाया। उन्होंने कुछ दिन बाद मुथूट फाइनेंस में गिरवी रख दिया। गिरवी रखने के बाद कुछ समय इंतजार भी किया।
गिरवी रखा मुथूट में, बेच दिया सुनार को
कुछ महीने बाद चोर नोएडा से दिल्ली के सोने के कारोबारियों के पास पहुंच गए। पूर्वी दिल्ली में शकरपुर क्षेत्र के दो कारोबारी बताए जाते हैं। सेक्टर-20 पुलिस थाना क्षेत्र सूत्र से मिली जानकारी के मुताबिक चोरों ने मुथूट फाइनेंस से सोना खरीदने और लोगों को बेचने का धंधा करने वाले युवा कारोबारी से संपर्क किया।
घर के सोने को मुथूट में गिरवी रखने और छुड़ा पाने में असमर्थता का कारण बताया। बताते हैं सोना खरीदने वाले कारोबारी ने मुथुट फाइनेंस के कागजात देखे। इसके बाद एक फार्म भरवाया। चोरों ने घोषणा कर दी यह सोना उनके घर का है। मजबूरी में गिरवी रखा और छुड़ा पाने में असमर्थ हैं।
इसके बाद कारोबारी ने अपने बैंक अकाउंट से मुथूट फाइनेंस को गिरवी रखे सोने के एवज में पैसा भेज दिया। ताकि अशरफ का गिरवी रखा सोना छूट जाए। उसे वह कुछ सस्ते में खरीद सके। मुथूट फाइनेंस ने बैंक अकाउंट का पैसा पाने के बाद गिरवी रखे सोने को रिलीज कर दिया। उसे लक्ष्मीनगर कारोबारी ने साफ-सुथरा मॉल समझकर खरीद लिया।
मुथूट फाइनेंस ने जांच-पड़ताल नहीं की
नोएडा, पुलिस क्राइम ब्रांच में तैनात एसआई नोवाशीष की सुनिए। फोन पर नोवाशीष ने बताया कि मामला तो यही है। यह घरों में चोरी करने वाले चोर हैं। उन्होंने घर से चोरी की और सोने को मुथूट में गिरवी रख दिया। बाद में दिल्ली के कारोबारी को मुथुट में गिरवी रखे सोने के नाम पर उसे बेच आए।
सेक्टर-20 थाने के एसएचओ राकेश सिंह ने भी बताया। उन्होंने कहा कि चोर ने सोना मुथूट फाइनेंस में गिरवी रख दिया था। मुथूट फाइनेंस ने इसकी कोई जांच पड़ताल नहीं की। हालांकि मुथूट एक बैंक है। लेकिन वह सोने की जांच-पड़ताल नहीं करते और कोई भी लेकर जाए तो गिरवी रख लेते हैं। चोरों ने इसे बाद में कारोबारी को बेच दिया।
कारोबारी राकेश सिंह का कहना है कि बाजार भाव से कम दर पर व्यापारी ने सोना छुड़ाया, इसलिए इस अपराध में उसकी संलिप्तता बनती है। हालांकि एसएचओ राकेश सिंह इसमें बैंक की भूमिका से लेकर कारोबारी की भूमिका तक कोई जवाब नहीं दे सके।
पुलिए आई तो छूटे पसीने
कुछ दिन बीते। अचानक सोने का चोर अशरफ पकड़ा गया। पुलिस की दबिश पर लक्ष्मीनगर, दिल्ली के कारोबारी तक नोएडा पुलिस पहुंच गई। एसआई संसार चंद, एसएचओ सेक्टर-20 थाना, नोएडा राकेश कुमार सिंह ने मामले में दिलचस्पी ली। पुलिस को देखकर कारोबारी ने अपने जीएसटीएन नंबर, अशरफ से सोना खरीदने के दौरान उससे भरवाया फार्म, उसका आधार कार्ड, अड्रेस प्रूफ सब दिखाया। जीएसटीएन नंबर भी दिया और बैंक से पैसा ट्रांसफर करके सोना खरीदने के डिटेल की भी जानकारी दी। लेकिन ये तो उत्तर प्रदेश पुलिस है, आसानी से कहां मानने वाली।
खूब कट रही है चांदी
सेक्टर-20 थाना, नोएडा के सूत्र की मानें तो शकरपुर क्षेत्र का कारोबारी गोल्डी ज्वेलर्स इस मामले में फंसा है। बताते हैं पुलिस ने दबिश बनाकर दो व्यापारियों से चोरी के 22-22 तोले सोने का पैसा जमा करने का दबाव बनाया। पुलिस की तरफ से दबाव है कि व्यापारी नकद में पैसा दे दें। सोने के बराबर का पैसा रिटायर कर्नल को देकर मामला रफा-दफा कर दिया जाएगा।
इसके लिए कुछ अतिरिक्त धनराशि भी देनी पड़ेगी। बताते हैं इस मामले में रिटायर्ड कर्नल ने कोई साढ़े छह लाख रुपये के मूल्य के जेवरात चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस दोनों व्यापारियों से दो गुने से अधिक का पैसा जमा कराने का दबाव बना रही है। एक व्यापारी ने नकद में पैसा दे दिया।
दोनों व्यापारी पुलिस से गुहार लगा रहे हैं कि उन्होंने कोई गड़बड़ नहीं की। मुथूट फाइनेंस में गिरवी रखा सोना व्यापारियों ने खरीदा है। बैंक ने सोना गिरवी रखने वाले से उसकी पड़ताल करके ही रखा होगा। लेकिन पुलिस उनके एक भी तर्क को सुनने के लिए तैयार नहीं है।
गिरवी सोना छुड़ाने में फंस रहे सोने के कारोबारी
चोरों का नया जाल सोने के व्यापारियों की मुसीबत और बढ़ा रहा है। चांदनी चौक दिल्ली में सोने-चांदी के कारोबारी रहे बिशन सेठ का कहना है कि यहां तो सोने-चांदी के कारोबारी का उत्पीड़ऩ हो रहा है। आखिर उसके उत्पीड़ऩ का क्या मतलब है। बिशन सेठ के मुताबिक पुलिस को मुथुट पाइनेंस से संपर्क साधना चाहिए। सोने का व्यापारी मुथूट में गिरवी रखे सोने को तो सही मानेगा ही। क्योंकि यह एक बैंक है। दूसरे वह जांच में भी पुलिस का सहयोग कर रहा है।
नोएडा पुलिस का यह तर्क भी सुनिए
एसएचओ राकेश सिंह से पूछा कि मुथुट फाइनेंस के खिलाफ क्या कार्रवाई कर रहे हैं और यहां सोने का कारोबारी कैसे दोषी है? क्योंकि मुथूट एक बैंक और कारोबारी सोने की खरीद-फरोख्त से जुड़ा है। एसएचओ राकेश सिंह ने बताया कि बाजार का रेट 40 हजार रुपये है तो उसने सोना चोर से 30 हजार रुपये में खरीदा।
चोर मुथूट से सोना छुड़ाने के लिए नोएडा में आया। लेकिन एक बैंक से सोना छुड़ाने और कारोबारी द्वारा खरीदने के अपराध के बारे में वह कोई जवाब नहीं दे सके। एचएचओ ने कहा कि नोएडा पुलिस दिल्ली के लक्ष्मीनगर स्थित कारोबारियों को गिरफ्तार करने गई है। हम ऐसा अदालत से आदेश लेकर कर रहे हैं।