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पिता के हत्यारे को आजीवन कारावास

Tue, 12 Mar 2019 01:50 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Tue, 12 Mar 2019 01:50 AM IST
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पिता के हत्यारे को आजीवन कारावास
प्रतीकात्मक तस्वीर
ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
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अपर सत्र न्यायाधीश नसीम अहमद की अदालत ने पिता के हत्यारे पुत्र को आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड नहीं देने पर दोषी को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास काटना होगा। मामला दिसंबर 2013 सहसपुर थाना क्षेत्र का है।

अभियोजन पक्ष के अनुसार ग्राम छरबा निवासी जाकिर हुसैन ने 12 दिसंबर 2013 को सहसपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, कि 11 दिसंबर की रात उसके पिता फकीरा खाना खाने के बाद बरामदे में सोए हुए थे। सुबह उसके भाई वादिर ने बताया कि वे अपने बिस्तर पर मृत पड़े हैं। उसने जाकर देखा तो उसके पिता के सिर और चेहरे पर चोट के निशान थे और पूरा चेहरा लहूलुहान था। वादी जाकिर ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने मृतक की पुत्री के बयान लिए तो पता चला कि मृतक अपनी पुत्री के नाम कुछ जमीन करना चाहता था। इसका वादिर विरोध कर रहा था। इसी बात से नाराज होकर उसने अपने पिता की हत्या कर दी।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नरेश चंद्र बहुगुणा ने बताया कि अपर सत्र न्यायाधीश नसीम अहमद की अदालत में हुई सुनवाई में आरोप को साबित करने के लिए अभियोजन की ओर से 11 गवाह पेश किए गए। एक गवाह ने अदालत को बताया कि मृतक को अपने पुत्र वादिर से जान का खतरा था। वे कई बार वादिर की शिकायत लेकर उसके पास आए थे। फकीरा ने उसे बताया था कि उसका बेटा वादिर उसे मारता पीटता है। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद वादिर को अपने पिता की हत्या का दोषी पाते हुए सजा सुनाई।
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सजा सुनाए जाने के दौरान फफक पड़ा दोषी
सोमवार को अपर सत्र न्यायाधीश विकासनगर नसीम अहमद की अदालत में सजा सुनाए जाने के दौरान पिता का हत्यारा वादिर फफक पड़ा। इस पर अदालत ने हत्यारे को बताया कि वह चाहे तो हाईकोर्ट में अपील कर सकता है।


मृतक फकीरा अपनी बेटी के नाम कुछ जमीन करना चाहता था, जिसका वादिर विरोध कर रहा था। इसी विरोध के चलते उसने पिता की हत्या कर दी। अभियोजन ने अदालत से हत्यारे को कठोर से कठोर सजा सुनाए जाने की मांग की।
- नरेश चंद्र बहुगुणा, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता
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