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शहला के खिलाफ प्रथमदृष्या कई सबूत मिले

Thu, 15 Jun 2017 01:25 AM IST
बरेली।  
बरेली।   Updated Thu, 15 Jun 2017 01:25 AM IST
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First of all, many evidence was found against Shahla
First of all, many evidence was found against Shahla - फोटो : बरेली, अमर उजाला
बरेली/नवाबगंज।
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डीएम डॉ.पिंकी जोवल आदेश पर  बुधवार को  नवाबगंज की अध्यक्ष शहला ताहिर पर लगे आरोपों की जांच को पहुंची तीन सदस्यीय टीम को पालिका कार्यालय से कई महत्वपूर्ण फाइलें कई गायब मिलीं। हेड क्लर्क सुरेश पाल ने जांच के दौरान बताया कि दुकानों की नीलामी और अन्य कई महत्वपूर्ण फाइलें पालिकाध्यक्ष के घर पर हैं। टीम के प्रभारी एडीएम(प्रशासन) एसपी सिंह ने नाराजगी जताते हुए हेड क्लर्क को जमकर फटकार लगाई। एडीएम ने बताया कि प्रारंभिक जांच के दौरान तमाम खामियां मिली है। तालाब की जमीन पर नक्शे पास कर दिए गए हैं। इसके अलावा पालिका कार्यालय परिसर में बने ओवरहेड टैंक के नीचे अवैध तरीके से दो दुकानों का निर्माण कराकर उन्हें 500 रुपये  के किराए पर दे दिया है। जबकि ओवरहेड टैंक के नीचे दुकानों का निर्माण नहीं कराया जा सकता है।   
 नगरपालिका के सभासदों और पूर्व पालिकाध्यक्ष रविन्द्र सिंह राठौर की शिकायत पर कमिश्नर पीवी जगनमोहन ने पालिकाध्यक्ष शहला ताहिर के कार्यकाल में हुए कार्यों की जांच के आदेश दिए हैं। बुधवार को सुबह दस बजे ही डीएम द्वारा बनाई गई जांच कमेटी के सदस्यों एडीएम एसपी सिंह, कोषाधिकारी मोहसिन रजा और एसडीएम नवाबगंज के साथ नायब तहसीलदार प्रभात कुमार और लिपिक अखलाक अहमद ने  जांच शुरू की। टीम ने छह घंटे पालिका के अभिलेखों का सघन निरीक्षण किया।  टीम ने नगरपालिका परिसर में बने शौचालय तुड़वाने की वजह पूछी। परिसर में ही बने ओवरहैड टैंक के ठीक नीचे बनाई गई दुकानों की पत्रावली के साथ ही टैंक के नीचे दुकाने बनाए जाने पर नाराजगी जताई। एडीएम ने कहा कि दुकान पूरी तरह से अवैध बनी है। टीम ने छोटी व बड़ी दुकानों का किराया एक होने पर आपत्ति करते हुए पत्रावली भी तलब की तो वर्ष 2012 से अब तक के बैंकों से किए गए लेनदेन की रिपोर्ट देने को छह बैंकों के मैनेजर को पत्र लिखा है। लिपिक दुकानों की नीलामी आदि से संबंधित कोई फाइल नहीं दिखा पाया। जांच में तालाब की जमीन पर नक्शा पास करने का मामला भी आया। इस मामले में एडीएम ने तहसीलदार से रिपोर्ट मांगी है। जिन फ र्मों को पालिकाध्यक्ष ने काम दिया है, उनका वैट और टीडीएस ही जमा नहीं किया। कुछ लिया भी है तो जमा ही नहीं किया गया। हाल में हाईवे पर जो 36 दुकानें बनाकर नीलाम की गई हैं, वह पालिकाध्यक्ष ने अपने करीबियों को सस्ते दामों में दी हैं। वह फाइल भी उनके घर में ही बताई जा रही है। पालिका का कार्यवाही रजिस्टर भी पालिकाध्यक्ष के घर है। एडीएम ने बताया कि प्रारंभिक जांच में ही काफी खामियां मिल रही हैं। वह बारीकी से जांच करेंगे। इससे बड़ी खामियां भी मिल सकती हैं।  
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यह भी खामियां मिलीं हैं
टीम को पालिकाध्यक्ष शहला ताहिर के चौपले पर एक अस्पताल बनवाए जाने के नाम पर कई लाख रुपये पालिका फंड से निकाले जाने, एक होमियो क्लीनिक को निशुल्क चिकित्सा शिविर के नाम पर लाखों रुपए देने व जनरेटर से नगर में रोजाना सांय कालीन आपूर्ति किए जाने सहित अन्य कई खामियों के कुछ अभिलेख तो मिले लेकिन इनकी पत्रावलियां नदारद थीं।
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 -शहला ने नगर से रेलवे स्टेशन से जोड़ने के लिए अंगद कोहली के भट्टे से खानकाह तक डाले गए रोड पर मात्र मिट्टी डाले जाने व नाला बनाए जाने में डेढ़ करोड़ की लागत दिखाए जाने सहित अन्य कई मामले भी मिले तो पटरी ठेके में भी लाखों की हेराफेरी करने के मामले पाए गए।

इन बैंकों से मांगी गई डिटेल
नगर परिषद द्वारा नगर की एसबीआई,बैंक आफ बड़ौदा,एक्सिस बेंक,पीएनबी,युनाइटेड व अर्बन बैंक शाखाओं से लेनदेन हुआ है। नायब तहसीलदार ने लेखपाल को इन बैंकों से 2012 से हुए ट्रांजेक्शन की रिपोर्ट लाने को लगा दिया है। 

अब पूर्व पालिकाध्यक्ष भाई ने संभाला मोर्चा
नगर के सभासदों व पूर्व पालिकाध्यक्ष एवं वर्तमान में भाजपा के जिलाध्यक्ष रवींद्र सिंह राठौर की शिकायत पर पालिकाध्यक्ष शहला ताहिर के  खिलाफ जांच शुरू हुई है। अब भाजपा जिलाध्यक्ष के छोटे भाई और व्यापार प्रकोष्ठ के जिला महासचिव नीरेन्द्र सिंह राठौर ने इसकी कमान संभाल ली है।
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