फिर पुराने तेवर में जीएस बाली, कांग्रेस नेताओं को लेकर दिया बड़ा बयान
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कांगड़ा में कांग्रेस के कद्दावर नेता जीएस बाली दिल्ली से लौटते ही अपने पुराने तेवर में लौट आए। शक्तिपीठ ज्वालामुखी पहुंचे जीएस बाली ने चुनावी रण में कूदने से पहले मां ज्वाला से जीत का आशीर्वाद लिया।
कांग्रेस के अंदरुनी निर्णयों पर भी प्रदेश नेतृत्व पर कई सवाल दागते हुए चुटकी ली। उन्होंने साफ तौर पर किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन इशारों ही इशारों में कांग्रेस के हिमाचल नेतृत्व की सोच और समझ पर सवाल खड़े कर दिए।
उन्होंने भाजपा में जाने की उठी अफवाहों पर कहा कि कांग्रेस के ही कुछ लोग यह नहीं चाहते कि वह कांग्रेस में एक मजबूत चट्टान की तरह रहें और इन्हीं लोगों ने यह अफवाह उड़ाई है।
पंडित सुखराम के परिवार को भाजपा में जाने से रोका जा सकता था
बाली ने कहा कि पंडित सुखराम के परिवार को समय रहते भाजपा में जाने से रोका जा सकता था, अगर ठीक समय पर समस्या का समाधान हो जाता। अब तो सुखराम भाजपा में चले गए, मगर हम लोग जब जिम्मेदार सीट पर बैठे होते हैं तो बोलने से पहले यह सोचना चाहिए कि बोलने से किसी को कितना बुरा लग सकता है।
बाली बोले - चोट लगे तो मरहम लग जाता है, लेकिन शब्दों की चोट बड़े समय तक दर्द देती है। उन्होंने कहा कि हाईकमान ने वीरभद्र सिंह को चुनावों का जिम्मा सौंपा है और सुखविंद्र सुक्खू को अध्यक्ष बनाया है। ऐसे में कांग्रेस की पूरी चुनावों की रणनीति वह ही तय करेंगे और हम सब उनके साथ हैं।