फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   hesamudin again fight election after many time security money seized

मऊ के धरतीपकड़ का हौसला कायम,18 बार जमानत जब्त, इस बार भी लड़ेंगे चुनाव

Thu, 02 Feb 2017 10:24 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी/मऊ
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी/मऊ Updated Thu, 02 Feb 2017 10:24 PM IST
विज्ञापन
hesamudin again fight election after many time security money seized
हेसामुद्दीन इस बार भी मुख्तार के खिलाफ ठोकेंगे ताल - फोटो : अमर उजाला
लोकतंत्र के पर्व में अधिकांश प्रत्याशी जहां एक दो बार पराजय के बाद थककर बैठ जाते हैं वहीं कुछ ऐसे भी हैं जो अपना अंजाम जानने के बाद भी मैदान में हर बार खड़े नजर आते हैं। ऐसे प्रत्याशी धरती पकड़ की तरह ही हर बार चुनाव लड़ते और हारते हैं। बावजूद इसके वह हिम्मत नहीं हारते।
विज्ञापन

ऐसे ही धरती पकड़ हैं मऊ शहर के क्यारीटोला पूराभीखन मोहल्ला निवासी हेसामुद्दीन।  इस बार भी विधानसभा चुनाव का बिगुल बजते ही एक बार फिर से नगर के धरती पकड़ हेसामुद्दीन चुनावी गतिविधियों में जुट गए हैं और पर्चा दाखिल करने के लिए लालायित हैं।
विज्ञापन

वह आठ बार लोकसभा, आठ बार विधानसभा के साथ ही दो बार नगरपालिकाध्यक्ष का भी चुनाव लड़ चुकने का दावा करते हैं। इस बार वह सदर विधानसभा सीट से मुख्तार अंसारी सहित अन्य दलों के प्रत्याशियों को टक्कर देने के लिए फिर से मैदान में जुट गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

चुनाव जीतकर वह मऊ में हवाई अड्डा का निर्माण कराना चाहते हैं। एक बार वह राष्ट्रपति के चुनाव में नामांकन करने की तैयारी कर चुके थे लेकिन किन्हीं कारणों से नामांकन करने के लिए नहीं जा पाए।
 हेसामुद्दीन (72) का चुनाव लड़ने का अनुभव काफी पुराना है। यह अलग बात है कि उन्होंने न कभी चुनाव जीता और न ही अपनी जमानत ही बचा पाए। बावजूद इसके वह कोई चुनाव छोड़ते नहीं हैं। पिछली बार लोकसभा चुनाव में उनका आखिरी वक्त में पर्चा दाखिल नहीं हो पाया था लेकिन इस बार वह पहले से ही तैयारी में जुटे हैं।
वह बताते हैं कि आठ बार लोकसभा का चुनाव और आठ बार विधानसभा का चुनाव लड़ चुके हैं।  
2012 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने मुख्तार अंसारी के खिलाफ चुनाव लड़ा था। इनका चुनाव चिह्न छत का पंखा था। इन्हें 759 वोट मिले थे। 

मऊ में विकास की गंगा बहाना है लक्ष्य

hesamudin again fight election after many time security money seized
चुनाव - फोटो : demo pic
हेसामुद्दीन  ने बताया कि वह लोकसभा का चुनाव कल्पनाथ राय के समय से लड़ते आ रहे हैं। वहीं विधानसभा सदर से पूर्व विधायक इम्तेयाज के विरुद्ध चुनाव लड़ चुके हैं।
इसके अलावा नगरपालिका का चुनाव अरशद जमाल और तैयब पालिकी के खिलाफ भी लड़ चुके हैं। वो कहते हैं उनका सपना है कि चुनाव जीतने के बाद मऊ में विकास की गंगा बहाना।
बाल निकेतन पर ब्रिज, हवाई अड्डा, टिकट खिड़की घर आदि का निर्माण कराकर यहां की जनता को राहत देना। वो कहते हैं वह राष्ट्रपति के चुनाव के लिए भी नामांकन करने वाले थे लेकिन नामांकन करने के लिए किन्हीं कारणों से जा नहीं पाए।  
नगर के नौशाद अहमद कहते हैं कि लोकतंत्र में चुनाव लड़ने का अधिकार हर वयस्क नागरिक को है। भले ही कोई हार रहा हो बावजूद इसके चुनाव लड़ता है तो उसे इस अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
लोकतंत्र के इस पर्व में ऐसे प्रत्याशी समान नागरिकता और समान अधिकार को भी परिभाषित करते हैं।
इस संबंध में सहायक निर्वाचन अधिकारी शब्बीर अहमद का कहना है कि कोई भी भारत का नागरिक जो अपनी 18 वर्ष की उम्र पूरा कर चुका है वह चुनाव लड़ सकता है।
जमानत राशि जब्त होने पर विभाग संबंधित प्रत्याशी की जमानत राशि जब्त करने का प्रावधान है न कि उसके चुनाव लड़ने से रोकने का। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed