फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   First trial with coach to increase train speed on Kalka Shimla track

कालका-शिमला ट्रैक पर ट्रेन की रफ्तार बढ़ाने को कोच के साथ पहला ट्रायल

Tue, 26 Feb 2019 10:15 AM IST
ashok chauhan विश्वास भारद्वाज, अमर उजाला, शिमला
विश्वास भारद्वाज, अमर उजाला, शिमला Published by: ashok chauhan Updated Tue, 26 Feb 2019 10:15 AM IST
विज्ञापन
First trial with coach to increase train speed on Kalka Shimla track

यूनेस्को की ओर से विश्व धरोहर घोषित शिमला-कालका रेलवे ट्रैक पर गाड़ियों की स्पीड बढ़ाने के लिए सोमवार को पहली बार चार कोचों के साथ हाई स्पीड ट्रायल हुआ। शोघी और शिमला के बीच 35 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से इंजन के साथ कोच दौड़ाए गए।

विज्ञापन


बीते साल दिसंबर में बिना कोच के इंजन का 35 किलोमीटर प्रति घंटा रफ्तार से सफल ट्रायल हुआ था। लखनऊ से आई आरडीएसओ (रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गेनाइजेशन) टीम के साथ सोमवार सुबह नौ बजे ट्रायल रन को गाड़ी शिमला से शोघी रवाना हुई।
विज्ञापन


शोघी-शिमला के बीच दो बार ट्रेन का हाई स्पीड ट्रायल हुआ। इसके लिए नैरोगेज डीजल शेड कालका से लाए इंजन के साथ जोडे़ गए कोचों में स्पीड मापने के सेंसर, स्पीडोमीटर, यूपीएस, कंट्रोलर, डाटा लॉगर लगाए गए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


डायरेक्टर टेस्टिंग एमके पांडे की अगुवाई में असिस्टेंट रिसर्च इंजीनियर सहित सुपर विजन स्टॉफ की देखरेख में ट्रायल हुआ। केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने रेल अधिकारियों को कालका-शिमला ट्रैक पर गाड़ियों की रफ्तार बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

5:30 घंटे से घटकर 3 घंटे में तय होगा सफर 

First trial with coach to increase train speed on Kalka Shimla track
मौजूद समय में कालका से शिमला 96 किलोमीटर की दूरी तय करने में ट्रेनों को करीब साढ़े 5 घंटे का समय लग जाता है। ट्रेन की स्पीड बढ़ाकर इसे 3 घंटे करने की तैयारी है।

आज लखनऊ लौटेगी आरडीएसओ टीम
ट्रायल शेड्यूल पूरा होने के बाद मंगलवार को आरडीएसओ टीम वापस लखनऊ लौटेगी और निदेशक आरडीएसओ को ट्रायल रिपोर्ट सौंपेगी। इसके आधार पर रेलवे बोर्ड स्पीड बढ़ाने पर अंतिम फैसला लेगा।

 

32 की रफ्तार को रेलवे बोर्ड की हरी झंडी

दिसंबर में 35 किलोमीटर की रफ्तार से इंजन का ट्रायल हुआ था। ट्रायल रिपोर्ट के आंकलन के बाद रेलवे बोर्ड ने 32 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार को हरी झंडी दे दी है। अब कोच के साथ हो रहे संयुक्त ट्रायल के आधार पर रेलवे बोर्ड अंतिम मंजूरी देगा।

ट्रायल के दौरान जांचा गया सस्पेंशन सिस्टम
35 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार पर ट्रायल के दौरान कोचों का सस्पेंशन सिस्टम जांचा गया। तेज रफ्तार में गाड़ी चलने पर यात्रियों को झटका न लगे इसका बारीकि से निरीक्षण किया गया। ट्रायल के दौरान खाली कोच में वजन के लिए ब्रेक ब्लॉक रखे गए थे। कोचों में 1.80 से 3 टन तक वजन रखा गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed