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खुलासाः तनाव, मोटापा, हाई बीपी के लक्षण हैं तो तुरंत लिवर की जांच कराएं, कहीं फैटी तो नहीं
Fri, 19 Apr 2019 02:44 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 19 Apr 2019 02:44 PM IST
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यदि आप में तनाव, मोटापा, हाई बीपी के लक्षण हैं तो एक बार लिवर की जांच जरूर करवाएं। संभव है कि आपके लिवर में फैट जमा हो। ज्यादा जानकारी के लिए पढ़ें ये विशेष खबर।
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यह खुलासा पीजीआई की एक स्टडी में हुआ है। पीजीआई ने करीब एक हजार लोगों के लिवर की जांच की, जो हेल्दी थे और पीजीआई में ब्लड डोनेट करने पहुंचे थे। इनमें करीब 53 फीसदी ऐसे लोग मिले, जिनमें नॉन एल्कोहल्कि फैटी लिवर डिजीज (एनएएफएलडी) के लक्षण मिले। पीजीआई के डाक्टरों का कहना है कि लाइफ स्टाइल बदलने से लोग फैटी लिवर की बीमारी से पीड़ित हो रहे हैं। यदि कोई व्यक्ति ओवरवेट है, मोटापा, हाईपरटेंशन और हाई बीपी का शिकार है तो उसे चेत जाना चाहिए और लिवर की एक बार जांच जरूर करवानी चाहिए।
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80 फीसदी लिवर डैमेज होने के बाद बीमारी का पता चलता
बिगड़ते खानपान की वजह से हर दूसरे या तीसरे घर में किसी न किसी व्यक्ति में यह बीमारी हो रही है। पीजीआई डाक्टरों ने बताया कि फैटी लिवर के साथ सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि जब 80 फीसदी लिवर डैमेज हो जाता है, तब जाकर इसका पता चलता है। शुरुआती दौर में इसके लक्षण नजर नहीं आते हैं। ऐसे में लोगों को रुटीन जांच करवाते रहना चाहिए। यदि कोई दिक्कत आती है तो लिवर स्पेशलिस्ट से जरूर दिखवाएं।
बिगड़ते खानपान की वजह से हर दूसरे या तीसरे घर में किसी न किसी व्यक्ति में यह बीमारी हो रही है। पीजीआई डाक्टरों ने बताया कि फैटी लिवर के साथ सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि जब 80 फीसदी लिवर डैमेज हो जाता है, तब जाकर इसका पता चलता है। शुरुआती दौर में इसके लक्षण नजर नहीं आते हैं। ऐसे में लोगों को रुटीन जांच करवाते रहना चाहिए। यदि कोई दिक्कत आती है तो लिवर स्पेशलिस्ट से जरूर दिखवाएं।
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क्या है फैटी लिवर
जब लिवर में चर्बी जमा होती है तो ऐसी स्थिति को फैटी लिवर कहा जाता है। जिस तरह मोटे होने पर हमारे शरीर के बाकी हिस्सों पर चर्बी जमा होती है, ठीक उसी तरह लिवर में भी चर्बी जमा होती है। लिवर में एकत्रित हुआ फैट उसके नॉर्मल सेल्स को खत्म करना शुरू कर देता है। इसका असर यह होता है कि लीवर बीमार होने लगता है। इसकी वजह से भविष्य में हेपेटाइटिस, सिरोसिस, फाइब्रोसिस और कैंसर जैसी बीमारियों की आशंका बढ़ जाती है।
जब लिवर में चर्बी जमा होती है तो ऐसी स्थिति को फैटी लिवर कहा जाता है। जिस तरह मोटे होने पर हमारे शरीर के बाकी हिस्सों पर चर्बी जमा होती है, ठीक उसी तरह लिवर में भी चर्बी जमा होती है। लिवर में एकत्रित हुआ फैट उसके नॉर्मल सेल्स को खत्म करना शुरू कर देता है। इसका असर यह होता है कि लीवर बीमार होने लगता है। इसकी वजह से भविष्य में हेपेटाइटिस, सिरोसिस, फाइब्रोसिस और कैंसर जैसी बीमारियों की आशंका बढ़ जाती है।
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लक्षण
पीलिया, भूख न लगना, पेट के अंदर पानी भर जाना आदि फैटी लीवर के लक्षण हैं। फैटी लीवर के एडवांस स्टेज में पहुंच जाने पर मरीज के दिमाग पर भी असर पड़ने लगता है, उसका दिमाग काम नहीं करता है, मरीज अपना होश खोने लगता है। उसे खून की उल्टियां होने लगती है। ये सारे लक्षण फैटी लीवर के ही होते हैं।
पीलिया, भूख न लगना, पेट के अंदर पानी भर जाना आदि फैटी लीवर के लक्षण हैं। फैटी लीवर के एडवांस स्टेज में पहुंच जाने पर मरीज के दिमाग पर भी असर पड़ने लगता है, उसका दिमाग काम नहीं करता है, मरीज अपना होश खोने लगता है। उसे खून की उल्टियां होने लगती है। ये सारे लक्षण फैटी लीवर के ही होते हैं।