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हाईकोर्ट का संज्ञान भी नहीं आया रास, ट्रिब्यूलन के विरोध में वकील नहीं कर रहे काम, मांग पर अड़े
Tue, 06 Aug 2019 11:56 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 06 Aug 2019 11:56 AM IST
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फाइल फोटो
हरियाणा एडमिनस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (हैट) गठित करने को लेकर हाईकोर्ट द्वारा संज्ञान लिए जाने के बावजूद भी वकीलों ने सोमवार को हाईकोर्ट में काम ठप रखा। वकीलों की मांग है कि जब तक ट्रिब्यूनल का फैसला वापस नहीं लिया जाता वकील वर्क सस्पेंड रखेंगे। ट्रिब्यूनल के खिलाफ सोमवार को हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने वर्क सस्पेंड रखने का सिलसिला जारी रखने का फैसला लिया। सोमवार सुबह बार एसोसिएशन की आम बैठक में सभी वकीलों ने इस बात का ऐलान किया।
आम बैठक में हाईकोर्ट द्वारा इस मामले में लिए गए संज्ञान और उस पर जारी अंतरिम आदेशों की भी आलोचना करते हुए कहा कि अंतरिम आदेश से तो एक तरीके से ट्रिब्यूनल पर मोहर लगा दी गई है। बार एसोसिएशन इस ट्रिब्यूनल की नोटिफिकेशन को वापस लेने की मांग कर रहा है और हाईकोर्ट ने इस नोटिफिकेशन को फिलहाल स्थगित भर किया है। लिहाजा आम बैठक में दोबारा हड़ताल को जारी रखे जाने की घोषणा करते हुए दोबारा हाईकोर्ट के सभी प्रवेश द्वारों पर धरना देते हुए हाईकोर्ट के स्टाफ को छोड़कर बाकी सभी की प्रवेश बंद कर दी गई।
वकीलों की हड़ताल अब सरकार के रुख पर निर्भर है क्योंकि एक ओर वकील अपनी मांग से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं और दूसरी ओर सरकार ट्रिब्यूनल को स्थापित करने पर अड़ी है। सरकार ने वकीलों के सामने ट्रिब्यूनल के स्थान को लेकर विकल्प दिया है लेकिन वकील ट्रिब्यूनल ही नहीं चाहते। ऐसे में अब सरकार और बार एसोसिएशन के बीच मध्यस्थता के लिए गठित बार काउंसिल की कमेटी की भूमिका अहम होगी।
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आम बैठक में हाईकोर्ट द्वारा इस मामले में लिए गए संज्ञान और उस पर जारी अंतरिम आदेशों की भी आलोचना करते हुए कहा कि अंतरिम आदेश से तो एक तरीके से ट्रिब्यूनल पर मोहर लगा दी गई है। बार एसोसिएशन इस ट्रिब्यूनल की नोटिफिकेशन को वापस लेने की मांग कर रहा है और हाईकोर्ट ने इस नोटिफिकेशन को फिलहाल स्थगित भर किया है। लिहाजा आम बैठक में दोबारा हड़ताल को जारी रखे जाने की घोषणा करते हुए दोबारा हाईकोर्ट के सभी प्रवेश द्वारों पर धरना देते हुए हाईकोर्ट के स्टाफ को छोड़कर बाकी सभी की प्रवेश बंद कर दी गई।
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वकीलों की हड़ताल अब सरकार के रुख पर निर्भर है क्योंकि एक ओर वकील अपनी मांग से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं और दूसरी ओर सरकार ट्रिब्यूनल को स्थापित करने पर अड़ी है। सरकार ने वकीलों के सामने ट्रिब्यूनल के स्थान को लेकर विकल्प दिया है लेकिन वकील ट्रिब्यूनल ही नहीं चाहते। ऐसे में अब सरकार और बार एसोसिएशन के बीच मध्यस्थता के लिए गठित बार काउंसिल की कमेटी की भूमिका अहम होगी।
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