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सोशल मीडिया पर बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखने की जरूरत : सुरेंद्र कुमार

Fri, 25 Mar 2022 02:24 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Fri, 25 Mar 2022 02:24 AM IST
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There is a need to keep an eye on the activities of children on social media: Surendra Kumar
चंडीगढ़। चंडीगढ़ बाल अधिकार संरक्षण आयोग (सीसीपीसीआर) ने यूटी गेस्ट हाउस में जुवेनाइल जस्टिस (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 और पॉक्सो-2012 के बारे में जागरूक करने के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान एसएलएसए के सदस्य सचिव सुरेंद्र कुमार ने पॉक्सो एक्ट-2012 के बारे में सभी को जानकारी दी।
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उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर अश्लील कंटेंट और बच्चों को बहला-फुसलाकर उन्हें यौन शोषण की गतिविधियों में शामिल होने से बचाने के लिए जरूरी है कि हम बच्चों पर ध्यान रखें। बेहतर नागरिक के तौर पर अपने सोशल मीडिया पर बच्चों से जुड़ा कुछ भी अश्लील कंटेंट दिखने पर तुरंत उसकी शिकायत करें जिससे बच्चों को अपराध से बचाया जा सके और उनका सुरक्षित भविष्य बनाया जाए।
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प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्यातिथि सेवानिवृत्त हरियाणा के डीजीपी डॉ. केपी सिंह ने जेजे एक्ट के बारे में जानकारी दी। उन्होंने मीडियाकर्मियों, पुलिस और सीडब्ल्यूसी के प्रतिनिधियों को बच्चों के साथ हुए अपराध को कैसे रिपोर्ट करना है, बच्चे की गोपनीयता, अधिकार और बच्चे की पहचान को उजागर करने पर दंड के प्रावधान के बारे में समझाया। डॉ. केपी सिंह ने बताया कि बाल श्रम और भीख मांगने से बच्चों को बचाने के लिए हमें मिलकर प्रयास करने की जरूरत है। शिक्षित शहर होने के बावजूद चंडीगढ़ को भी हम बाल श्रम और भीख मांगने से मुक्त नहीं कर पाए हैं। इसमें समाज के प्रतिनिधियों के तौर पर हमारी कमी है।
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कार्यक्रम में करीब 60 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया जिसमें बाल कल्याण समिति, केंद्र शासित प्रदेश बाल संरक्षण सोसाइटी, जिला बाल संरक्षण इकाई, बाल हेल्पलाइन (1098), महिला एवं बाल हेल्पलाइन (181), मानव तस्करी विरोधी इकाई के अधिकारी, विशेष किशोर पुलिस इकाई के अधिकारी और मीडियाकर्मी शामिल थे। सीसीपीसीआर की अध्यक्ष हरजिंदर कौर ने कहा कि बाल संरक्षण मुद्दों से निपटने के दौरान और रिपोर्ट करते वक्त मीडिया को संवेदनशील रवैया रखना चाहिए, जिससे बच्चे की गरिमा प्रभावित नहीं हो।

पाठ्यक्रम में शामिल हो पॉक्सो और जेजे एक्ट
कार्यक्रम के दौरान सीसीपीसीआर के सदस्यों ने कहा कि बच्चों को बाल अपराध और यौन शोषण के बारे में जागरूक करने के लिए जरूरी है कि पॉक्सो एक्ट और जेजे एक्ट उनके पाठ्यक्रम का अनिवार्य हिस्सा हो। बच्चों के खिलाफ अपराध को रोकने के लिए कार्यशाला या सेमिनार प्रभावी नहीं है। बच्चों को अपराध के सभी चरणों, किसे-कैसे और कहां शिकायत करें व सजा प्रणाली के बारे में उनकी शिक्षा में विस्तारपूर्वक पढ़ाने की जरूरत है।
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