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Chandigarh News: दिल दहलाने वाला था मंजर, 10 मिनट तक नहीं दिखा बाहर निकलने का रास्ता
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मोहाली। हमारा विमान चंडीगढ़ में लैंड कर चुका था और यात्री उतरने की तैयारी कर रहे थे। तभी अचानक एक यात्री के पावर बैंक में आग लग गई और देखते ही देखते केबिन में धुआं फैलने लगा। आग बुझाने के लिए एयर होस्टेस ने तुरंत फायर एक्सटिंग्युशर चलाया लेकिन उससे निकली गैस और पाउडर ने पूरे केबिन को सफेद धुंध से ढंक दिया। आग तो बुझ गई लेकिन करीब 10 मिनट तक हालात ऐसे रहे कि बाहर का रास्ता देख पाना भी मुश्किल हो गया। यह कहना है इंडिगो फ्लाइट के यात्री सौरभ आचार्य का।
उन्होंने बताया कि किसी को समझ नहीं आ रहा था कि क्या करें। विमान में करीब 200 यात्री सवार थे और सभी घबरा गए थे। बुजुर्गों और बच्चों में डर और ज्यादा था। हर किसी का एक ही लक्ष्य था-किसी तरह सुरक्षित नीचे पहुंचना। सौरभ आचार्य पत्नी ऋचा आचार्य के साथ इसी फ्लाइट में सफर कर रहे थे। सौरभ के मुताबिक केबिन में हल्की रोशनी थी और मुख्य द्वार बंद था। हर कोई बस बाहर निकलने की कोशिश में था। मंजर बेहद भयावह था। धुएं के बीच सबसे मार्मिक दृश्य तब दिखा, जब दो छोटे बच्चे अपने माता-पिता का हाथ छूटने के डर से जोर-जोर से रोने लगे। आंखों में जलन और गले में घुटन के बीच यात्री खुद को संभालते हुए बाहर निकलने की जद्दोजहद कर रहे थे।
अफरा-तफरी के बीच जब यात्रियों को उतारा जाने लगा तो लोग एक-दूसरे का सहारा बनते हुए इमरजेंसी स्लाइड्स की ओर बढ़े। कोई बुजुर्ग को संभाल रहा था तो कोई बच्चों को सीने से लगाकर सुरक्षित निकालने की कोशिश कर रहा था। हालांकि स्लाइड से नीचे उतरते समय कई यात्री सीधे जमीन से टकरा गए, जिससे कुछ को हल्की चोटें आईं। इस घटना में करीब पांच यात्री घायल हुए।
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एयरपोर्ट अथॉरिटी ने कहा-एयरलाइंस कर रही है जांच
चंडीगढ़ एयरपोर्ट अथॉरिटी के अनुसार फ्लाइट दोपहर बाद करीब 3:30 बजे चंडीगढ़ पहुंची। लैंडिंग के कुछ देर बाद करीब 3:38 बजे विमान में आग लगने के संदेह की वजह से आपातकालीन प्रतिक्रिया सक्रिय की गई। सूचना मिलते ही वायुसेना की दमकल गाड़ियों को विमान के पास तैनात किया गया। सभी निकास द्वारों से यात्रियों को बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की गई। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल ने तुरंत पहुंचकर इलाके को सुरक्षित किया। सभी यात्रियों को इमरजेंसी स्लाइड्स (आपातकालीन ढलानों) के माध्यम से सुरक्षित बाहर निकाला गया। उन्हें आगमन क्षेत्र तक ले जाया गया।जिन यात्रियों को जरूरत थी उन्हें हवाई अड्डे के एमआई रूम में चिकित्सा सहायता प्रदान की गई। एक घायल यात्री को एम्बुलेंस से अस्पताल भेजा गया। एयरलाइन द्वारा इस घटना की विस्तृत जांच की जा रही है और अंतिम रिपोर्ट का इंतजार है।
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उन्होंने बताया कि किसी को समझ नहीं आ रहा था कि क्या करें। विमान में करीब 200 यात्री सवार थे और सभी घबरा गए थे। बुजुर्गों और बच्चों में डर और ज्यादा था। हर किसी का एक ही लक्ष्य था-किसी तरह सुरक्षित नीचे पहुंचना। सौरभ आचार्य पत्नी ऋचा आचार्य के साथ इसी फ्लाइट में सफर कर रहे थे। सौरभ के मुताबिक केबिन में हल्की रोशनी थी और मुख्य द्वार बंद था। हर कोई बस बाहर निकलने की कोशिश में था। मंजर बेहद भयावह था। धुएं के बीच सबसे मार्मिक दृश्य तब दिखा, जब दो छोटे बच्चे अपने माता-पिता का हाथ छूटने के डर से जोर-जोर से रोने लगे। आंखों में जलन और गले में घुटन के बीच यात्री खुद को संभालते हुए बाहर निकलने की जद्दोजहद कर रहे थे।
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अफरा-तफरी के बीच जब यात्रियों को उतारा जाने लगा तो लोग एक-दूसरे का सहारा बनते हुए इमरजेंसी स्लाइड्स की ओर बढ़े। कोई बुजुर्ग को संभाल रहा था तो कोई बच्चों को सीने से लगाकर सुरक्षित निकालने की कोशिश कर रहा था। हालांकि स्लाइड से नीचे उतरते समय कई यात्री सीधे जमीन से टकरा गए, जिससे कुछ को हल्की चोटें आईं। इस घटना में करीब पांच यात्री घायल हुए।
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एयरपोर्ट अथॉरिटी ने कहा-एयरलाइंस कर रही है जांच
चंडीगढ़ एयरपोर्ट अथॉरिटी के अनुसार फ्लाइट दोपहर बाद करीब 3:30 बजे चंडीगढ़ पहुंची। लैंडिंग के कुछ देर बाद करीब 3:38 बजे विमान में आग लगने के संदेह की वजह से आपातकालीन प्रतिक्रिया सक्रिय की गई। सूचना मिलते ही वायुसेना की दमकल गाड़ियों को विमान के पास तैनात किया गया। सभी निकास द्वारों से यात्रियों को बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की गई। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल ने तुरंत पहुंचकर इलाके को सुरक्षित किया। सभी यात्रियों को इमरजेंसी स्लाइड्स (आपातकालीन ढलानों) के माध्यम से सुरक्षित बाहर निकाला गया। उन्हें आगमन क्षेत्र तक ले जाया गया।जिन यात्रियों को जरूरत थी उन्हें हवाई अड्डे के एमआई रूम में चिकित्सा सहायता प्रदान की गई। एक घायल यात्री को एम्बुलेंस से अस्पताल भेजा गया। एयरलाइन द्वारा इस घटना की विस्तृत जांच की जा रही है और अंतिम रिपोर्ट का इंतजार है।