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लावारिस कार ने उड़ाई पुलिस की नींद, खोदा पहाड़ तो निकली चुहिया
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
Updated Thu, 22 Dec 2016 09:58 AM IST
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मोहाली में मिली लावारिस कार
कई दिनों से लावारिस खड़ी कार ने पुलिस की नींद उड़ा दी। जब उसकी जांच पड़ताल की गई तो नतीजा देखकर सभी हैरान रह गए। घटना मोहाली की है। फेज-एक स्थित एक गांव में बुधवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब इलाके के दुकानदारों को मार्केट में पांच दिन से खड़ी एक लावारिस कार में नोट होने की शंका हुई।
उन्हें लगा कि हो सकता है कि नोटबंदी के बाद कोई कैश व कार छोड़कर चला गया हो। जानकारी के मुताबिक घटना बुधवार सुबह 11 बजे के करीब की है। फेज-एक मोहाली गांव के बाहर से फेज-छह की तरफ जा रही सड़क पर चंडीगढ़ नंबर की एक अज्ञात इंडिगो कार खड़ी थी। मार्केट वालों ने बताया कि कार पांच दिन से खड़ी है और कोई इसे अभी तक कोई लेने नहीं आया है।
ऐसे में लोगों को संदेह हुआ कि कोई नोट या कोई अन्य संदिग्ध वस्तु गाड़ी में छोड़कर भाग गया है। जब लोगों कार के पास जाकर देखा तो कार खुली थी। इससे लोगों के और होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत इस बारे में पुलिस के कंट्रोल रूम पर सूचित किया।
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उन्हें लगा कि हो सकता है कि नोटबंदी के बाद कोई कैश व कार छोड़कर चला गया हो। जानकारी के मुताबिक घटना बुधवार सुबह 11 बजे के करीब की है। फेज-एक मोहाली गांव के बाहर से फेज-छह की तरफ जा रही सड़क पर चंडीगढ़ नंबर की एक अज्ञात इंडिगो कार खड़ी थी। मार्केट वालों ने बताया कि कार पांच दिन से खड़ी है और कोई इसे अभी तक कोई लेने नहीं आया है।
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ऐसे में लोगों को संदेह हुआ कि कोई नोट या कोई अन्य संदिग्ध वस्तु गाड़ी में छोड़कर भाग गया है। जब लोगों कार के पास जाकर देखा तो कार खुली थी। इससे लोगों के और होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत इस बारे में पुलिस के कंट्रोल रूम पर सूचित किया।
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छानबीन करने पर कार एक परिवार की निकली
मोहाली में मिली लावारिस कार
सूचना मिलते ही पीसीआर मौके पर पहुंच गई और कार की छानबीन शुरू कर दी। अभी जांच शुरू ही हुई थी तभी पता चला कि उक्त कार गांव के ही एक परिवार की है। उन्हें किसी कारण अचानक लखनऊ जाना पड़ गया। ऐसे में जल्दबाजी में कार खुली रह गई थी।
जिसके बाद पुलिस व लोगों ने राहत की सांस ली। जांच के दौरान कार की डिग्गी से पुलिस को एक तिरपाल व लिफाफा मिला है। जब मार्केट के लोग उक्त परिवार के घर गए। तो वहां मिले एक बुजुर्ग ने पुलिस को बताया कि पांच दिन पहले अचानक परिवार के सभी लोगों को लखनऊ जाना पड़ गया था।
हो सकता है कि जल्दबाजी में गाड़ी खुली छोड़ गए हैं। जिक्रयोग है कि इससे पहले भी शहर में अज्ञात गाड़ियां मिल चुकी हैं। लेकिन जब से नोटबंदी का फैसला आया है तब से पुलिस किसी भी सूचना को हलके में नहीं ले रही है।
जिसके बाद पुलिस व लोगों ने राहत की सांस ली। जांच के दौरान कार की डिग्गी से पुलिस को एक तिरपाल व लिफाफा मिला है। जब मार्केट के लोग उक्त परिवार के घर गए। तो वहां मिले एक बुजुर्ग ने पुलिस को बताया कि पांच दिन पहले अचानक परिवार के सभी लोगों को लखनऊ जाना पड़ गया था।
हो सकता है कि जल्दबाजी में गाड़ी खुली छोड़ गए हैं। जिक्रयोग है कि इससे पहले भी शहर में अज्ञात गाड़ियां मिल चुकी हैं। लेकिन जब से नोटबंदी का फैसला आया है तब से पुलिस किसी भी सूचना को हलके में नहीं ले रही है।