चंडीगढ़। सेक्टर-29 की मार्केट में शनिवार को विश्व पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर नुक्कड़ नाटक ‘अपनी धरती अपना एनवायरनमेंट’ का मंचन हुआ। देशी रंगमंच और संस्कार भारती की ओर से आयोजित नाटक का निर्देशन रजनी बजाज ने किया। इसमें लोगों की मानसिकता पर कटाक्ष करते हुए बताया गया कि हम सभी पर्यावरण को गंदा कर रहे हैं। साथ ही अपनी जिम्मेदारियों से मुंह फेर लेते हैं। अपने आसपास, सोसाइटी में सफाई का ध्यान रखेंगे तो अपना मोहल्ला, शहर और देश को स्वच्छ रख सकेंगे।
इस नाटक में दिखाया गया कि हमारे पूर्वज किस तरह से अपने पर्यावरण को साफ सुथरा रखते थे। वह अपनी नदियों, पर्वतों और पेड़ पौधों की पूजा किया करते थे क्योंकि वह स्वच्छ पर्यावरण के महत्व को जानते थे। आज हम लोग उसी नदी को गंदा करने में कोई कसर नहीं छोड़ते। फैक्टरी से निकला गंदा पानी भी नदियों को दूषित करता है और हम नदी को नाला बना देते हैं। लोगों को नाटक के माध्यम से पौधरोपण पर ध्यान देने और पेड़ों का संरक्षण के बारे में बताया गया। इससे यदि पेड़ पौधे जीवित रहे तो हमें दूषित वायु से बचाकर हमें बीमारियों से बचाएंगे। पॉलीथिन और प्लास्टिक आदि के प्रयोग को न करने के लिए प्रेरित किया गया। नुक्कड़ नाटक में अमित भंडारी, काव्या सपरा, उदय कुमार, कमल भारद्वाज, रोहन, जयेश शुक्ला, कृष्ण भट्ट, सुशांत और कृष ने नाटक का मंचन किया।