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सर्वे में खुलासा: चंडीगढ़ में कौन सा नशा ज्यादा करते हैं युवा?
कुलदीप शुक्ला/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 11 Apr 2016 04:14 PM IST
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नशे की लत
- फोटो : डेमो फोटो
चंडीगढ़ के युवा नशा करने में भी आगे हैं। यह खुलासा यूटी पुलिस की विशेष नशा उन्मूलन टीम की रिपोर्ट कार्ड में हुआ है। नशेड़ियों में कफ सिरप, कैप्सूल, इंजेक्शन लेने का चलन ज्यादा है, जबकि, चरस, गांजा, स्मैक, ड्रग्स का इस्तेमाल भी लगभग बराबर करते है।
यूटी पुलिस के आला अधिकारियों ने तीन साल पहले डीएसपी क्राइम जगबीर सिंह के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया था। इनका मुख्य कार्य है कि शहर में नशा सप्लाई करने वालों और नशेडिय़ों पर शिकंजा कसना। इसके बाद स्पेशल टीम ने सैकड़ों नशा सप्लाई करने वाले और नशेडिय़ों को गिरफ्तार किया। इन आरोपियों की निशानदेही पर नशीला सामान भी बरामद किया गया।
नशीला पदार्थ आने का एरिया (पुलिस जांच के आधार पर)
पुलिस की जांच के दौरान नशीले सामानों के सप्लाई होने के सोर्स की भी जानकारी मिली है। इस रिपोर्ट के आधार पर एक डाटा तैयार किया गया है। जिसमें भुक्की और उसके जैसे प्रोडेक्ट अमृतसर, दिल्ली, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान से आते हैं।
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दूसरी कैनबिस टाइप के पदार्थं हिमाचल प्रदेश (मनाली), नेपाल और बिहार से आते हैं। जबकि, एलोपैथिक, कफ सिरप, कैटमिन इत्यादि के सोर्स केमिस्ट शाप और ट्राईसिटी का अर्बन एरिया है। वहीं, कैप्सूल, ड्रग्स फ्लूड्स और अन्य का माध्यम शहर के सभी स्टेशन हैं।
आंकड़े
साल 2014 में 137
साल 2015 में 173
साल 2016 जनवरी तक 15 आरोपी यूटी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
आरोपियों की निशानदेही पर बरामदगी:
सामान--------2014--------------2015
चरस--------31.824 किलो-------8.877.515 किलो
स्मैक---------381.55ग्राम---------294.033 ग्राम
हेरोइन--------417 ग्राम------------515.500 ग्राम
भुक्की--------202.850 किलो------53.394 किलो
गांजा---------25.846 किलो-------53.394
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यूटी पुलिस के आला अधिकारियों ने तीन साल पहले डीएसपी क्राइम जगबीर सिंह के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया था। इनका मुख्य कार्य है कि शहर में नशा सप्लाई करने वालों और नशेडिय़ों पर शिकंजा कसना। इसके बाद स्पेशल टीम ने सैकड़ों नशा सप्लाई करने वाले और नशेडिय़ों को गिरफ्तार किया। इन आरोपियों की निशानदेही पर नशीला सामान भी बरामद किया गया।
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नशीला पदार्थ आने का एरिया (पुलिस जांच के आधार पर)
पुलिस की जांच के दौरान नशीले सामानों के सप्लाई होने के सोर्स की भी जानकारी मिली है। इस रिपोर्ट के आधार पर एक डाटा तैयार किया गया है। जिसमें भुक्की और उसके जैसे प्रोडेक्ट अमृतसर, दिल्ली, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान से आते हैं।
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दूसरी कैनबिस टाइप के पदार्थं हिमाचल प्रदेश (मनाली), नेपाल और बिहार से आते हैं। जबकि, एलोपैथिक, कफ सिरप, कैटमिन इत्यादि के सोर्स केमिस्ट शाप और ट्राईसिटी का अर्बन एरिया है। वहीं, कैप्सूल, ड्रग्स फ्लूड्स और अन्य का माध्यम शहर के सभी स्टेशन हैं।
आंकड़े
साल 2014 में 137
साल 2015 में 173
साल 2016 जनवरी तक 15 आरोपी यूटी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
आरोपियों की निशानदेही पर बरामदगी:
सामान--------2014--------------2015
चरस--------31.824 किलो-------8.877.515 किलो
स्मैक---------381.55ग्राम---------294.033 ग्राम
हेरोइन--------417 ग्राम------------515.500 ग्राम
भुक्की--------202.850 किलो------53.394 किलो
गांजा---------25.846 किलो-------53.394