{"_id":"62822ed6c03a1e7bba0ba120","slug":"state-transport-minister-reached-bathinda-rta-office","type":"story","status":"publish","title_hn":"बठिंडा: परिवहन मंत्री ने आरटीए कार्यालय में दी दबिश, कहा- सभी अवैध परमिट होंगे रद्द","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बठिंडा: परिवहन मंत्री ने आरटीए कार्यालय में दी दबिश, कहा- सभी अवैध परमिट होंगे रद्द
Mon, 16 May 2022 04:57 PM IST
ajay kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, बठिंडा (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, बठिंडा (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Mon, 16 May 2022 04:57 PM IST
सार
परिवहन मंत्री ने कहा कि राज्य के सभी आरटीए कार्यालयों में आम जनता का काम पहल के आधार पर करने का आदेश जारी किया है। इसके अलावा किसी एजेंट को आरटीए कार्यालय में अनुमति नहीं है।
विज्ञापन
परिवहन मंत्री को ज्ञापन सौंपते निजी बस ऑपरेटर।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
परिवहन मंत्री लालजीत सिंह ने सोमवार को आरटीए कार्यालय में अचानक दबिश दी। करीब एक घंटे तक कार्यालय में बैठकर सभी बसों के परमिट चेक किए। वहीं जो खामियां मिलीं, उनके लिए उन्होंने आरटीए समेत कार्यालय के बाकी अधिकारियों को फटकार भी लगाई। चेकिंग के बाद मीडिया से बात करते हुए राज्य परिवहन मंत्री लालजीत सिंह ने कहा कि राज्य में पहली सरकारों के समय से जिनी बस ऑपरेटर हमेशा धक्केशाही करते आ रहे थे और आरटीए कार्यालय में प्राइवेट बस ऑपरेटर का ही कब्जा था।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि प्राइवेट बस ऑपरेटर को उनकी सीधी चेतावनी है कि अगर उन्होंने अपनी धक्केशाही बंद नहीं की तो कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने बताया कि न्यू दीप बस कंपनी के प्रबंधक सरकारी बसों के टाइम टेबल पर अपनी बसों को धक्के से चला रहे थे। इसे उन्होंने बंद करवा दिया है। उन्होंने कहा कि चेकिंग के दौरान कई अवैध परमिट पाए गए हैं, जिन्हें रद्द करने का आदेश दिया गया है।
विज्ञापन
परिवहन मंत्री ने कहा कि राज्य के सभी आरटीए कार्यालयों में आम जनता का काम पहल के आधार पर करने का आदेश जारी किया है। इसके अलावा किसी एजेंट को आरटीए कार्यालय में अनुमति नहीं है। कुछ प्राइवेट बस ऑपरेटरों ने अपनी मांगों को लेकर उन्हें मांग पत्र भी दिया है। जिस पर विचार किया जाएगा।
विज्ञापन
आरटीए कार्यालय में दिखे शिअद नेता
न्यू दीप कंपनी के मालिक और शिअद नेता को आरटीए कार्यालय में देखा गया। जो एक सरकारी बस के चालक व परिचालक के साथ बहस कर रहे थे लेकिन जब उनसे मौके पर ही बात करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने मीडिया से कोई बात नहीं की।