फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Specimens of Anubhav Mishra's signature and handwriting will be obtained.

Chandigarh News: अनुभव मिश्रा के हस्ताक्षर और लिखावट के नमूने लिए जाएंगे

Wed, 26 Aug 2026 01:47 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 26 Aug 2026 01:47 AM IST
विज्ञापन
Specimens of Anubhav Mishra's signature and handwriting will be obtained.
चंडीगढ़। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के 116 करोड़ रुपये से अधिक के फर्जीवाड़े मामले में सीबीआई कोर्ट ने बड़ा कदम उठाया है। अदालत ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की उस अर्जी को मंजूर कर लिया है, जिसमें नगर निगम के पूर्व कर्मचारी और आरोपी अनुभाव मिश्रा के नमूने के हस्ताक्षर (स्पेसिमेन सिग्नेचर) और लिखावट (हैंडराइटिंग सैंपल) लेने की मांग की गई थी।
विज्ञापन




आरोपी अनुभाव मिश्रा ने गत 20 अगस्त को सीबीआई कोर्ट में आत्मसमर्पण (सरेंडर) किया था। सुनवाई के दौरान मिश्रा के वकील ने इस अर्जी पर अपनी नो ऑब्जेक्शन (कोई आपत्ति नहीं) दी थी। इसके बाद अदालत ने आदेश दिया कि जांच अधिकारी (आईओ) की मांग के अनुसार आरोपी के हस्ताक्षर और लिखावट के नमूने ड्यूटी मजिस्ट्रेट, चंडीगढ़ के समक्ष लिए जाएं, ताकि जांच को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा सके।
विज्ञापन




मां के घर को डी-सील करने की मांग पर नोटिस जारी



दूसरी ओर सुनवाई के दौरान आरोपी के वकील ने एक अन्य अर्जी दाखिल कर मोहाली के नया गांव स्थित आदर्श नगर में मौजूद उस मकान को डी-सील करने की गुंजाइश जताई, जो अनुभाव मिश्रा की माता के नाम पर है। इस मामले में सीबीआई कोर्ट ने जांच एजेंसी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। इसके अलावा, अदालत ने पुलिस रिमांड की अवधि के दौरान आरोपी को अपने वकील और बहन से प्रतिदिन मिलने की अनुमति देने से जुड़ी अर्जी को भी स्वीकार कर लिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन




क्या है पूरा मामला?


यह पूरा घोटाला तब सामने आया जब नगर निगम कमिश्नर ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड और नगर निगम के विभिन्न बैंक खातों का पैसा सेक्टर-32 स्थित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक शाखा में जमा था, जहां 116 करोड़ रुपये से अधिक की फर्जी एफडीआर (फिक्स्ड डिपॉजिट) तैयार की गईं।




जांच में सामने आया कि ये फर्जी एफडीआर मार्च और अप्रैल 2025 में तत्कालीन बैंक मैनेजर ऋषभ ऋषि द्वारा जारी की गई थीं, जबकि इस दौरान आरोपी अनुभाव मिश्रा इन एफडीआर का कस्टोडियन (रक्षक) था। फिलहाल इस मामले में सीबीआई बैंक अधिकारियों और मुख्य आरोपियों की भूमिका की गहराई से जांच कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed