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बीमार बच्ची की इलाज के दौरान हुई मौत
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मनीमाजरा। रविवार दोपहर मनीमाजरा के एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज के दौरान तीन वर्षीय बच्ची की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया। परिजनों ने डॉक्टर के खिलाफ गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी।
सेक्टर-26 निवासी मुनफैत ने बताया कि उनकी बच्ची तीन दिन से बीमार चल रही थी। कालोनी में एक डॉक्टर से इलाज भी करवा रहे थे। रविवार सुबह इलाज के लिए जीएमएचएस-16 लेकर गए। जहां पर डॉक्टरों ने बच्ची को दवाई दी और अल्ट्रासाउंड के लिए लिखा। बच्ची को वहां से लेकर पंचकूला सेक्टर- 5 के एक चैरिटेबल लैब में अल्ट्रासाउंड कराने के लिए ले गए, लेकिन रविवार होने के चलते लैब बंद थी। यहां से वह बच्ची को इलाज के लिए मनीमाजरा के एक निजी अस्पताल लेकर आए। आरोप है कि डॉक्टर द्वारा गलत इंजेक्शन लगाने पर बच्ची की हालात और भी खराब हो गई। इसके बाद डॉक्टर ने उन्हें मनीमाजरा सिविल अस्पताल लेकर जाने को कहा। इसके बाद वह बच्ची को मनीमाजरा सिविल अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया।
इस बारे में नीरज सरना, थाना प्रभारी, मनीमाजरा ने कहा कि बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस मामले में मेडिकल बोर्ड की टीम जांच करेगी और उनकी रिपोर्ट आने के बाद ही र्कारवाई की जाएगी।
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आरोपी डॉक्टर ने कहा- परिवार के कहने पर लगाया इंजेक्शन, जीएमसीएच- 32 या 16 ले जाने को कहा
इस मामले में प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टर का कहना है कि रविवार दोपहर साढ़े तीन बजे मुनफैत अपनी बच्ची को लेकर आया। उन्होंने तुरंत बच्ची को जीएमसीएच-32 या जीएमसीएच-16 में लेकर जाने को कहा। लेकिन बच्ची के परिवारवालों ने देखकर दवाई देने की बात की। इसके बाद परिजनों के कहने पर फर्स्टएड देते हुए इंजेक्शन लगाया और उनको जीएमसीएच- 32 या 16 अस्पताल में जाने के लिए कहा।
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सेक्टर-26 निवासी मुनफैत ने बताया कि उनकी बच्ची तीन दिन से बीमार चल रही थी। कालोनी में एक डॉक्टर से इलाज भी करवा रहे थे। रविवार सुबह इलाज के लिए जीएमएचएस-16 लेकर गए। जहां पर डॉक्टरों ने बच्ची को दवाई दी और अल्ट्रासाउंड के लिए लिखा। बच्ची को वहां से लेकर पंचकूला सेक्टर- 5 के एक चैरिटेबल लैब में अल्ट्रासाउंड कराने के लिए ले गए, लेकिन रविवार होने के चलते लैब बंद थी। यहां से वह बच्ची को इलाज के लिए मनीमाजरा के एक निजी अस्पताल लेकर आए। आरोप है कि डॉक्टर द्वारा गलत इंजेक्शन लगाने पर बच्ची की हालात और भी खराब हो गई। इसके बाद डॉक्टर ने उन्हें मनीमाजरा सिविल अस्पताल लेकर जाने को कहा। इसके बाद वह बच्ची को मनीमाजरा सिविल अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया।
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इस बारे में नीरज सरना, थाना प्रभारी, मनीमाजरा ने कहा कि बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस मामले में मेडिकल बोर्ड की टीम जांच करेगी और उनकी रिपोर्ट आने के बाद ही र्कारवाई की जाएगी।
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आरोपी डॉक्टर ने कहा- परिवार के कहने पर लगाया इंजेक्शन, जीएमसीएच- 32 या 16 ले जाने को कहा
इस मामले में प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टर का कहना है कि रविवार दोपहर साढ़े तीन बजे मुनफैत अपनी बच्ची को लेकर आया। उन्होंने तुरंत बच्ची को जीएमसीएच-32 या जीएमसीएच-16 में लेकर जाने को कहा। लेकिन बच्ची के परिवारवालों ने देखकर दवाई देने की बात की। इसके बाद परिजनों के कहने पर फर्स्टएड देते हुए इंजेक्शन लगाया और उनको जीएमसीएच- 32 या 16 अस्पताल में जाने के लिए कहा।