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कोठी कब्जाने का मामला : भाई के डीएसपी होने का सतपाल डागर ने उठाया फायदा, जमानत दी तो सुबूतों से कर सकता है छेड़छाड़

Tue, 08 Jun 2021 02:36 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Tue, 08 Jun 2021 02:36 AM IST
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Satpal Dagar took advantage of his brother being DSP, if granted bail, he can tamper with the evidence
चंडीगढ़। सेक्टर-37 में करोड़ों की कोठी कब्जाने के मामले में आरोपी सतपाल डागर की जमानत याचिका पर पुलिस ने सोमवार को जिला अदालत में जवाब दायर किया। पुलिस ने अपने जवाब में कहा कि सतपाल डागर और खलिंदर सिंह कादियान राजस्थान में माइनिंग का काम करते थे। राहुल मेहता और खलिंदर सिंह कादियान के ज्वाइंट बैंक खाते से सतपाल डागर के खाते में 16 लाख रुपये ट्रांसफर हुए थे।
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पुलिस ने यह भी कहा कि आरोपी ने अपने डीएसपी भाई के रुतबे का गलत फायदा उठाया है। दरअसल, सतपाल डागर का भाई चंडीगढ़ पुलिस में डीएसपी है। गुरप्रीत सिंह उर्फ नकली राहुल मेहता को भी सतपाल डागर ही लेकर आया था। वह उसका स्कूल के समय का दोस्त था। पुलिस ने कहा कि जमानत मिलने पर आरोपी सुबूतों से छेड़छाड़ कर सकता है, इसलिए उसे जमानत नहीं दी जानी चाहिए। हालांकि, सतपाल डागर के वकील ने कहा कि 16 लाख रुपये की राशि उनके मुवक्किल ने कर्ज के रूप में ली थी, जिसमें से सात लाख रुपये वापस भी कर दिए थे। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मामले की सुनवाई 10 जून तक के लिए स्थगित कर दी। अब जमानत पर फैसला अगली सुनवाई पर होगा। सतपाल डागर पर आरोप है कि उसने ही खलिंदर सिंह कादियान और नकली राहुल मेहता (गुरप्रीत सिंह) को आरोपियों से मिलवाकर कोठी कब्जाने में मदद की थी।
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दलजीत सिंह की गिरफ्तारी पर फैसला 10 जून को
मामले के अन्य आरोपी दलजीत सिंह उर्फ रूबल ने भी अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। जिस पर अदालत ने उसे 10 दिन की राहत दे दी थी। हालांकि, आरोपी ने अदालत में आकर अपने 164 के बयान भी दर्ज करवाए थे। आगे आरोपी की गिरफ्तारी होगी या नहीं, इसका फैसला अब 10 जून को होगा। दरअसल, दलजीत सिंह पर सुरजीत बाउंसर के साथ अन्य आरोपियों को राहुल मेहता के बारे में जानकारी देने का आरोप है। उसके बाद ही सभी आरोपियों ने कोठी को हड़पने की योजना बनाई थी।
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संजीव महाजन के नारको टेस्ट पर फैसला 14 जून को
उधर, सुरजीत हत्याकांड मामले में संजीव महाजन का नारको टेस्ट करवाने की याचिका पर 14 जून को सुनवाई होनी है। मामले में याची के वकील ने केस में जवाब देने पर समय मांगा था। सुरजीत बाउंसर की पत्नी ने संजीव महाजन पर सुरजीत की हत्या में शामिल होने का शक जताया था। इसे आधार बनाकर मलोया थाना पुलिस ने संजीव महाजन का दो दिन का रिमांड हासिल किया, लेकिन पुलिस पूछताछ में ऐसा कोई सुराग नहीं मिल सका, जिससे साबित हो सके कि संजीव का इस केस से कोई लेना-देना हो। इसके बाद पुलिस ने याचिका दायर कर संजीव महाजन का नारको टेस्ट करवाने की मांग की थी।
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