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शंख बजाने से फेफड़ों को मिलती है मजबूती, शरीर में बढ़ती है ऑक्सीजन की मात्रा

Mon, 31 May 2021 02:22 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Mon, 31 May 2021 02:22 AM IST
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Ringing the conch provides strength to the lungs, increases the amount of oxygen in the body
चंडीगढ़। कोविड का प्रकोप चल रहा है। ऐसे में फेफड़ों में संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। कोरोना का संक्रमण होने से शरीर में ऑक्सीजन की कमी आती है। ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के कई उपाय किए जा रहे हैं। इनमें से एक उपाय शंख भी है। शंख बजाने से शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा बेहतर होती है। शंख बजाने से चमत्कारी स्वास्थ्य लाभ मिलता है। सनातन धर्म में धार्मिक अनुष्ठानों मे शंख बजाने का विशेष महत्व है। शंख को बजाने पर वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है। दिन में दो बार सुबह, शाम को शंख बजाने का समय बहुत अच्छा है। कोविड काल में शंखों की मांग भी बढ़ गई है।
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यह कहते हैं योग गुरु, डॉक्टर और पुजारी
शंख बजाने से बढ़ती है फेफड़ों की कार्यक्षमता
शंख बजाने से प्राणायाम भी बहुत अच्छा होता है। शंख बजाते समय पूरक, कुंभक और रेचक हो जाता है। शंख बजाने से हमारे फेफड़ों की कार्य क्षमता बढ़ती है और फेफड़ों का विकास होता है। इससे सांस संबंधित रोगों में भी लाभ मिलता है। लोग लोग ज्यादा तनाव में होते हैं, उन्हें शंख जरूर बजाना चाहिए। घर की नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव कम होता है। थायराइड ग्रंथि स्वरयंत्र का व्यायाम होता है। चेहरे की झुर्रियां भी कम होती हैं। जब हम शंख बजाते हैं तो चेहरे की मांसपेशियां मे खिचांव आता है।
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-योगी नरेश शर्मा, अध्यक्ष, योग इंडिया फाउंडेशन भारत
शंख बजाने से बढ़ती है फेफड़ों की वाइटल क्षमता
कोविड महामारी के रोगियों के फेफड़े आक्रांत हो रहे हैं। ऐसे में फेफड़ों की वाइटल क्षमता या प्राणाधार क्षमता घट रही है। इसे बढ़ाने के लिए आयुर्वेद और योग के मत से शंख बजाना (फूंक मारना) शीतली योग करना या अनुलोम विलोम अपनी सामर्थ्य शक्ति के अनुसार करनी चाहिए। किसी विशेषज्ञ की देखरेख में इसे करना अधिक उपयुक्त होगा। दिन में दो बार 10 से 15 बार शंख बजाना चाहिए। आधुनिक चिकित्सक बैलून फूंकने के लिए भीकहते हैं।
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-डॉ. एसडी पांडेय, एमडी पीएचडी, प्रिंसिपल, देश भगत आयुर्वेदिक कॉलेज मंडी गोविंदगढ़
घ्ज्ञर में आती है सकारात्मक ऊर्जा
शंख बजाने से विषाणु मर जाते हैं। साथ ही घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है। शरीर के रोग और सांस की बीमारी ठीक तो होती ही है, इससे फेफड़े भी मजबूत होते हैं। साथ ही विषाणु भी मरते हैं। शंख बजाने के बहुत लाभ हैं। फेफड़ों मे ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ती है। गला और नाक मजबूत होता है। इस समय कोरोना काल में शंख बजाना बेहद लाभकारी है।

-पंडित किशोरी लाल, प्रमुख, गुग्गामाड़ी श्री हनुमान मंदिर, सेक्टर 20
कोविड के प्रसार के दौरान बढ़ी शंख की मांग
कोरोणा काल में शंख की मांग बढ़ी है। लेकिन मेरे पास शंख खत्म हो गए हैं। लॉक डाउन के कारण बाहर से माल नहीं आ पा रहा है। जब लॉकडाउन पूरी तरह से खुलेगा तभी सामान आ पाएगा।
पवन शास्त्री, पवन इंपोरियम, सेक्टर 20 चंडीगढ़।
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