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पंजाब यूनिवर्सिटी के स्पोर्ट्स डायरेक्टर का दिल का दौरा पड़ने से निधन, कोरोना को भी हरा चुके थे
Mon, 12 Oct 2020 12:15 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Mon, 12 Oct 2020 12:15 PM IST
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खेल निदेशक परमिंदर सिंह
- फोटो : अमर उजाला
पंजाब यूनिवर्सिटी में रविवार को उस समय शोक की लहर दौड़ गई जब स्पोर्ट्स डायरेक्टर डॉ. परमिंदर सिंह आहलुवालिया का 58 वर्ष की आयु में निधन हो गया। डॉ. परमिंदर को हाल ही में कोरोना भी हुआ था, जिसे उन्होंने मात दे दी थी। सोमवार को उनका क्वारंटाइन समय भी पूरा हो रहा था, लेकिन अचानक दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत हो गई।
मिलनसार और शांत प्रवृत्ति के धनी डॉ. परमिंदर कैंपस में प्रसिद्ध थे। वह अपने पीछे पत्नी, बेटा और बेटी छोड़ गए हैं। उन्होंने वर्ष 2015 में पीयू में स्पोर्ट्स डायरेक्टर का पद संभाला था। उन्होंने पीयू को खेल की दुनिया में टॉप पर लाने के लिए हरसंभव प्रयास किया।
उनके कार्यकाल में पीयू ने लगातार दो साल माका ट्राफी भी हासिल किया। आहलुवालिया खिलाड़ियों को हरसंभव सुविधा, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने में हमेशा आगे रहते थे। हर समय खिलाड़ियों की बेहतरी के लिए विभागीय साथियों के साथ मिलकर योजना बनाते रहते थे।
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पीयू का खेल विभाग का सितारा खो दिया
एक ऐसा साथी खो दिया है जो हर समय साथ खड़े रहते थे। उन्होंने अपने कार्यकाल में पीयू के लिए जो कार्य किया सराहनीय है। डॉ. परमिंदर निधन से पीयू ने खेल का मजबूत स्तंभ खो दिया है।
- प्रोफेसर राजकुमार, पीयू वीसी
कोचों और एसोसिएशनों ने जताया दुख
डॉ. परमिंदर सिंह के न रहने पर सिटी के हर खेल के काचों और खेल एसोसिएशनों ने दुख जताया है। कोचों ने कहा कि उन्हें अभी तक विश्वास नहीं हो रहा कि परमिंदर सिंह अब इस दुनिया में नहीं रहे।
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मिलनसार और शांत प्रवृत्ति के धनी डॉ. परमिंदर कैंपस में प्रसिद्ध थे। वह अपने पीछे पत्नी, बेटा और बेटी छोड़ गए हैं। उन्होंने वर्ष 2015 में पीयू में स्पोर्ट्स डायरेक्टर का पद संभाला था। उन्होंने पीयू को खेल की दुनिया में टॉप पर लाने के लिए हरसंभव प्रयास किया।
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उनके कार्यकाल में पीयू ने लगातार दो साल माका ट्राफी भी हासिल किया। आहलुवालिया खिलाड़ियों को हरसंभव सुविधा, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने में हमेशा आगे रहते थे। हर समय खिलाड़ियों की बेहतरी के लिए विभागीय साथियों के साथ मिलकर योजना बनाते रहते थे।
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पीयू का खेल विभाग का सितारा खो दिया
एक ऐसा साथी खो दिया है जो हर समय साथ खड़े रहते थे। उन्होंने अपने कार्यकाल में पीयू के लिए जो कार्य किया सराहनीय है। डॉ. परमिंदर निधन से पीयू ने खेल का मजबूत स्तंभ खो दिया है।
- प्रोफेसर राजकुमार, पीयू वीसी
कोचों और एसोसिएशनों ने जताया दुख
डॉ. परमिंदर सिंह के न रहने पर सिटी के हर खेल के काचों और खेल एसोसिएशनों ने दुख जताया है। कोचों ने कहा कि उन्हें अभी तक विश्वास नहीं हो रहा कि परमिंदर सिंह अब इस दुनिया में नहीं रहे।