{"_id":"5d451bcb8ebc3e6c914abc0d","slug":"punjab-haryana-high-court-statement-on-fourth-class-employee-transfer","type":"story","status":"publish","title_hn":"चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है तो क्या नियम ताक पर रख मनमाने तरीके से तबादला कर दोगे: हाईकोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है तो क्या नियम ताक पर रख मनमाने तरीके से तबादला कर दोगे: हाईकोर्ट
Sat, 03 Aug 2019 10:59 AM IST
खुशबू गोयल
विवेक शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
विवेक शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 03 Aug 2019 10:59 AM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी द्वारा स्वास्थ्य कारणों से बल्लभगढ़ से फिरोजपुर झिरका में तबादला लेने के एक सप्ताह के भीतर ही उसका ट्रांसफर सोहना करने पर हाईकोर्ट ने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। हाईकोर्ट ने तबादले पर रोक लगाते हुए कहा कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है तो क्या मनमाने तरीके से तबादला कर दिया जाएगा। मोहम्मद हारून ने एडवोकेट मोहम्मद अरशद के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए एक सप्ताह में हुए दो तबादलों को चुनौती दी है।
याची ने बताया कि वह डिस्ट्रिक्ट प्राइमरी एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट बैंक बल्लभगढ़ में चपरासी के पद पर तैनात था। स्वास्थ्य कारणों से उसका तबादला 13 जून को बल्लभगढ़ से फिरोजपुर झिरका कर दिया गया। याची को बल्लभगढ़ बैंक से रिलीव भी कर दिया गया लेकिन फिरोजपुर झिरका बैंक के मैनेजर ने उसे ज्वाइन नहीं करवाया। इसके बारे में उच्च अधिकारियों को सूचित किया गया लेकिन 21 जून को उसका तबादला सोहना ब्रांच में कर दिया गया।
याची ने कहा कि इस प्रकार एक सप्ताह में दो तबादले करना सीधे तौर पर एक सजा के समान है। खास तौर पर उस स्थिति में जब याची ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए ट्रांसफर लिया है। हाईकोर्ट ने इस पर कड़ा रवैया अपनाते हुए अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई और सीभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है। इसकेसाथ ही याची का तबादला सोहना करने के आदेश पर भी रोक लगा दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
याची ने बताया कि वह डिस्ट्रिक्ट प्राइमरी एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट बैंक बल्लभगढ़ में चपरासी के पद पर तैनात था। स्वास्थ्य कारणों से उसका तबादला 13 जून को बल्लभगढ़ से फिरोजपुर झिरका कर दिया गया। याची को बल्लभगढ़ बैंक से रिलीव भी कर दिया गया लेकिन फिरोजपुर झिरका बैंक के मैनेजर ने उसे ज्वाइन नहीं करवाया। इसके बारे में उच्च अधिकारियों को सूचित किया गया लेकिन 21 जून को उसका तबादला सोहना ब्रांच में कर दिया गया।
विज्ञापन
याची ने कहा कि इस प्रकार एक सप्ताह में दो तबादले करना सीधे तौर पर एक सजा के समान है। खास तौर पर उस स्थिति में जब याची ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए ट्रांसफर लिया है। हाईकोर्ट ने इस पर कड़ा रवैया अपनाते हुए अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई और सीभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है। इसकेसाथ ही याची का तबादला सोहना करने के आदेश पर भी रोक लगा दी है।
विज्ञापन