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कोटकपूरा गोलीकांड: सुखबीर बादल, पूर्व डीजीपी समेत छह आरोपियों को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत
Fri, 29 Sep 2023 01:52 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 29 Sep 2023 01:52 PM IST
सार
कोटकपूरा गोलीकांड में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल, पूर्व डीजीपी सुमेध सैनी, परमराज उमरानंगल, अमर सिंह चहल और सुखमंदर सिंह को अग्रिम जमानत दे दी है।
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट।
विस्तार
कोटकपूरा व बहिबलकलां गोलीकांड मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल, पूर्व डीजीपी सुमेध सैनी व अन्य को बड़ी राहत देते हुए उनकी अग्रिम जमानत याचिका को मंजूर कर लिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि अपराध की भयावहता निस्संदेह बहुत बड़ी थी लेकिन याचिकाकर्ताओं के खिलाफ ठोस सबूतों का अभाव है।
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हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल, पूर्व डीजीपी सुमेध सैनी, पूर्व एआईजी परमराज उमरानंगल व अन्य ने अग्रिम जमानत की मांग की थी। हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद अपना फैसला सुनाते हुए याचिकाकर्ताओं को जमानत दे दी। हाईकोर्ट ने सुखबीर बादल के बारे में अपने आदेश में कहा कि आरोप यह नहीं है कि सिख समुदाय और सिख धर्म में असीम आस्था रखने वाले अन्य लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए किसी अभियान का नेतृत्व किया जा रहा था।
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सबूतों की गुणवत्ता के आधार पर यह अदालत किसी भी साजिश के अस्तित्व का अनुमान नहीं लगा सकती है, इसे साबित करना ट्रायल कोर्ट के समक्ष अभियोजन पक्ष का काम है। जिन अन्य लोगों को अंतरिम जमानत दी गई है उनमें आईजीपी परमराज सिंह उमरानंगल, तत्कालीन डीआइजी अमर सिंह चहल और तत्कालीन एसएसपी सुखमिंदर सिंह मान और चरणजीत शर्मा शामिल हैं।
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हाईकोर्ट ने सवाल उठाते हुए कहा कि एसआईटी ने याचिकाकर्ताओं के खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला पाए जाने के बावजूद उन्हें गिरफ्तार नहीं करने का फैसला लिया और मजिस्ट्रेट के सामने रिपोर्ट पेश कर दी। जांच के दौरान यदि एसआईटी याचिकाकर्ताओं को गिरफ्तार करने में रुचि रखती तो इसके लिए उनको किसी ने नहीं रोका था। उस समय तक याचिकाकर्ताओं के पास कोर्ट से किसी तरह का अनुकूल अंतरिम आदेश नहीं था। एसआईटी की रिपोर्ट दाखिल होने के बाद मजिस्ट्रेट ने नोटिस जारी किया था जिसके बाद याचिकाकर्ताओं ने जमानत याचिका दाखिल की और उन्हें अंतरिम जमानत मिली।