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Hindi News ›   Chandigarh ›   Punjab Governor wrote letter to CM Mann and asked Why was Minister Aman Arora not removed

Punjab: राज्यपाल का सीएम मान को पत्र, पूछा- अमन अरोड़ा को अब तक क्यों नहीं हटाया? आपराधिक केस की रिपोर्ट तलब

Fri, 05 Jan 2024 10:07 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Fri, 05 Jan 2024 10:07 PM IST
सार

पंजाब के मंत्री अमन अरोड़ा और आठ अन्य को संगरूर जिले की एक अदालत ने 21 दिसंबर को 15 साल पुराने मामले में दो साल कैद की सजा सुनाई थी। अब इस मामले में राज्यपाल ने सीएम मान को पत्र लिखा और अमन अरोड़ा को पद से नहीं हटाने की वजह पूछी। अमन अरोड़ा के पास नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा, मुद्रण और स्टेशनरी, रोजगार सृजन और प्रशिक्षण व शासन सुधार विभाग की जिम्मेदारी है।  

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Punjab Governor wrote letter to CM Mann and asked Why was Minister Aman Arora not removed
पंजाब के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित व सीएम भगवंत मान। - फोटो : अमर उजाला (फाइल)

विस्तार

पंजाब के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान को पत्र लिखकर पूछा कि पारिवारिक विवाद मामले में हाल ही में दोषी ठहराए गए राज्य के कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा को उच्चतम न्यायालय के निर्देश के बावजूद उनकी सदस्यता से क्यों नहीं हटाया गया? उन्होंने इस आपराधिक केस की पूरी रिपोर्ट तलब की है। पुरोहित ने अपने पत्र में शीर्ष अदालत के फैसले का हवाला दिया है, जिसके अनुसार अगर किसी विधायक को दोषी ठहराया जाता है और निचली अदालत द्वारा कम से कम दो साल की कैद की सजा सुनाई जाती है तो उसकी सदस्यता छीन ली जाती है।

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उल्लेखनीय है कि पंजाब के मंत्री अमन अरोड़ा और आठ अन्य को संगरूर जिले की एक अदालत ने 21 दिसंबर को 15 साल पुराने मारपीट के मामले में दो साल कैद की सजा सुनाई थी। अरोड़ा के एक रिश्तेदार ने उन पर अपने घर में हमला करने का आरोप लगाया था। अमन अरोड़ा अभी नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा, मुद्रण और स्टेशनरी, रोजगार सृजन और प्रशिक्षण और शासन सुधार विभाग देख रहे हैं। 
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राज्यपाल ने मान को लिखा कि यह भारत के सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश का पालन न करने से जुड़ा एक गंभीर मामला है। क्या मुझे पूरे मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मिल सकती है? उन्होंने कहा कि कृपया आपराधिक मामले में कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा की सजा के संबंध में प्राप्त संलग्न प्रतिवेदन को देखें। राज्यपाल ने इसे मीडिया से साझा नहीं किया है। 

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पुरोहित ने लिखा कि 21 दिसंबर 2023 को एक अदालत ने अमन अरोड़ा को दो साल की सजा सुनाई थी और सक्षम उच्च न्यायालय ने अभी तक सजा पर रोक नहीं लगाई है। लिली थॉमस बनाम भारत संघ के मामले में भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के अनुसार अगर विधानसभा के सदस्यों को दोषी ठहराया जाता है और ट्रायल कोर्ट कम से कम दो साल की अवधि के लिए कारावास की सजा सुनाता है तो उन्हें सदस्यता से वंचित कर दिया जाता है।

26 जनवरी को राष्ट्रीय ध्वज फहराने जाने पर भी उठाया सवाल

राज्यपाल ने अमन अरोड़ा की ओर से 26 जनवरी को राष्ट्रीय ध्वज फहराए जाने पर भी सवाल उठाया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि एक अयोग्य विधायक को गणतंत्र दिवस जैसे महत्वपूर्ण दिवस पर राष्ट्र के प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व की अनुमति देना न सिर्फ न्याय प्रणाली की पवित्रता को कमजोर कर रहा है बल्कि नैतिक शासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता के संबंध में नागरिकों को गलत संदेश भी दे रहा है। सुनाम के उपमंडलीय न्यायिक मजिस्ट्रेट गुरभिंदर सिंह जोहल की अदालत ने पिछले महीने मंत्री के बहनोई राजिंदर दीपा की शिकायत पर दर्ज 2008 के एक मामले में अरोड़ा और आठ अन्य को दोषी ठहराया था। इस मामले में नौ लोगों पर आईपीसी की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था

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