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क्या मुख्यमंत्री को जमीन खरीदने की भी इजाजत नहीं: अमरिंदर सिंह
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 03 Feb 2018 10:02 PM IST
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Punjab CM Captain Amarinder Singh
- फोटो : File Photo
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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मोहाली में अपने जमीन सौदे में किसी भी तरह नियमों का उल्लंघन और हितों का टकराव होने को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि क्या मुख्यमंत्री को जमीन खरीदने के इजाजत नहीं है। सीएम ने कहा कि विपक्षी पार्टियां अपने घटिया सियासी हित साधने के लिए अनावश्यक विवाद खड़ा कर रही हैं।
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मोहाली के सिसवां गाव में फार्म हाउस बनाने के लिए जमीन खरीदी है। विपक्ष के नेता और आप विधायक सुखपाल खैरा ने इस खरीद में लैंडएक्ट के उल्लंघन का उल्लंघन का आरोप लगाया था। इस संबंध में शनिवार को अमरिंदर ने सफाई दी। मुख्यमंत्री ने कुछ पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत के दौरान कहा कि उन्होंने तो सिसवां में जमीन की खरीद के लिए किसानों को डीसी रेट से ज्यादा पैसे दिए हैं, जमीन के मालिक इसे बेचने को तैयार नहीं थे।
खरीदी गई जमीन का डीसी रेट 30 लाख रुपये प्रति एकड़ है, लेकिन उन्होंने दोगुना 60 लाख रुपये प्रति एकड़ अदा किए। इस जमीन का पीएलपीए से कोई सरोकार नहीं है। यहां एक छोटा फार्म हाउस बनाने की योजना है, क्योंकि उनके पास चंडीगढ़ में अपना घर नहीं है। उन्होंने कहा कि इस भूमि पर 32 किस्म के फलदार पौधे लगाए जा रहे हैं। साथ ही मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पीएसपीए के घेरे में आती वन भूमि का इस्तेमाल करने की उनकी कोई मंशा नहीं है। इस एक्ट के तहत दो खसरे इसके घेरे में आ गए हैं, जिन्हें कवर किए बिना छोड़ दिया गया है जबकि बाकी जमीन को पिछली सरकार ने बहुत पहले साल 2011 में डी-नोटिफाई कर दिया था।
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माजरी गांव में पहले से है 15 एकड़ जमीन
मुख्यमंत्री ने खुलासा किया कि उनके पास गांव माजरी में पहले ही 15 एकड़ जमीन है, जिसे उन्होंने 25 साल पहले खरीदा था। यह जमीनी रकबा पीएलपीए के नियमों से संबंधित है और इसी तरह जारी भी रहेगा। उन्होंने कहा कि सिसवां गांव में खरीदी गई जमीन में निर्माण के लिए सभी नियमों का पालन किया जाएगा।
पंजाब का बजट सत्र मार्च के दूसरे हफ्ते में
कैप्टन ने बताया कि पंजाब का बजट सत्र मार्च के दूसरे हफ्ते में होगा। एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने बताया कि मार्च के आरंभ में निर्धारित अगले रोजगार मेले के दौरान करीब 1.50 लाख नौकरियां दी जाएंगी।
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मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मोहाली के सिसवां गाव में फार्म हाउस बनाने के लिए जमीन खरीदी है। विपक्ष के नेता और आप विधायक सुखपाल खैरा ने इस खरीद में लैंडएक्ट के उल्लंघन का उल्लंघन का आरोप लगाया था। इस संबंध में शनिवार को अमरिंदर ने सफाई दी। मुख्यमंत्री ने कुछ पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत के दौरान कहा कि उन्होंने तो सिसवां में जमीन की खरीद के लिए किसानों को डीसी रेट से ज्यादा पैसे दिए हैं, जमीन के मालिक इसे बेचने को तैयार नहीं थे।
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खरीदी गई जमीन का डीसी रेट 30 लाख रुपये प्रति एकड़ है, लेकिन उन्होंने दोगुना 60 लाख रुपये प्रति एकड़ अदा किए। इस जमीन का पीएलपीए से कोई सरोकार नहीं है। यहां एक छोटा फार्म हाउस बनाने की योजना है, क्योंकि उनके पास चंडीगढ़ में अपना घर नहीं है। उन्होंने कहा कि इस भूमि पर 32 किस्म के फलदार पौधे लगाए जा रहे हैं। साथ ही मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पीएसपीए के घेरे में आती वन भूमि का इस्तेमाल करने की उनकी कोई मंशा नहीं है। इस एक्ट के तहत दो खसरे इसके घेरे में आ गए हैं, जिन्हें कवर किए बिना छोड़ दिया गया है जबकि बाकी जमीन को पिछली सरकार ने बहुत पहले साल 2011 में डी-नोटिफाई कर दिया था।
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माजरी गांव में पहले से है 15 एकड़ जमीन
मुख्यमंत्री ने खुलासा किया कि उनके पास गांव माजरी में पहले ही 15 एकड़ जमीन है, जिसे उन्होंने 25 साल पहले खरीदा था। यह जमीनी रकबा पीएलपीए के नियमों से संबंधित है और इसी तरह जारी भी रहेगा। उन्होंने कहा कि सिसवां गांव में खरीदी गई जमीन में निर्माण के लिए सभी नियमों का पालन किया जाएगा।
पंजाब का बजट सत्र मार्च के दूसरे हफ्ते में
कैप्टन ने बताया कि पंजाब का बजट सत्र मार्च के दूसरे हफ्ते में होगा। एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने बताया कि मार्च के आरंभ में निर्धारित अगले रोजगार मेले के दौरान करीब 1.50 लाख नौकरियां दी जाएंगी।