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जेम पोर्टल के ठेकेदारों के खिलाफ 25 को करेंगे प्रदर्शन, कोआर्डिनेशन कमेटी ने पंजाब सचिवालय के बाहर की नारेबाजी
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चंडीगढ़। जेम पोर्टल के ठेकेदारों की ओर से शोषित मुलाजिमों की लूट के खिलाफ बिजली मुलाजिमों ने पंजाब सचिवालय के बाहर प्रदर्शन किया। कोआर्डिनेशन कमेटी ऑफ गवर्नमेंट एंड एमसी इंप्लाइज एंड वर्कर्स यूटी के बैनर तले किए प्रदर्शन में नेताओं ने कहा कि यदि हमारी मांगें नहीं मानी गईं तो 25 सितंबर को विशाल प्रदर्शन होगा जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
प्रदर्शन में कोआर्डिनेशन कमेटी के प्रधान सतिंदर सिंह, महासचिव राकेश कुमार और चेयरमैन अनिल कुमार ने संबोधित किया। नेताओं ने कहा कि ठेकेदार की तरफ से मुलाजिमों को वेतन जारी करने के लिए पैसों की मांग की जा रही है। वर्करों के वेतन में कटौती की जा रही है। वेतन हर महीने की 20 तारीख के भी बाद दिया जाता है। जेम पोर्टल के समझौते अनुसार 15 आम छुट्टियां नहीं दी जातीं। पुराने ठेकेदार के बाद ठेका नया होने के वक्त नया ठेकेदार वर्करों से सेवाएं जारी रखने के लिए 5 से 15 हजार रुपये की मांग करता है। कुछ मामलों में वेतन 3 महीने बाद भी जारी नहीं किया जाता। ठेकेदार हर तरह से मुलाजिमों का शोषण कर रहे हैं। वहीं प्रशासन मूकदर्शक बनकर तमाशा देख रहा है।
राजनीति पार्टियों समेत शहर की सांसद भी चुप हैं, उन्हें इन सभी बातों की जानकारी है। डीसी रेट तुरंत रिवाइज किया जाए, नहीं तो वे जेम पोर्टल के खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे। इसके अलावा इलेक्ट्रिकल वर्कमेन यूनियन के प्रधान किशोरी लाल और चेयरमैन वरिंद्र बिष्ट के अलावा रघबीर सिंह और हरी मोहन ने संबोधित किया।
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प्रदर्शन में कोआर्डिनेशन कमेटी के प्रधान सतिंदर सिंह, महासचिव राकेश कुमार और चेयरमैन अनिल कुमार ने संबोधित किया। नेताओं ने कहा कि ठेकेदार की तरफ से मुलाजिमों को वेतन जारी करने के लिए पैसों की मांग की जा रही है। वर्करों के वेतन में कटौती की जा रही है। वेतन हर महीने की 20 तारीख के भी बाद दिया जाता है। जेम पोर्टल के समझौते अनुसार 15 आम छुट्टियां नहीं दी जातीं। पुराने ठेकेदार के बाद ठेका नया होने के वक्त नया ठेकेदार वर्करों से सेवाएं जारी रखने के लिए 5 से 15 हजार रुपये की मांग करता है। कुछ मामलों में वेतन 3 महीने बाद भी जारी नहीं किया जाता। ठेकेदार हर तरह से मुलाजिमों का शोषण कर रहे हैं। वहीं प्रशासन मूकदर्शक बनकर तमाशा देख रहा है।
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राजनीति पार्टियों समेत शहर की सांसद भी चुप हैं, उन्हें इन सभी बातों की जानकारी है। डीसी रेट तुरंत रिवाइज किया जाए, नहीं तो वे जेम पोर्टल के खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे। इसके अलावा इलेक्ट्रिकल वर्कमेन यूनियन के प्रधान किशोरी लाल और चेयरमैन वरिंद्र बिष्ट के अलावा रघबीर सिंह और हरी मोहन ने संबोधित किया।
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