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पीयू के यूआईएएमएस विभाग में दो साल से पीएचडी बंद, छात्रों का हो रहा नुकसान

Tue, 11 Jan 2022 02:15 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Tue, 11 Jan 2022 02:15 AM IST
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PhD closed in PU's UIAMS department for two years, loss of students
चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी के यूआईएएमएस विभाग में लगभग दो साल से पीएचडी बंद है। इससे छात्रों का नुकसान हो रहा है। साथ ही विभाग को शोध के क्षेत्र में कुछ नया करने का मौका नहीं मिला रहा है। इस प्रकरण को सीनेटर डॉ. निधि गौतम ने पीयू के सामने प्रमुखता से रखा है। उन्होंने कहा है कि पीएचडी जल्द से जल्द शुरू करवाई जाए। साथ छात्रों की भर्ती करने, कोर्स वर्क कराने से लेकर अन्य कार्य विभाग के जिम्मे होने चाहिए। किसी दूसरे विभाग के जरिए छात्रों का चयन नहीं होना चाहिए।
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पीयू का यूआईएएमएस विभाग मैनेजमेंट से एमबीए कराता है। यहां छह ट्रेड का प्रशिक्षण दिया जाता है। एमबीए आईटी, इंफ्रास्ट्रक्चर, रिटेज, बैंकिंग आदि शामिल हैं। बताते हैं कि वर्ष 2016 में दबाव बनाने के बाद से वर्ष 2018 में फैकल्टी को पीएचडी शुरू करने में कामयाबी मिली, लेकिन चार ही ट्रेड के लिए अनुमति मिली थी। इन शोधार्थियों का चयन यूबीएस विभाग की ओर से कर कोर्स वर्क के लिए विभाग को भेजा जा रहा था। दो साल तक पीएचडी हर ट्रेड में एक-दो सीटों के साथ चलती रही, लेकिन बाद में कमेटी बना इसे बंद कर दिया गया।
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लगभग दो साल से यह पीएचडी बंद है। ऐसे में नए शोधार्थियों को मौका नहीं मिल रहा। विभाग भी शोध के जरिए अपनी उपलब्धि नहीं गिना पा रहा है। इसी को देखते हुए सीनेट डॉ. निधि गौतम ने यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया है। उन्होंने कहा है कि पीयू जल्द से जल्द इस पर निर्णय ले। यूआईएएमएस को यूबीएस विभाग से मुक्त किया जाए और हर निर्णय विभाग को लेने दिया जाए। उन्होंने उदाहरण दिया है कि यूआईईटी से दो ब्रांच और लगी हैं लेकिन वहां विद्यार्थियों के चयन का अधिकारी उन ब्रांचों के पास है। इसी तरह विज्ञान संकाय है लेकिन उससे जुड़े विभाग खुद ही शोधार्थियों का चयन करते हैं। पीयू ने इस पर उन्हें आश्वासन दिया है। बताया जाता है कि कमेटी बनाकर इस पर निर्णय लिया जाएगा।
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