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एक्साइज पॉलिसी के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका, वजह जानकर सरकार भी चौंकी

Wed, 05 Apr 2017 10:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 05 Apr 2017 10:14 AM IST
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petition filed in punjab haryana highcourt against haryana govt excise policy 2017-18
कोर्ट - फोटो : demo pics
साल 2017-18 के लिए बनाई एक्साइज पॉलिसी अब एल1बीएफ लाइसेंस के खिलाफ एक और याचिका पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गई है। सिंगल एंटीटी (एक फर्म या एक व्यक्ति) को अलॉट करने के प्रावधान को चुनौती देते हुए याचिका दायर की गई।
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इस लाइसेंस को राज्य में विदेशी प्रीमियम शराब की खरीद पर एकाधिकार देने वाला करार देते हुए इसे खारिज करने की अपील की गई। याचिका पर हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार सहित अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर 5 अप्रैल तक जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
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नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया के बाद अब होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन हरियाणा ने एडवोकेट विक्रम जैन के माध्यम से याचिका दाखिल कर कहा कि हरियाणा सरकार ने 2017-18 की एक्साइज पालिसी में एल-1 बीएफ लाइसेंस का ऐसा प्रावधान बनाया है, जिससे विदेशी प्रीमियम शराब के दामों में बेतहाशा बढ़ोतरी हो जाएगी।
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एल-1 बीएफ लाइसेंस धारक विदेश से प्रीमियम शराब आयात कर अन्य लाइसेंस धारकों को सप्लाई करने के लिए अधिकृत होता है। उसके अलावा कोई भी विदेशी शराब को आयात नहीं कर सकता है।

पहले ओपन रखे जाते थे, अब सिर्फ एक को देने का फैसला

petition filed in punjab haryana highcourt against haryana govt excise policy 2017-18
हाईकोर्ट - फोटो : file photo
याची की दलील रही कि 2017-18 की पॉलिसी से पहले एल-1 बीएफ लाइसेंस ओपन रखे जाते थे और इसके लिए 10 लाख का रिजर्व प्राइज रखा जाता था। प्रतियोगिता होने के चलते कम दामों पर शराब की सप्लाई का प्रेशर रहता था, जिसका सीधा फायदा उपभोक्ता को मिलता था। इस बार यह लाइसेंस केवल एक एंटीटी को देने का फैसला लिया गया है, जिससे राज्य में विदेशी शराब के आयात पर एकाधिकार हो जाएगा।

लाइसेंस धारक केवल वही शराब आयात करेगा, जिसमें उसे फायदा होगा और उसे मनमाने दामों पर बेचेगा। इतना ही नहीं इस लाइसेंस की रिजर्व प्राइज 50 करोड़ रखी गई है ताकि केवल बड़े खिलाड़ी ही इस लाइसेंस को प्राप्त कर सकें। याची ने कहा कि उन्होंने इससे पहले कभी नहीं सुना कि किसी लाइसेंस की फीस में 50 हजार प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई हो।

याची ने कहा कि उनके अनुमान के अनुसार इस प्रक्रिया के चलते 20 हजार की शराब की कीमत 50 हजार तक पहुंच जाएगी। याची ने कहा कि इससे पूर्व पंजाब की एक्साइज पॉलिसी मामले में हाईकोर्ट स्पष्ट कर चुका था कि एकाधिकार की पद्धति अपनाने से बचा जाए और सरकार पूरी कोशिश करे कि शराब के कारोबार में किसी भी तरह से एकाधिकार न हो पाए।
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