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Chandigarh News: सर्जरी के बाद नहीं रखा मरीज का ध्यान, हाथ काटने की स्थिति बनी, देने होंगे 1.40 लाख रुपये
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चंडीगढ़। लेजर लाइट से सर्जरी के बाद आईसीयू में मरीज का ध्यान रखने में लापरवाही से हाथ काटने की नौबत बन गई थी। जिला उपभोक्ता आयोग ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए सेक्टर-26 होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल को सेवा में कोताही का दोषी करार दिया है। आयोग ने अस्पताल को शिकायतकर्ता को 1.40 लाख रुपये नौ प्रतिशत ब्याज के साथ हर्जाना देने के आदेश दिए हैं। इसके साथ केस में खर्च दस हजार रुपये देने होंगे।
सेक्टर-40 निवासी आंचल सैनी ने जिला उपभोक्ता आयोग को दी शिकायत में बताया कि तेरा ही तेरा मिशन अस्पताल में डॉक्टर ने लेजर ऑपरेशन की सलाह दी। डॉक्टर की सलाह के बाद उन्होंने जनवरी 2023 में सेक्टर-26 होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में 50 हजार रुपये भुगतान कर सर्जरी करवाई। मरीज को ऑपरेशन के बाद आईसीयू में स्थानांतरित कर दिया, जहां उसके हाथ में एक ड्रिप लगाई गई थी और माता-पिता को आईसीयू के बाहर इंतजार करने के लिए कहा गया। आईसीयू में सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक मिलने का ही समय दिया गया था। शिकायतकर्ता के माता-पिता बाहर बैठने की जगह पर इंतजार कर रहे थे। इस दौरान शिकायतकर्ता को जब होश आया तो उसे दर्द महसूस हो रहा था, उसने मदद के लिए पुकारा लेकिन आसपास कोई नहीं था। चूंकि यह आईसीयू था, इसलिए किसी को भी अंदर आने की इजाजत नहीं थी। मरीज का दाहिना हाथ काला पड़ गया। इसके बाद नर्स ने दाहिने हाथ से ड्रिप निकालकर पट्टी बांध दी और झूठा आश्वासन दिया कि सब कुछ ठीक है। हाथ देखकर शिकायतकर्ता की मां डर गई। कुछ घंटे के बाद प्लास्टिक सर्जन देखने पहुंचे। उन्होंने कहा कि मरीज कम्पार्टमेंट सिंड्रोम राइट अपर लिम्ब का शिकार हो गया है, इसलिए इमरजेंसी में ऑपरेशन करना होगा, अगर ऐसा नहीं किया तो हाथ काटना होगा।
इसके बाद 30 जनवरी को शिकायतकर्ता को छुट्टी दे दी गई और डिस्चार्ज के समय, दूसरे ऑपरेशन का खर्च माफ कर दिया गया, जो लिखित में दिया गया लेकिन बाद में दवाइयों का खर्च देने से मना कर दिया। मामले की सुनवाई करते हुए सेक्टर -26 होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल को सेवा में कोताही बरतने का दोषी करार दिया है। इसके साथ आयोग ने अस्पताल को शिकायतकर्ता को 1.40 लाख रुपये नौ प्रतिशत ब्याज देने के साथ हर्जाना देने के आदेश दिए है। इसके साथ केस में खर्च दस हजार रुपये देने के आदेश दिए हैं।
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सेक्टर-40 निवासी आंचल सैनी ने जिला उपभोक्ता आयोग को दी शिकायत में बताया कि तेरा ही तेरा मिशन अस्पताल में डॉक्टर ने लेजर ऑपरेशन की सलाह दी। डॉक्टर की सलाह के बाद उन्होंने जनवरी 2023 में सेक्टर-26 होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में 50 हजार रुपये भुगतान कर सर्जरी करवाई। मरीज को ऑपरेशन के बाद आईसीयू में स्थानांतरित कर दिया, जहां उसके हाथ में एक ड्रिप लगाई गई थी और माता-पिता को आईसीयू के बाहर इंतजार करने के लिए कहा गया। आईसीयू में सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक मिलने का ही समय दिया गया था। शिकायतकर्ता के माता-पिता बाहर बैठने की जगह पर इंतजार कर रहे थे। इस दौरान शिकायतकर्ता को जब होश आया तो उसे दर्द महसूस हो रहा था, उसने मदद के लिए पुकारा लेकिन आसपास कोई नहीं था। चूंकि यह आईसीयू था, इसलिए किसी को भी अंदर आने की इजाजत नहीं थी। मरीज का दाहिना हाथ काला पड़ गया। इसके बाद नर्स ने दाहिने हाथ से ड्रिप निकालकर पट्टी बांध दी और झूठा आश्वासन दिया कि सब कुछ ठीक है। हाथ देखकर शिकायतकर्ता की मां डर गई। कुछ घंटे के बाद प्लास्टिक सर्जन देखने पहुंचे। उन्होंने कहा कि मरीज कम्पार्टमेंट सिंड्रोम राइट अपर लिम्ब का शिकार हो गया है, इसलिए इमरजेंसी में ऑपरेशन करना होगा, अगर ऐसा नहीं किया तो हाथ काटना होगा।
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इसके बाद 30 जनवरी को शिकायतकर्ता को छुट्टी दे दी गई और डिस्चार्ज के समय, दूसरे ऑपरेशन का खर्च माफ कर दिया गया, जो लिखित में दिया गया लेकिन बाद में दवाइयों का खर्च देने से मना कर दिया। मामले की सुनवाई करते हुए सेक्टर -26 होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल को सेवा में कोताही बरतने का दोषी करार दिया है। इसके साथ आयोग ने अस्पताल को शिकायतकर्ता को 1.40 लाख रुपये नौ प्रतिशत ब्याज देने के साथ हर्जाना देने के आदेश दिए है। इसके साथ केस में खर्च दस हजार रुपये देने के आदेश दिए हैं।
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